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CBSE मॉडरेशन नीति: हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जा सकता है बोर्ड, तय समय पर जारी होंगे परीक्षा रिजल्ट

CBSE 12th Result Moderation Policy: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड मॉडरेशन नीति को लेकर दिए गए दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने का विचार कर रहा है।
बता दें कि हाल ही में हाईकोर्ट ने सीबीएसई द्वारा परीक्षा में कठिन प्रश्न के बदले 15 फीसदी तक अतिरिक्त अंक दिए जाने के प्रावधान को खत्म करने के फैसले पर रोक लगाई है।

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड मॉडरेशन नीति को लेकर दिए गए दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने का विचार कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक बोर्ड हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में स्पेशल लीव याचिका दायर कर सकता है। बता दें कि हाल ही में हाईकोर्ट ने सीबीएसई द्वारा परीक्षा में कठिन प्रश्न के बदले 15 फीसदी तक अतिरिक्त अंक दिए जाने के प्रावधान को खत्म करने के फैसले पर रोक लगाई है। हाईकोर्ट ने सीबीएसई को इस साल मॉडरेशन नीति को बहाल रखने का आदेश दिया है।

इसी बीच केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कोर्ट के फैसले पर सीबीएसई चेयरमैन आरके चतुर्वेदी, विद्यालय शिक्षा सचिव अनिल स्वरुप और उच्च शिक्षा सचिव केके शर्मा से मुलाकात की है। हालांकि प्रकाश जावड़ेकर ने इस नीति का समर्थन किया है और कहा है कि इस नीति को लागू रहना आवश्यक है। मॉडरेशन नीति को लेकर बढ़ रहे विवाद के बीच बताया जा रहा कि इससे परीक्षार्थियों को कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि इससे 12वीं परीक्षा के परिणामों में देरी हो सकती है। हालांकि बोर्ड का कहना है कि परीक्षा के नतीजे मई महीने में ही जारी कर दिए जाएंगे।

क्या है मॉडरेशन पॉलिसी-
सीबीएसई ने मॉडरेशन नीति को खत्म करने की घोषणा की थी। बता दें कि इस नीति के तहत परीक्षार्थियों को मुश्किल सवालों के लिए ग्रेस नंबर दिए जाते हैं। मॉडरेशन नीति के अनुसार परीक्षार्थियों को किसी विषय में कठिन सवालों को लेकर 15 प्रतिशत अतिरिक्त अंक दिए जाते हैं। बताया जा रहा है कि सीबीएसई ने अधिक नंबर हासिल करने वाले उम्मीदवारों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर यह फैसला लिया है।

बता दें कि सीबीएसई ने बोर्ड ने 9 मार्च 2017 से 29 अप्रैल 2017 के बीच आयोजित की गई थी। इसी के साथ ही 10वीं बोर्ड की परीक्षाएं भी शुरू हुई थी, जो कि 10 अप्रैल तक चली थीं। यह परीक्षाएं विधानसभा चुनाव को लेकर देरी से आयोजित की गई थी।

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