केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी सीबीएसई की मूल्यांकन प्रक्रिया पर उठ रहे सवालों के बीच बोर्ड आज (29 मई 2026) से री-इवैल्यूएशन (पुनर्मूल्यांकन) विंडो खोलने जा रहा है। दरअसल, जिन छात्रों ने अपनी स्कैन कॉपी की डिमांड की थी वह अब अपनी कॉपियों की दोबारा जांच चाहते हैं जिसकी प्रक्रिया आज से शुरू होगी। बता दें कि ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम को लेकर उठ रहे सवालों के बीच बोर्ड की यह प्रक्रिया काफी अहम है, क्योंकि बच्चों के मन में बोर्ड के प्रति जो भरोसा था वह इस विवाद के बाद डगमगाया है।

4 लाख बच्चों ने मांगी है 11 लाख से अधिक कॉपियां

बता दें कि बोर्ड री-इवैल्यूएशन प्रोसेस उन स्टूडेंट्स के लिए चलाएगा जिन्होंने अपनी आंसर शीट स्कैन कॉपी की डिमांड रखी थी। जानकारी के मुताबिक, ऐसे स्टूडेंट्स की संख्या 4 लाख के करीब है जिन्होंने 11 लाख से अधिक आंसर शीट की डिमांड रखी है। इनमें से बड़ी संख्या में आंसर शीट छात्रों को उनकी ईमेल आईडी पर उपलब्ध कराई जा चुकी है।

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बोर्ड ने नहीं दिया है ऑफिशियल कन्फर्मेशन

26 मई, 2026 को बोर्ड ने यह जानकारी दी थी कि इवैल्यूएट की गई आंसर शीट की स्कैन्ड कॉपी ऑफिशियल पोर्टल और स्टूडेंट्स की रजिस्टर्ड ईमेल ID पर दी जा रही हैं। इन कॉपियों के लिए पेंडिंग रिक्वेस्ट 27 मई, 2026 तक पूरी होने की उम्मीद है। बोर्ड ने अभी तक कोई कन्फर्मेशन नहीं दिया है कि वे री-इवैल्यूएशन प्रोसेस शुरू करेंगे या इसे आगे बढ़ाएंगे, लेकिन माना जा रहा है कि बोर्ड आज से यह प्रक्रिया शुरू कर देगा।

सीबीएसई की ओर से शेयर किए गए डेटा के मुताबिक, आंसर शीट की स्कैन कॉपी के लिए कुल 4,04,319 आवेदन मिले थे। इन स्टूडेंट्स ने 11,31,961 आंसर शीट के लिए आवेदन किया था, जिसमें से बोर्ड ने 8,98,214 आंसर शीट डिजिटली रूप से स्टूडेंट्स को उपलब्ध कराई।

इन सबके बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी ये माना है कि CBSE क्लास 12वीं के एग्जाम रिजल्ट में “कुछ गड़बड़ियां देखी गई हैं”, और कहा कि वह इसकी जिम्मेदारी लेते हैं क्योंकि यह पहली बार था जब बोर्ड ने इतने बड़े लेवल पर ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम लागू किया था।