CBSE Class 12 Maths Exam Analysis 2026: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 9 मार्च को कक्षा 12वीं का गणित (Mathematics) का पेपर आयोजित किया। परीक्षा सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक देशभर के परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई। परीक्षा के बाद छात्रों और शिक्षकों की शुरुआती प्रतिक्रिया के अनुसार पेपर का स्तर मॉडरेट से मॉडरेटली डिफिकल्ट रहा। दूसरी तरफ छात्रों के अनुसार पेपर का सेक्शन-D (लॉन्ग आंसर प्रश्न) सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण रहा, जबकि अन्य सेक्शन संतुलित और सिलेबस के अनुरूप थे।

CBSE Class 12 Maths Exam 2026: पेपर रहा संतुलित

गुवाहाटी के मॉडर्न इंग्लिश स्कूल की PGT मैथ्स नीलुत्पल बोरा के अनुसार, “CBSE कक्षा 12 का गणित का पेपर संतुलित था और छात्रों की उम्मीदों के अनुरूप था। पेपर में कॉन्सेप्ट समझने, क्रिटिकल थिंकिंग और एप्लीकेशन आधारित प्रश्नों पर अधिक जोर दिया गया था।” उन्होंने बताया कि प्रश्नपत्र में लगभग सभी प्रमुख टॉपिक्स को शामिल किया गया था।

MCQ सेक्शन में किन टॉपिक्स से आए सवाल

MCQ सेक्शन में निम्नलिखित टॉपिक्स से प्रश्न पूछे गए:

मैट्रिक्स

डिटरमिनेंट्स

डिफरेंशिएशन

एप्लीकेशन ऑफ डेरिवेटिव्स

इंटीग्रेशन

वेक्टर और 3D ज्योमेट्री

इसके अलावा Assertion-Reason आधारित प्रश्न अपेक्षाकृत आसान बताए गए। सभी तीनों सेट में MCQ प्रश्न लगभग समान रहे।

सेक्शन-B का स्तर कैसा रहा

सेक्शन-B में दो अंक के प्रश्न शामिल थे और इनका स्तर मॉडरेट रहा। इस सेक्शन में मुख्य रूप से निम्न टॉपिक्स से सवाल पूछे गए:

इनवर्स ट्रिगोनोमेट्री

रिलेशन और फंक्शन

वेक्टर और 3D

पैरामीट्रिक फॉर्म में डिफरेंशिएशन

सेक्शन C और D में PYQ आधारित सवाल

सेक्शन-C और सेक्शन-D में पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों (PYQ) से मिलते-जुलते सवाल देखने को मिले। इन सेक्शनों में मुख्य रूप से इन टॉपिक्स से प्रश्न आए:

प्रॉबेबिलिटी

इंटीग्रेशन

डिफरेंशिएशन

डेफिनिट इंटीग्रेशन के गुणों पर आधारित सवाल

लीनियर प्रोग्रामिंग

केस-बेस्ड प्रश्न भी पूछे गए

पेपर में तीन केस-बेस्ड प्रश्न शामिल थे, जो निम्न टॉपिक्स से जुड़े थे:

एप्लीकेशन ऑफ इंटीग्रेशन

मैक्सिमा और मिनिमा

बेयेस थियोरम पर आधारित प्रॉबेबिलिटी

इनका स्तर भी मॉडरेट बताया गया और ये पिछले वर्षों के प्रश्नों से मिलते-जुलते थे।

परीक्षा आसान लेकिन थोड़ी लंबी रही

विद्याज्ञान स्कूल, सीतापुर के HOD गणित पंकज कुमार गुप्ता के अनुसार, “पेपर कुल मिलाकर आसान था लेकिन थोड़ा लंबा था। कुछ प्रश्न मॉडरेट स्तर के थे। सभी तीनों सेट का कठिनाई स्तर लगभग समान था।” उन्होंने बताया कि अधिकांश प्रश्न NCERT अभ्यास प्रश्नों के वैरिएशन थे। कुछ प्रश्न ट्रिकी थे लेकिन सही कॉन्सेप्ट समझने पर आसानी से हल किए जा सकते थे।

छात्रों की प्रतिक्रिया

छात्रों के अनुसार, पेपर का स्तर संतुलित रहा मगर सेक्शन-D सबसे ज्यादा कठिन लगा और MCQ और केस-बेस्ड प्रश्न अपेक्षाकृत आसान थे, कुल मिलाकर पेपर थोड़ा लंबा होने के कारण समय प्रबंधन चुनौतीपूर्ण रहा।