केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी CBSE ने 1 जुलाई 2026 से लागू होने जा रही थ्री लैंग्वेज पॉलिसी (Three Language Policy) पर एक बड़ा अपडेट जारी किया है। सोमवार को बोर्ड ने इस अपडेट से जुड़ी अधिसूचना जारी की। बोर्ड के मुताबिक, कक्षा 10वीं के मौजूदा सत्र पर तीन-भाषा पॉलिसी लागू नहीं होगी। बोर्ड ने वर्तमान में कक्षा 7, 8 और 9 में पढ़ने वाले छात्रों को भी राहत देते हुए यह साफ किया है कि जब वे आगे चलकर कक्षा 10 में पहुंचेंगे, तब उन्हें तीसरी भाषा (R3) के लिए किसी भी तरह की बोर्ड परीक्षा नहीं देनी होगी।

फॉरेन लैंग्वेज कॉम्बिनेशन बदलने की जरूरत नहीं होगी

कक्षा 7वीं, 8वीं और 9वीं के स्टूडेंट्स को 10वीं क्लास में अपने फॉरेन लैंग्वेज कॉम्बिनेशन को बदलने की जरूरत नहीं होगी। अर्थात, जो छात्र अभी 7वीं, 8वीं और 9वीं क्लास में लैंग्वेज कॉम्बिनेशन पढ़ रहे हैं, उन्हें 10वीं में भी वहीं कॉम्बिनेशन पढ़ना होगा। थ्री लैंग्वेज पॉलिसी उन छात्रों पर लागू होगी जो इस साल 6वीं में एडमिशन लेंगे।

10वीं में वही रहेगा विदेशी भाषा का कॉम्बिनेशन

बोर्ड के अधिकारियों के मुताबिक, कक्षा 7वीं, 8वीं और 9वीं के वह स्टूडेंट्स जिन्होंने थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी के तहत दो विदेशी भाषाएं पढ़ने का ऑप्शन चुना है उन्हें 10वीं में भी उसी विदेशी भाषा के कॉम्बिनेशन के साथ पढ़ाई जारी रख सकेंगे। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के मुताबिक, 1 जुलाई से लागू होने वाली थ्री लैंग्वेज पॉलिसी सिर्फ उन छात्रों पर लागू होगी जो इस साल छठी क्लास में एडमिशन ले रहे हैं।

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स्टूडेंट्स और पैरेंट्स पहुंचे थे कोर्ट

बता दें कि बोर्ड की ओर से यह घोषणा की गई थी कि 1 जुलाई से क्लास 9 के स्टूडेंट्स के लिए कम से कम तीन भाषाएं पढ़ना अनिवार्य रहेगा जिसमें दो देसी लैंग्वेज और एक विदेशी लैंग्वेज शामिल है। बोर्ड के इस फैसले के खिलाफ कई स्टूडेंट्स और पेरेंट्स ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। बोर्ड के इस नियम में आया यह नया डेवलेपमेंट स्टूडेंट्स और पैरेंट्स के कोर्ट जाने के बाद ही आया है।

सीबीएसई बोर्ड के एक सीनियर अधिकारी ने कहा है, “नई लैंग्वेज पॉलिसी के तहत कम से कम दो भारतीय भाषाएं पढ़ने की जरूरत क्लास 6वीं से लागू होगी और क्लास 7 से 9 में पहले से पढ़ रहे स्टूडेंट्स पर इसे लागू नहीं किया जाएगा।”

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मई में जारी सर्कुलर में क्या कहा गया था?

सीबीएसई बोर्ड ने 15 मई को जारी किए एक सर्कुलर में कहा था कि जो स्टूडेंट्स कोई विदेशी भाषा पढ़ना चाहते हैं, वे दो भारतीय भाषाएं पूरी करने के बाद ही तीसरी भाषा के तौर पर या ऑप्शनल चौथी भाषा के तौर पर ऐसा कर सकते हैं। अप्रैल में, CBSE ने क्लास 6 से तीन-भाषा वाले फॉर्मूले को धीरे-धीरे लागू करने की घोषणा की थी। साथ ही 2026-27 एकेडमिक सेशन से क्लास 9 में मैथ और साइंस के लिए दो-लेवल का सिस्टम शुरू करने की भी घोषणा की थी।

इस प्रस्तावित स्ट्रक्चर के तहत मैथ और साइंस के दो लेवल होंगे: एक जरूरी स्टैंडर्ड कोर्स और एक ऑप्शनल एडवांस्ड कोर्स। सभी स्टूडेंट्स एक कॉमन 80-मार्क्स का एग्जाम देंगे। हालांकि जो लोग ज्यादा काबिलियत चाहते हैं, वे एक एक्स्ट्रा एडवांस्ड-लेवल पेपर चुन सकते हैं, जो गहरी कॉन्सेप्चुअल समझ और हायर-ऑर्डर थिंकिंग स्किल्स को असेस करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।