केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 10वीं के छात्रों के लिए बड़ा फैसला लेते हुए स्पष्ट किया है कि वर्ष 2026 से शुरू होने वाली दो-बोर्ड परीक्षा प्रणाली में पहली बोर्ड परीक्षा में शामिल होना अनिवार्य होगा। बोर्ड के अनुसार, यदि कोई छात्र पहले चरण की परीक्षा में कम से कम तीन विषयों में उपस्थित नहीं होता है, तो उसे ‘अनिवार्य पुनरावृत्ति’ (Mandatory Repeat) श्रेणी में रखा जाएगा और वह दूसरे चरण की परीक्षा में बैठने के लिए पात्र नहीं होगा।
क्या है नया नियम?
CBSE 2026 से कक्षा 10वीं के लिए दो बोर्ड परीक्षाओं की व्यवस्था लागू करने जा रहा है। इसका उद्देश्य छात्रों को प्रदर्शन सुधारने का अवसर देना है।
CBSE के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने कहा, “सभी विद्यार्थियों के लिए पहली बोर्ड परीक्षा में उपस्थित होना अनिवार्य है। जो छात्र उत्तीर्ण और पात्र होंगे, उन्हें विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान और भाषाओं में से किसी भी तीन विषयों में प्रदर्शन सुधारने का अवसर दिया जाएगा।”
किन छात्रों को नहीं मिलेगी दूसरी परीक्षा में बैठने की अनुमति?
जो छात्र पहली परीक्षा में तीन या अधिक विषयों में अनुपस्थित रहेंगे, ऐसे छात्रों को ‘अनिवार्य पुनरावृत्ति’ श्रेणी में रखा जाएगा और वे छात्र अगले वर्ष फरवरी में आयोजित मुख्य परीक्षा में ही शामिल हो सकेंगे।
दो-बोर्ड परीक्षा प्रणाली का उद्देश्य
CBSE द्वारा लागू की जा रही यह नई प्रणाली राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप है। इसका मकसद:
छात्रों पर परीक्षा का दबाव कम करना
एक ही परीक्षा पर निर्भरता समाप्त करना
बेहतर प्रदर्शन के लिए दूसरा अवसर देना
समग्र मूल्यांकन प्रणाली को मजबूत बनाना
संभावित परीक्षा पैटर्न (अनुमानित)
| चरण | संभावित समय | उद्देश्य |
| प्रथम बोर्ड परीक्षा | फरवरी-मार्च 2026 | मुख्य परीक्षा |
| द्वितीय बोर्ड परीक्षा | मई-जून 2026 | प्रदर्शन सुधार का अवसर |
(अंतिम तिथियां CBSE की आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार घोषित की जाएंगी)
छात्रों के लिए जरूरी निर्देश
पहली परीक्षा को “वैकल्पिक” समझने की गलती न करें
कम से कम तीन विषयों में उपस्थिति अनिवार्य है
अनुपस्थिति की स्थिति में मेडिकल या विशेष कारणों के लिए भी बोर्ड की अनुमति आवश्यक होगी
एडमिट कार्ड और परीक्षा समय से जुड़ी जानकारी नियमित रूप से आधिकारिक वेबसाइट पर देखें
यह फैसला क्यों महत्वपूर्ण है?
पिछले कुछ समय से बोर्ड को कई अनुरोध प्राप्त हुए थे, जिनमें छात्रों ने पहली परीक्षा में अनुपस्थित रहने पर सीधे दूसरी परीक्षा में बैठने की अनुमति मांगी थी। इन अनुरोधों के बाद बोर्ड ने स्पष्ट कर दिया है कि पहली परीक्षा में शामिल होना हर छात्र के लिए जरूरी है।
CBSE Two Board Exam Policy 2026 FAQ
Q1. क्या कक्षा 10वीं के छात्रों के लिए पहली बोर्ड परीक्षा देना अनिवार्य है?
A. हां, CBSE ने स्पष्ट किया है कि पहली परीक्षा में शामिल होना अनिवार्य है।
Q2. क्या छात्र सीधे दूसरी परीक्षा में बैठ सकते हैं?
A. नहीं, यदि छात्र पहली परीक्षा में तीन या अधिक विषयों में अनुपस्थित रहते हैं तो उन्हें दूसरी परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
Q3. दूसरी परीक्षा का उद्देश्य क्या है?
A. यह परीक्षा प्रदर्शन सुधार (Improvement) के लिए है।
Q4. किन विषयों में सुधार का अवसर मिलेगा?
A. विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान और भाषाओं में से किसी भी तीन विषयों में।
Q5. ‘अनिवार्य पुनरावृत्ति’ का क्या मतलब है?
A. ऐसे छात्रों को अगली मुख्य बोर्ड परीक्षा (अगले वर्ष फरवरी) में ही दोबारा परीक्षा देने का अवसर मिलेगा।
