सीबीएसई के री-इवैल्यूएशन (पुनर्मूल्यांकन) पोर्टल पर 44 हजार के करीब रिक्वेस्ट सबमिट की जा चुकी है। यह जानकारी बोर्ड की ओर से बुधवार को दी गई। बोर्ड ने बताया कि बुधवार दोपहर तक लगभग 44 हजार स्टूडेंट्स की रिक्वेस्ट को सबमिट किया जा चुका है। इसमें वेरिफिकेशन के लिए 4,924 और री-इवैल्यूएशन के लिए 39,056 एप्लीकेशन सबमिट हुए हैं। बता दें कि सीबीएसई का री-इवैल्यूएशन पोर्टल 2 जून से ओपन हुआ था। सीबीएसई की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, 3 जून दोपहर 12 बजे तक कुल 43,980 एप्लीकेशन सबमिट हो गए।
स्टूडेंट्स और पैरेंट्स रिपोर्ट कर रहे हैं समस्याएं
बता दें कि सीबीएसई का री-इवैल्यूएशन पोर्टल पहले 29 मई को खुलना था। फिर इसके खुलने की डेट 1 जून तय हुई, लेकिन इसके बाद भी इसमें देरी हुई और फिर 2 जून को ये पोर्टल ओपन किया गया। 2 जून को 3 बजे तक 16 हजार एप्लीकेशन सबमिट किए जा चुके थे। हालांकि बोर्ड के इन दावों के बीच सोशल मीडिया पर स्टूडेंट्स और उनके पैरेंट्स की शिकायतें लगातार आ रही हैं। स्टूडेंट्स और पैरेंट्स लगातार प्रोसेस से जुड़ी समस्याओं को रिपोर्ट कर रहे हैं।
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क्या कहना है स्टूडेंट्स और यूजर्स का?
सोशल मीडिया पर कई यूजर्स का दावा है कि उन्हें पहले अप्लाई करने के बावजूद अपनी आंसर बुक की स्कैन्ड कॉपी अभी तक नहीं मिली हैं, जिससे वेरिफिकेशन या री-इवैल्यूएशन के साथ आगे बढ़ना नामुमकिन हो गया है। अन्य कई यूजर्स ने खास सब्जेक्ट और सवालों के लिए री-इवैल्यूएशन ऑप्शन न होने से लेकर कम्पार्टमेंट से जुड़े एप्लीकेशन को लेकर अनिश्चितता तक जैसी समस्याएं बताईं। शिकायतों से पता चलता है कि हज़ारों लोगों ने अपने सबमिशन पूरे कर लिए हैं, लेकिन कुछ कैंडिडेट्स अभी भी पोस्ट-रिजल्ट सर्विसेज़ को वैसे एक्सेस नहीं कर पा रहे हैं जैसा सोचा गया था।
सीबीएसई की साइट पर हुआ था साइबर अटैक!
सीबीएसई बोर्ड की ओर से कहा गया है कि मंगलवार को हमारे सिस्टम पर साइबर अटैक के प्रयास किए गए थे। दरअसल, मंगलवार को 2 मिनट के अंदर पोर्टल पर 1.5 मिलियन हिट्स आए और 1 लाख से अधिक बार बिना इजाजत फाइल एक्सेस करने की कोशिश की गई थी। बोर्ड ने कहा कि हमारी टेक्निकल टीमें पोस्ट-रिजल्ट सर्विसेज के लिए अप्लाई करने वाले कैंडिडेट्स के लिए एक सुरक्षित, भरोसेमंद और स्टूडेंट-फ्रेंडली एक्सपीरियंस पक्का करने के लिए प्लेटफॉर्म पर लगातार नजर रख रही हैं।
UPI के जरिए कर सकते हैं पेमेंट
इससे पहले दिन में बोर्ड ने साफ किया कि पोर्टल का इस्तेमाल करने वाले स्टूडेंट्स के लिए अब कई पेमेंट गेटवे उपलब्ध हैं। SBI, केनरा बैंक, बैंक ऑफ़ बड़ौदा और इंडियन बैंक के पेमेंट गेटवे को सिस्टम में इंटीग्रेट कर दिया गया है। CBSE ने कहा कि स्टूडेंट्स को इनमें से किसी भी बैंक में अकाउंट रखने की जरूरत नहीं है और वे बताए गए गेटवे के जरिए UPI, नेट बैंकिंग, क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड का इस्तेमाल करके पेमेंट कर सकते हैं।
