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सीबीएसई ने बच्‍चों के लिए लिया बड़ा फैसला, सचिन तेंदुलकर ने बताया बेहतरीन

सीबीएसई के इस फैसले की सराहना मास्टर ब्लास्टर सचिन तेदुंलकर ने ट्वीट करके की है। सचिन ने अपने ट्वीट में लिखा,‘‘ये इस साल के जन्मदिन पर मुझे मिले सर्वश्रेष्ठ तोहफों में से एक है।’’

मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर। (Photo Source: Express Archive)

सेंट्रल बोर्ड आॅफ सेकेंडरी एजुकेशन यानी सीबीएसई ने कक्षा 9 से 12 तक की कक्षाओं के लिए स्वास्थ्य और व्यायाम शिक्षा को अनिवार्य बनाने का फैसला किया है। बोर्ड के इस फैसले की सराहना मास्टर बलास्टर सचिन तेदुंलकर ने ट्वीट करके की है। सचिन ने अपने ट्वीट में लिखा,‘‘ये इस साल के जन्मदिन पर मुझे मिले सर्वश्रेष्ठ तोहफों में से एक है।’’ उन्होंने खेल, स्वास्थ्य और देश के बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए कदम उठाने पर सीबीएसई को धन्यवाद भी दिया है। बता दें इसी मंगलवार (24 अप्रैल) को मास्टर ब्लास्टर 45 साल के हो गए। इस कोर्स में 100 अंक के सवाल पूछे जाएंगे। बोर्ड इसमें विद्यार्थियों की प्रयोगात्मक परीक्षा भी आयोजित करेगा।

नई गाइडलाइन मुख्यधारा की स्वास्थ्य और शारीरिक शिक्षा को ध्यान में रखते हुए बनाई गई है। स्कूलों को ये निर्देश दिया गया है कि वह स्पोर्ट्स का भी पीरियड रोज रखेंगे, जिसमें बच्चों को प्लेग्राउंड में जाकर मैनुअल के मुताबिक मनचाही शारीरिक एक्टिविटी करने की आजादी होगी। उन्हें ग्रेड भी इसी आधार पर दिए जाएंगे। बोर्ड ने इसके लिए 150 पेजों का मैनुअल तैयार किया है। इसमें कक्षा 9 से लेकर 12 तक के सभी स्कूलों के लिए खेलकूद एक्टिविटी करवाने की गाइडलाइन और निर्देशों का पूरा ब्योरा दिया गया है। सीबीएसई ने पिछले महीने ही स्कूलों से स्वास्थ्य और शारीरिक शिक्षा के लिए एक पीरियड रखते हुए 2018-19 के सत्र का टाइम टेबल तैयार करने के निर्देश दिए थे।

जबकि स्वास्थ्य शिक्षा का पीरियड शारीरिक शिक्षा के पीरियड से अलग होगा। इसमें चुनाव के लिए कक्षा 10 और 12 के विद्यार्थियों को विकल्प मिलेगा। इससे पहले अक्सर दोनों विषयों के पेपर अलग होते थे। लेकिन अब दोनों विषयों को मिलाकर एक पेपर बनेगा। इससे स्कूलों को टाइम टेबल और अकादमिक विषयों का टाइम टेबल चुनने में कोई समस्या नहीं होगी।

स्वास्थ्य और शारीरिक शिक्षा की पूरी प्रक्रिया स्कूल आधारित होगी और इसका मूल्यांकन और लागू करना पूरी तरह से स्कूल शिक्षकों की जिम्मेदारी होगी। अंक और ग्रेड स्कूल ही सीबीएसई की वेबसाइट पर दाखिल करेगा। जबकि स्वास्थ्य और शारीरिक शिक्षा के कार्यक्रम में भागीदारी और अंक कक्षा 10 और 12 की बोर्ड परीक्षा में भाग लेने के लिए अनिवार्य होंगे। ये अंक फाइनल परीक्षा के अंकों में नहीं जोड़े जाएंगे।

स्कूलों के लिए ये बाध्यता नहीं होगी कि वह शारीरिक शिक्षा के पीरियड के लिए खेल शिक्षकों पर निर्भर रहें। हर शिक्षक जिसमें कक्षा शिक्षक भी शामिल है, उन्हें इसे लागू करने, मूल्यांकन करने और रिकाॅर्ड रखने के लिए अधिकृत किया गया है। ये विषय पूरी तरह से प्रयोगात्मक होगा और थ्योरी का हिस्सा नहीं रखा जाएगा। विद्यार्थियों को एक प्रोजेक्ट कार्य भी दिया गया है। यह पूरी तरह से व्यक्तिगत या फिर ग्रुप एक्टिविटी पर भी आधारित हो सकता है। चाहे विद्यार्थी कोई भी स्वच्छता अभियान चलाएं या फिर किसी चिड़ियाघर में घूमने के लिए जाएं। विद्यार्थियों को प्रोजेक्ट के साथ दाखिल की गई फोटो के लिए ग्रेड भी दिए जाएंगे।

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