केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) ने कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (DoPT) को अहम सिफारिश करते हुए कहा है कि संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा (CSE) के फाइनल रिजल्ट में सब-कास्ट (उप-जाति) से जुड़ा डेटा भी शामिल किया जाए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आरक्षण (Reservation) का लाभ बड़ी जाति ठिकानों के भीतर ज्यादा विविध समुदायों तक पहुंचे।

RTI अपील से उठा मुद्दा

यह मामला एक RTI (सूचना का अधिकार) आवेदन से जुड़ा है, जिसमें आवेदक ने 1995 की UPSC सिविल सेवा परीक्षा के जरिए भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में चयनित उम्मीदवारों की जाति-वार जानकारी मांगी थी।

सुनवाई के दौरान DoPT ने बताया कि उनके पास डेटा केवल व्यापक श्रेणियों , जैसे SC, ST और OBC के स्तर पर ही उपलब्ध है, उप-जाति स्तर पर नहीं। साथ ही, 1995 के पुराने रिकॉर्ड भी उपलब्ध नहीं हैं।

DoPT का जवाब क्या रहा?

DoPT ने आयोग को बताया कि, 1995 के रिकॉर्ड ट्रेस नहीं किए जा सके और डेटा केवल SC/ST/OBC जैसी बड़ी कैटेगरी में ही रखा जाता है। 2017 से आगे के CSE (Civil Services Exam) के उम्मीदवारों की सूची, उनकी कैटेगरी के साथ, विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध है।

CIC ने क्या कहा?

सीआईसी ने अपने आदेश में कहा कि, वर्तमान में उप-जाति का डेटा रिकॉर्ड में उपलब्ध नहीं है लेकिन भविष्य में इसे शामिल करने की “संभावना” है। आयोग ने स्पष्ट किया कि यदि फाइनल रिजल्ट में सब-कास्ट डेटा जोड़ा जाता है, तो इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और यह समझने में मदद मिलेगी कि आरक्षण का लाभ किन-किन समुदायों तक पहुंच रहा है।

क्यों महत्वपूर्ण है यह सिफारिश?

सीआईसी का मानना है कि, बड़ी कैटेगरी (SC/ST/OBC) के अंदर भी कई उप-समुदाय होते हैं, जिसके चलते कई बार आरक्षण का लाभ सीमित समूहों तक ही रह जाता है। सब-कास्ट डेटा से यह पता चलेगा कि किन समुदायों को कम लाभ मिल रहा है। इससे सरकार भविष्य में आरक्षण नीतियों को और संतुलित बना सकती है।

क्या बदलेगा आगे?

अगर DoPT इस सिफारिश को लागू करता है, तो यूपीएससी रिजल्ट और अधिक विस्तृत और पारदर्शी होंगे और नीति निर्धारण में बेहतर डेटा उपलब्ध होगा, जिससे सामाजिक न्याय को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

CIC का अंतिम फैसला

सीआईसी ने यह भी स्पष्ट किया कि, आरटीआई मामले में DoPT की ओर से दी गई जानकारी में कोई कमी नहीं पाई गई, इसलिए अपील को समाप्त कर दिया गया है।

यूपीएससी सीएसई रिजल्ट में बड़ा बदलाव संभव

CIC ने UPSC नतीजों में उप-जाति के डेटा को शामिल करने की सिफ़ारिश की; DoPT को निर्देश दिया कि आरक्षण का लाभ ज़्यादा समुदायों तक पहुँचे। RTI अपील और सरकार का जवाब जानें।