सीबीएसई बोर्ड कक्षा 10वीं का साइंस विषय का पेपर बुधवार (25 फरवरी 2026) को आयोजित किया गया। परीक्षा सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक आयोजित हुई। विज्ञान के पेपर को लेकर स्टूडेंट्स का मिलाजुला रिएक्शन देखने को मिला है। कुल 80 मार्क्स और 3 घंटे की समय अवधि वाले इस पेपर में बैठने वाले स्टूडेंट्स ने बताया है कि पेपर बोर्ड के दिए गए सैंपल पेपर जैसा ही था और बैलेंस्ड था। वहीं टीचर्स ने कहा है कि 10वीं का साइंस का पेपर का डिफिकल्टी लेवल मॉडरेट था।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, सिल्वरलाइन प्रेस्टीज स्कूल की साइंस डिपार्टमेंट की HOD डॉ. शिखा शर्मा ने बताया है कि पेपर में कॉम्पिटेंसी-बेस्ड और मॉडरेट सवालों का मिश्रण था जो नॉलेज के एप्लीकेशन को असेस करता है। शिखा शर्मा ने आगे कहा कि पेपर एवरेज था और अधिकतर सवाल CBSE के सैंपल पेपर आधारित थे।
पेपर में कुछ सवाल सीधे और जवाब देने में आसान थे। MCQs और कॉम्पिटेंसी-बेस्ड सवाल भी एवरेज डिफिकल्टी वाले और ट्रिकी भी थे, जिससे कि यह पेपर बैलेंस्ड था। स्टूडेंट्स ने पेपर समय पर पूरा कर लिया और पेपर के लेवल से सैटिस्फाइड थे। कुल मिलाकर सभी सेट आसान से मॉडरेट थे।
साइंस विषय की परीक्षा कुल 80 मार्क्स की थी और स्टूडेंट्स ने पेपर को करने में 3 घंटे का समय पूरा लिया। क्वेश्चन पेपर में 39 सवाल थे जो तीन सेक्शन में बंटे हुए थे। सेक्शन A बायोलॉजी का था, सेक्शन B और सेक्शन C केमिस्ट्री और फिजिक्स के थे। सभी सवाल जरूरी थे। हालांकि कुछ सवालों में इंटरनल चॉइस दी गई थी।
साइंस विषय के पेपर में स्टूडेंट एवरेज से ज्यादा का स्कोर कर सकते हैं क्योंकि जिन स्टूडेंट्स ने NCERT की अच्छी तरह तैयारी की थी, वे अच्छा परफॉर्म करेंगे। हालांकि न्यूमेरिकल प्रॉब्लम की संख्या तुलना में कम थी, जिससे पेपर दिए गए समय में पूरा किया जा सका। MCQ कॉन्सेप्चुअल क्लैरिटी पर आधारित थे और उनमें से ज्यादातर सीधे थे। केस-बेस्ड सवाल भी ठीक-ठाक थे। कुल मिलाकर, CBSE क्लास 10 साइंस क्वेश्चन पेपर 2026 पिछले साल के पेपर की तुलना में ज्यादा मॉडरेट था।
