नीट पेपर लीक मामले में अभी तक कांग्रेस पार्टी की ओर से मुखर आवाज उठा रहे राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने इस मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक चिट्ठी लिखी है। कांग्रेस सांसद ने इस चिट्ठी के जरिए भारत सरकार से पिछले आठ सालों में NTA द्वारा आयोजित परीक्षाओं में पेपर लीक और गड़बड़ियों पर एक व्हाइट पेपर जारी करने की अपील की है।
कांग्रेस सांसद ने जांच और गिरफ्तारी की भी मांगी जानकारी
दिग्विजय सिंह ने इस चिट्ठी के जरिए उन मामलों में होने वाली जांच, गिरफ्तारी, चार्जशीट या क्लोजर रिपोर्ट और आरोपी लोगों की स्थिति के बारे में भी जानकारी मांगी है और कहा है कि सरकार अगर यह ट्रांसपेरेंसी रखती है तो एग्जामिनेशन सिस्टम में स्टूडेंट्स का भरोसा वापस लाने में मदद मिलेगी।
छात्रों का विश्वास फिर मजबूत करना होगा
नीट पेपर लीक मामले में को लेकर शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल संबंधी संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह ने कहा कि इस पेपर के लीक होने की वजह से सरकार ने परीक्षा को रद्द करने का जो फैसला लिया था उससे छात्रों का विश्वास टूटा है और अगर सरकार को अपना विश्वास हासिल करना है तो उनके सामने ट्रांसपेरेसी रखनी होगी ताकि उनका विश्वास मजबूत हो सके। इसी क्रम में दिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखी है।
बच्चों की मेंटल हेल्थ पर पड़ा है असर
इस लेटर में दिग्विजय सिंह ने कहा है कि परीक्षा कैंसिल होने से लाखों स्टूडेंट्स की मेंटल हेल्थ पर बुरा असर पड़ा है और पिछली पेपर लीक जांच का कोई कंसोलिडेटेड पब्लिक रिकॉर्ड न होने से उनकी परेशानी और बढ़ रही है। सिंह ने आगे लिखा कि फिलहाल पेपर लीक से जुड़े मामलों और CBI और भारत सरकार और राज्य सरकारों की दूसरी जांच एजेंसियों द्वारा उन पर कैसे केस चलाया जा रहा है, इसका कोई कंसोलिडेटेड पब्लिक रिकॉर्ड नहीं है। ऑफिशियल जानकारी के न होने के बीच, बहुत सारी रिपोर्ट और अफवाहें फैल गई हैं।
क्या होता है सरकार से व्हाइट पेपर जारी कराने का मतलब?
अक्सर विपक्ष में बैठी पार्टियां सत्ताधारी पक्ष से किसी मामले में व्हाइट पेपर जारी करने की मांग करती हैं। व्हाइट पेपर से मतलब एक आधिकारिक सरकारी या संस्थागत रिपोर्ट से है जिसे किसी गंभीर मुद्दे पर विस्तृत जानकारी, विश्लेषण और तथ्य के साथ जारी किया जाता है। आसान भाषा में अगर इसे समझने की कोशिश करें तो किसी भी मुद्दे पर सत्ताधारी पार्टी की ओर से जारी की जाने वाली विस्तृत रिपोर्ट को जिसमें उस मुद्दे से जुड़ी पूरी सच्चाई हो उसे व्हाइट पेपर कहा जाता है। व्हाइट पेपर जारी किए जाने का मकसद जनता के सामने उस मुद्दे से जुड़ी पारदर्शिता को लाने का होता है।
