CBSE class 6 to 9 Students will get grade on sincerity towards society and nation - Jansatta
ताज़ा खबर
 

अगर इस दिन स्कूल नहीं गए तो CBSE विद्यार्थियों को नहीं मिलेगी ग्रेड!

अगले साल से सीबीएसई के विद्यार्थियों को तभी ग्रेड दी जाएगी, जब वो स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में भाग लेंगे। यह फैसला सीबीएसई बोर्ड की कक्षा 6 से कक्षा 9 तक के विद्यार्थियों के लिए लागू होगा।

उपस्थिति और साफ सफाई के नंबर के साथ साथ स्कूलों को देश के प्रति ईमानदारी’ के लिए भी ग्रेड देने के लिए कहा गया है।

अगले साल से सीबीएसई के विद्यार्थियों को तभी ग्रेड दी जाएगी, जब वो स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में भाग लेंगे। यह फैसला सीबीएसई बोर्ड की कक्षा 6 से कक्षा 9 तक के विद्यार्थियों के लिए लागू होगा। यह घोषणा सीबीएसई यूनिफॉर्म असेसमेंट स्कीम का हिस्सा है और इस फैसले में छात्रों की ईमानदार, देश और समाज के लिए व्यवहार आदि आंकने के लिए कहा गया है। हालांकि स्कूल के अध्यापकों का कहना है कि यह आंकना बहुत मुश्किल है। नए सिस्टम के अनुसार अनुशासन को स्कूली गतिविधियों से अलग रखा गया है और उसके लिए अलग से ग्रेड दी जाएगी। उपस्थिति और साफ सफाई के नंबर के साथ साथ स्कूलों को देश के प्रति ईमानदारी’ के लिए भी ग्रेड देने के लिए कहा गया है।

बता दें कि यह ग्रेड तीन स्तर पर दी गई जाएगी, जिसमें ए,बी,सी शामिल है। वहीं इस फैसले को लेकर अध्यापकों भी परेशान हैं। मुंबई के अंधेरी की एक स्कूल राजहंस विद्यालय की प्रधानाचार्य दीपशिखा श्रीवास्तव का कहना है कि आप किसी की ईमानदारी को कैसे जांच सकते हैं। उन्होंने कहा कि हम अध्यापकों को विद्यार्थियों की एंटी-सोशल व्यवहार को नोट करने को कह सकते हैं। हालांकि आरएन पोद्दार स्कूल की प्रिंसिपल अवनिता बिर का कहना है कि सभी स्कूल अलग अलग तरीके से इस पर काम करेंगे। कुछ स्कूल बच्चों को राष्ट्रीय दिवस पर उपस्थित होने के आधार पर नंबर देंगे जबकि कई दूसरे बच्चों से बातचीत के आधार पर नंबर देंगे।

गौरतलब है कि सीबीएसई ने इस मूल्यांकन के माध्यम से कई और भी कड़े फैसले लिए हैं। इसमें सीबीएसई ने क्लास छठी से नौंवी तक के परीक्षा नियमों में भी बदलाव किया है, जिसके अनुसार नये शैक्षणिक सत्र 2017-18 से बच्चों की प्रतिभा का आकलन नये तरीके से किया जाएगा। सीबीएसई की इस पहल का मकसद सीबीएसई से जुड़े सारे स्कूलों में परीक्षा, और रिपोर्ट कार्ड बनाने की एक समान पद्धति को लागू करना है। सीबीएसई के मुताबिक छठे क्लास से अब सारे स्कूलों को सीबीएसई के दिशा निर्देशों का पालन करना होगा, और इसी के आधार पर परीक्षा लेनी होगी, और रिपोर्ट कार्ड बनाना होगा।

अनुष्का शर्मा और दिलजीत दोसांझ स्टारर 'फिल्लौरी' क्यों देखने जाएं? जानिए 5 वजहें

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App