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CBSE Board Exam 2021: सीबीएसई का स्कूलों को नोटिस, इस नियम की अनदेखी पर लगेगा 50 हजार का जुर्माना

कोरोना महामारी के बीच स्कूलों में बहुत से एक्सटर्नल परीक्षकों की कमी देखने को मिल रही है। सीबीएसई के संज्ञान में आया कि कोविड के चलते साल 2020 में बहुत से बाहरी परीक्षकों ने इस्तीफे दे दिए।

CBSE board Exam 2021सीबीएसई 10वीं और 12वीं क्लास की बोर्ड परीक्षाएं 4 मई 2021 से शुरू होने वाली हैं। (प्रतीकात्मक फोटो)

CBSE Board Exam 2021: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने बोर्ड परीक्षाओं के मद्देनजर स्कूलों को एक जरूरी नोटिस जारी किया है। नोटिस में बोर्ड ने स्कूलों में टीचर्स की उपलब्धता पर जवाब मांगा है। सभी स्कूल 10 अप्रैल तक OASIS पोर्टल पर शिक्षकों के नाम उनकी जानकारी अपडेट करें। साथ ही बोर्ड ने स्कूलों से नियमों की अनदेखी करने पर भारी जुर्माने और रिजल्ट रोकने की चेतावनी भी दी है। अगर स्कूल ऐसा नहीं करते हैं तो उन्हें 50,000 रुपए तक का जुर्माने भरना पड़ेगा।

सीबीएसई 10वीं और 12वीं क्लास की बोर्ड परीक्षाएं 4 मई 2021 से शुरू होने वाली हैं। इसके अलावा 1 मार्च से प्रैक्टिकल परीक्षाएं शुरू हो चुकी हैं जो 11 जून, 2021 खत्म हो जाएंगी। हालांकि, कोरोना महामारी के बीच स्कूलों में बहुत से एक्सटर्नल परीक्षकों की कमी देखने को मिल रही है। सीबीएसई के संज्ञान में आया कि कोविड के चलते साल 2020 में बहुत से बाहरी परीक्षकों ने इस्तीफे दे दिए। कई स्कूलों ने इसकी भरपाई करने के लिए कक्षा 9 से 12 के शिक्षकों पर एक-साथ कई क्लास को अटेंड करने का बोझ डाल दिया। इसके चलते असाइन किए गए कई शिक्षक एक्सटर्नल एग्जामनर ड्यूटी के लिए उपलब्ध नहीं रहे।

अब बोर्ड ने इस बात पर गौर फरमाते हुए पाया कि, एक्सटर्नल टीचर्स की गैरमौजूदगी में कई स्कूलों ने ऐसे परीक्षकों को परीक्षा ड्यूटी के लिए चुना है जो CBSE बोर्ड द्वारा नियुक्त नहीं किये गये। इसके अलावा, स्कूलों ने  OASIS पर उन परीक्षकों की जानकारी भी अपडेट नहीं की है जबकि ये अनिवार्य है।

CBSE ने स्कूलों को बोर्ड परीक्षा के समय शिक्षकों की कमी पर ध्यान दिलाया है। इसके अलावा, यह कहा कि शिक्षकों की कमी 7 मई से शुरू होने वाली बोर्ड की परीक्षाओं के मूल्यांकन प्रक्रिया को भी प्रभावित करेगी। बोर्ड ने सभी प्रधानाध्यापकों को आवश्यकतानुसार डेटा अपडेट करने के निर्देश दिये हैं। स्कूलों को 5 अप्रैल से 10 अप्रैल के बीच शिक्षकों के बारे में जानकारी अपडेट करना जरूरी है। ऐसा नहीं करने पर बोर्ड संबद्ध उपनियम और परीक्षा उपनियम के रूप में आवश्यक कार्रवाई करेगा, जिसके तहत बोर्ड स्कूल प्रिंसिपल पर 50,000 हजार का जुर्माना लगा सकता है। बोर्ड ने यह भी चेतावनी दी है कि संबंधित स्कूलों के बोर्ड के परिणाम को घोषित नहीं किया जायेगा।

नोटिस में, बोर्ड ने कहा है कि CBSE द्वारा नियुक्त नहीं किए गए परीक्षक के किए गए प्रैक्टिकल को रद्द कर दिया जाएगा और सीबीएसई अपनी निगरानी में इन उम्मीदवारों के प्रैक्टिकल को फिर से आयोजित करेगा। ‘ आदेश के अनुपालन की जिम्मेदारी स्कूलों के प्रधानाचार्य की है। इसके अलावा, बोर्ड कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा 2021 के चलते स्कूलों में छात्रों की संख्या के आधार पर शिक्षकों को नियुक्ति को लेकर गंभीरता से काम कर रहा है।

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