केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की ऑन-स्क्रीन मार्किंग व्यवस्था को लेकर उठे विवाद पर आज संसदीय समिति की अहम बैठक होने जा रही है। समिति ने इस मामले में सीबीएसई चेयरपर्सन राहुल सिंह और शिक्षा विभाग के सचिव को तलब किया है। बैठक में ऑन-स्क्रीन मार्किंग पोर्टल में सामने आई तकनीकी गड़बड़ियों और इससे 12वीं बोर्ड परीक्षा मूल्यांकन प्रक्रिया पर पड़े प्रभाव की विस्तृत समीक्षा की जाएगी।

पोर्टल में गड़बड़ी की शिकायतों पर संसदीय समिति सख्त

सूत्रों के मुताबिक, कई परीक्षकों और संबंधित अधिकारियों की ओर से ऑन-स्क्रीन मार्किंग पोर्टल में तकनीकी समस्याओं की शिकायतें सामने आई थीं। इनमें लॉगिन दिक्कतें, उत्तर पुस्तिकाओं के अपलोड और मूल्यांकन प्रक्रिया में तकनीकी बाधाओं जैसी समस्याएं शामिल बताई जा रही हैं। इन शिकायतों के बाद संसदीय समिति ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक बुलाने का फैसला किया है।

सीबीएसई चेयरपर्सन राहुल सिंह से मांगा जाएगा जवाब

बैठक में सीबीएसई चेयरपर्सन राहुल सिंह से ऑन-स्क्रीन मूल्यांकन प्रणाली में आई दिक्कतों, इसके समाधान और भविष्य में ऐसी समस्याओं को रोकने के लिए उठाए गए कदमों पर जवाब मांगा जाएगा। साथ ही शिक्षा विभाग के सचिव से भी तकनीकी निगरानी और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर सवाल पूछे जा सकते हैं।

12वीं परीक्षा मूल्यांकन प्रक्रिया की होगी समीक्षा

संसदीय समिति विशेष रूप से कक्षा 12वीं की परीक्षा मूल्यांकन प्रक्रिया की समीक्षा करेगी। समिति यह जानने की कोशिश करेगी कि तकनीकी गड़बड़ियों का छात्रों के परिणामों की समयसीमा और मूल्यांकन की पारदर्शिता पर क्या असर पड़ा है।

छात्रों और अभिभावकों की बढ़ी चिंता

CBSE की मूल्यांकन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या छात्रों और अभिभावकों के लिए चिंता का विषय बन जाती है। बोर्ड परीक्षा परिणामों की निष्पक्षता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए समिति की यह बैठक बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

क्या हो सकता है आगे?

विशेषज्ञों का मानना है कि बैठक के बाद संसदीय समिति CBSE को ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम में सुधार, तकनीकी ऑडिट और वैकल्पिक व्यवस्था तैयार करने के निर्देश दे सकती है। इससे भविष्य की बोर्ड परीक्षाओं के मूल्यांकन सिस्टम को और मजबूत बनाने की दिशा में कदम उठाए जा सकते हैं।