ताज़ा खबर
 

12वीं के बाद पेट्रोलियम इंजीनियरिंग में बना सकते हैं करियर, शुरुआत से ही मिलेगी आकर्षक सैलरी

पेट्रोलियम इंजीनियरिंग, इंजीनियरिंग कोर्स की एक शाखा है, इसमें कच्चे तेल या प्राकृतिक गैस के उत्पादन का अध्ययन किया जाता है। पेट्रोलियम इंजीनियर तेल और गैस के उत्पादन और खोज की दिशा में काम करते हैं।

हम आपको बताने जा रहे हैं इंजीनियरिंग की एक ऐसी शाखा के बारे में, जिसमें नौकरी चुनौतीपूर्ण है और सैलरी आकर्षक।

Career in Petroleum Engineering: 12वीं के बाद छात्र अपने आप को बहुत संशय की स्थिति में पाते हैं क्‍योंकि इस समय ही छात्रों को अपने करियर को दिशा देने का जरूरी फैसला लेना होता है। ऐसे समय में अगर सही जानकारी और मदद मिले तो सही फैसला छात्रों के लिए आसान हो जाता है। 12वीं के बाद इंजीनियरिंग युवाओं की पहली पसंद रहता है। ऐसे में हम आपको बताने जा रहे हैं इंजीनियरिंग की एक ऐसी शाखा के बारे में, जिसमें नौकरी चुनौतीपूर्ण है और सैलरी आकर्षक। तो जानिये कि पेट्रोलियम इंजीनियरिंग में आप कैसे करियर पढ़ाई कर सकते हैं और कैसे अपने करियर को दिशा दे सकते हैं।

पेट्रोलियम इंजीनियरिंग, इंजीनियरिंग कोर्स की एक शाखा है, इसमें कच्चे तेल या प्राकृतिक गैस के उत्पादन का अध्ययन किया जाता है। पेट्रोलियम इंजीनियर तेल और गैस के उत्पादन और खोज की दिशा में काम करते हैं। इस क्षेत्र में करियर बेहद आकर्षक तो है ही, साथ ही चुनौतीपूर्ण भी है। भारत में इस समय लगभग 16 लाख से अधिक से इस क्षेत्र से प्रत्‍यक्ष या अप्रत्‍यक्ष रूप से जुड़े हुए हैं। बड़ी संख्‍या में भारत के पेट्रोलियम इंजीनियर विदेशों में भी काम कर रहे हैं।

क्‍या होनी चाहिए शैक्षणिक योग्यता
पेट्रोलियम इंजीनियरिंग में एडमिशन के लिए आपके पास 12वीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स, बायोलॉजी विषय होने चाहिए। पेट्रोलियम इंजीनियरिंग के B.E./B.Tech कोर्स में एडमिशन के लिए एंट्रेंस टेस्ट का आयोजन होता है। इस कोर्स में एडमिशन के लिए संबंधित संस्थान की प्रवेश परीक्षा या फिर जेईई जैसी संयुक्‍त प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण होना जरूरी है। कोई भी इंजीनियरिंग कोर्स चार वर्ष का होता है। इसमें डिप्लोमा कोर्स भी किया जा सकता है। कुछ संस्थान 12वीं के अंकों के आधार पर भी एडमिशन देते हैं। पेट्रोलियम इंजीनियरिंग में M.Tech करने के लिए केमिकल या पेट्रोलियम इंजीनियरिंग में B.E./B.Tech होना चाहिए, इसके अलावा पेट्रोलियम इंजीनियरिंग में M.Sc. की डिग्री भी हासिल की जा सकती है।

ये हैं प्रमुख संस्थान:
महाराष्ट्र इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, पुणे,
इंडियन स्कूल ऑफ माइंस, धनबाद
स्कूल ऑफ पेट्रोलियम मैनेजमेंट, गांधीनगर
राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोलियम टेक्नोलॉजी, रायबरेली
उत्तरांचल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, देहरादून

शुरुआत से ही मिलेगी आकर्षक सैलरी
पेट्रोलियम इंजीनियरिंग करने वाले छात्रों की संख्‍या आमतौर पर कम ही रहती है, इसलिए इस क्षेत्र में शिक्षा लेने वाले छात्रों को अच्छे वेतन पर आकर्षक रोजगार देने के लिए पेट्रोलियम कंपनियां हमेशा तैयार रहती हैं। एक पेट्रोलियम इंजीनियर का औसत वेतन लगभग 8,00,000 रुपये प्रतिवर्ष तक होता है। अनुभव के साथ सैलरी और ज्‍यादा शानदार होती जाती है।

क्‍या है नौकरी की चुनौतियां
एक पेट्रोलियम इंजीनियर को फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, जियोलॉजी और इकोनोमिक्स का ज्ञान होना जरूरी है। ये क्षेत्र बहुत बड़ा नहीं है इसलिए ये कोर्स कराने वाले संस्‍थान भी सीमित हैं और नौकरी देने वाले उद्योग भी। हालांकि, यही बात सबसे खास है जिसके कारण इस क्षेत्र में नौकरियों की कोई कमी नहीं है।

कहां मिलेंगे अवसर
पेट्रोलियम इंजीनियरिंग में विदेशों में भी अच्छी संभावनाएं हैं। छात्र अपना कोर्स पूरा करने के बाद प्रोसेस इंजीनियर, टेक्निकल सपोर्ट इंजीनियर, जियो साइंस प्रेशर एक्सपर्ट और सीनियर पेट्रो फीजिसिस्ट के पद पर नौकारी पा सकते हैं। छात्र ऑयल इंडिया लिमिटेड, एस्सार ऑयल लिमिटेड, हिंदुस्तान ऑयल एक्सप्लोरेशन कंपनी लिमिटेड, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड, गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया, आयल एंड नेशनल गैस कमीशन, रिलायंस पेट्रोलियम इंडस्ट्रीज, भारत पेट्रोलियम आदि में नौकरी पा सकते हैं। इसके अलावा आयल एक्सप्लोरेशन ऑर्गेनाइजेशन, पेट्रोलियम एंड आयल कंपनीज, रिफायनरीज, प्राइवेट आयल इंडस्ट्रीज, गैस कंपनीज, यूनिवर्सिटीज, पेट्रोलियम रिसर्च इंस्टीट्यूशंस में भी रोजगार के अवसर हैं।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

X