ताज़ा खबर
 

CBSE 10th Exam Result 2019: 60 फीसदी नंबर लाकर निराश था बेटा, मां ने फेसबुक पर तारीफ कर पेश की मिसाल

CBSE Board Class 10th Result 2019: सीबीएसई बोर्ड की 10वीं की परीक्षा में कम नंबर आने से निराश छात्र के लिए उसकी मां ने फेसबुक पर तारीफ की।

प्रतीकात्मक तस्वीर (एक्सप्रेस फोटो)

CBSE Board 10th Result 2019: परीक्षा के रिजल्ट जारी होने के साथ-साथ इन दिनों कम नंबर आने की आशंका या मिले हुए अंकों से असंतुष्टि के चलते बच्चों के खुद को नुकसान पहुंचाने की खबरें भी सामने आ रही हैं। इसी बीच एक मां ने अपने बच्चे की तारीफ कर मिसाल पेश की है। कई बार माता-पिता भी बच्चों पर दबाव बनाते हैं जिसका नतीजा बेहद भयानक हो सकता है। देश की राजधानी दिल्ली में सीबीएसई में पढ़ने वाले एक छात्र को परीक्षा में 60 फीसदी अंक मिले थे। बेटे को निराश देखकर उसकी मां वंदना कटोच ने न सिर्फ उसके प्रयासों की सराहना की बल्कि सोशल मीडिया पर अपने बेटे पर गर्व भी जाहिर किया।

सीबीएसई 10वीं कक्षा के नतीजे आने के बाद वंदना ने फेसबुक पर लिखा कि पहले उनके बेटे को मैथ्स, साइंस और हिंदी समझने में दिक्कत होती थी। बेटे को अपने लिए ‘सुपर प्राउड’ बताते हुए वंदना ने उसके प्रयासों की सराहना की।

National Hindi News, 09 May 2019 LIVE Updates: दिनभर की अहम खबरों के लिए क्लिक करें

द हिंदू से बातचीत में वंदना ने कहा, ‘परीक्षा के अंक इंसान की जिंदगी नहीं बनाते। मैंने भी बहुत जिंदगी देखी है।’ अपने बेटे की तरफ इशारा करते हुए वो कहती हैं कि वो उनके लिए ताजी हवा की सांसों की तरह है। उन्होंने रिजल्ट आने के बाद जब देखा कि उनका बेटा अपनी उपलब्धि को लेकर अच्छा महसूस नहीं कर रहा है। इसके बाद उन्होंने बेटे को अपने स्कूल के दिन याद दिलाने की कोशिश की और बताया कि उसे किसी से तुलना नहीं करनी चाहिए। वंदना कहती हैं कि अक्सर पैरेंट्स बच्चों के नंबर को लेकर उन्हें शर्मिंदा करते हैं।

 

सीबीएसई, आईसीएसई समेत कई राज्यों के बोर्ड की तरफ से भी रिजल्ट घोषित किए गए हैं। भारत में बच्चों पर ज्यादा नंबर लाने का बहुत दबाव होता है। उन्हें कोचिंग से कॉलेज और जॉब तक के लिए नंबर का महत्व बताया जाता है। इसी बीच कई बार बच्चे नंबर नहीं आने पर हताश हो जाते हैं और खुदकुशी जैसा गलत कदम भी उठा लेते हैं। चाहे बच्चों को प्रोत्साहित करने का मामला हो या उनकी मानसिक सेहत का, भारत में पैरेंट्स बच्चों की मदद के मामले में दुनिया से थोड़े पीछे हैं।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

X