केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी सीबीएसई के री-इवैल्यूएशन पोर्टल पर हो रहे कथित साइबर हमलों को लेकर अब बोर्ड ने औपचारिक रूप से एक ठोस कदम उठाया है। दरअसल, बोर्ड ने दिल्ली पुलिस में इन कथित हमलों को लेकर एक शिकायत दर्ज कराई है। जानकारी के मुताबिक, सीबीएसई बोर्ड ने दिल्ली पुलिस की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रेटेजिक ऑपरेशंस (आईएफएसओ) यूनिट में अपनी शिकायत दर्ज कराई है। बोर्ड ने बताया है कि इन हमलों के बावजूद उसकी प्रणालियां और डाटाबेस पूरी तरह सुरक्षित हैं तथा किसी भी प्रकार की डेटा चोरी या अनधिकृत पहुंच का मामला सामने नहीं आया है।
स्टूडेंट का कोई डेटा नहीं हुआ लीक- सीबीएसई
सीबीएसई ने बताया है कि सभी अटैक को 24×7 मॉनिटरिंग से सफलतापूर्वक कम कर दिया गया, जिसमें कोई डेटा ब्रीच या सिस्टम से कॉम्प्रोमाइज नहीं हुआ। सीबीएसई द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, 2 जून 2026 को शुरू किए गए पोस्ट-रिजल्ट सर्विसेज पोर्टल को पिछले तीन दिनों के दौरान कई बार साइबर हमलों का सामना करना पड़ा है। यह पोर्टल कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा के विद्यार्थियों को उत्तर पुस्तिकाओं के वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन जैसी सुविधाएं प्रदान करने के लिए शुरू किया गया है, लेकिन इस पोर्टल को हैक करने की कोशिश लगातार की जा रही है।
CBSE के री-इवैल्यूएशन पोर्टल को फिर हैक करने की कोशिश, 70 हजार से अधिक स्टूडेंट्स की रिक्वेस्ट सबमिट
बोर्ड की कार्यप्रणाली को बाधित करना था उद्देश्य
बोर्ड ने बताया कि इन साइबर हमलों में देश और विदेश के विभिन्न आईपी एड्रेस से बड़ी मात्रा में इंटरनेट ट्रैफिक भेजा गया। हमलावरों का उद्देश्य पोर्टल की कार्यप्रणाली को बाधित करना, वास्तविक उपयोगकर्ताओं की पहुंच रोकना तथा अनधिकृत रूप से जानकारी हासिल करने का प्रयास था।
सीबीएसई ने मामले की गंभीरता को देखते हुए IFSO यूनिट से विस्तृत जांच और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। बोर्ड ने स्पष्ट किया कि साइबर हमलों के बावजूद उसके सिस्टम और डाटाबेस सुरक्षित रहे तथा किसी भी प्रकार के डेटा ब्रीच या अनधिकृत एक्सेस का पता नहीं चला है। बोर्ड के अनुसार, 24×7 निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र के माध्यम से सभी हमलों को सफलतापूर्वक निष्प्रभावी कर दिया गया।
70 हजार से अधिक एप्लीकेशन हो चुके हैं सबमिट
बता दें कि CBSE री-इवैल्यूएशन पोर्टल पर 4 जून 2026 तक कुल 70,433 सफल एप्लीकेशन मिले हैं, जिसमें मार्क्स के वेरिफिकेशन के लिए 7,314 और री-इवैल्यूएशन के लिए 63,119 एप्लीकेशन शामिल हैं। यह प्रक्रिया 06 जून को समाप्त हो जाएगी। बोर्ड की ओर से भले ही पोर्टल को लेकर कई तरह के दावे किए जा रहे हो, लेकिन सोशल मीडिया हैंडल X पर कई स्टूडेंट्स और उनके पैरेंट्स री-इवैल्यूएशन/वेरिफिकेशन के लिए अप्लाई करने में आ रही दिक्कतों को लेकर अपनी चिंता जाहिर कर रहे हैं।
