केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) कक्षा 10वीं का हिंदी विषय का पेपर 2 मार्च को आयोजित किया गया। यह एग्जाम देशभर के अलग-अलग सेंटर्स पर सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे के बीच हुआ। पेपर कुल 80 मार्क्स का था, और स्टूडेंट्स को पेपर पूरा करने के लिए तीन घंटे मिले। पेपर के एनालिसिस से पता चलता है कि स्टूडेंट्स ने एग्जाम को पूरा करने के लिए पूरे 3 घंटे लिए। स्टूडेंट्स और टीचर्स के मिले-जुले रिएक्शन से पता चलता है कि हिंदी विषय का पेपर थोड़ा मुश्किल था। हालांकि टीचर्स का मानना है कि पेपर सिलेबस से बाहर नहीं था।

CBSE क्लास 10 हिंदी एग्जाम एनालिसिस

एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, कक्षा 10वीं के हिंदी विषय के पेपर को लेकर गुवाहाटी के कहिलीपारा में मॉडर्न इंग्लिश स्कूल में हिंदी डिपार्टमेंट की डिप्टी हेड सुभा चंद्र झा ने बताया कि पेपर सिलेबस और पैटर्न के हिसाब से ही आया था। उन्होंने बताया कि हिंदी कोर्स-B का क्वेश्चन पेपर थोड़ा मुश्किल जरूर था, लेकिन पेपर में रटने के बजाय कॉम्पिटेंसी, एप्लीकेशन और क्रिटिकल थिंकिंग पर जोर दिया गया था।

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‘गहरी समझ और ध्यान से रीडिंग की थी जरूरत’

सुभा चंद्र झा ने आगे कहा कि रीडिंग सेक्शन में कॉम्प्रिहेंशन पैसेज कॉम्पिटेंसी-बेस्ड थे, जिसमें एक रीजन-असर्शन भी शामिल था। इस सेक्शन को पूरा करने के लिए स्टूडेंट्स को ध्यान से पढ़ने और गहरी समझ की जरूरत थी जबकि ग्रामर सेक्शन एप्लीकेशन-बेस्ड था, जिसमें स्टूडेंट्स की ग्रामर के नियमों की समझ पर फोकस किया गया था। स्टूडेंट्स को ग्रामर सेक्शन थोड़ा टफ भी लगा।

स्टूडेंट्स के रिएक्शन

हिंदी के पेपर को लेकर कुछ स्टूडेंट्स का फीडबैक भी सामने आया है। नोएडा के एक प्राइवेट स्कूल के छात्र ने बताया कि आज का पेपर प्री बोर्ड एग्जाम की तरह आसान ही था। पेपर को पूरा समय देकर बहुत आसानी से पूरा किया गया। एक छात्रा ने कहा कि ग्रामर सेक्शन थोड़ा ट्रिकी था। ओवरऑल पेपर लंबा था। दिल्ली के रोहिणी स्कूल के राघव शर्मा ने कहा कि पेपर ओवरऑल बैलेंस्ड था। क्वेश्चन पेपर में सभी प्रश्न NCERT आधारित थे।