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BSEB: बिहार बोर्ड ने 12वीं की परीक्षा पैटर्न में किए तीन बड़े बदलाव, इससे पासिंग पर्सेंटेज बढ़ने की उम्मीद

बिहार विद्यालय परीक्षा बोर्ड (BSEB) ने 12वीं की परीक्षा के पैटर्न में तीन बड़े और जरूरी बदलाव किए हैं। बोर्ड ने इस बदलाव से पास परसेंटेज के बढ़ने की उम्मीद जताई है।

Author पटना | May 27, 2019 5:17 PM
प्रतीकात्मक फोटो (फोटो सोर्स: इंडियन एक्सप्रेस)

बिहार विद्यालय परीक्षा बोर्ड (BSEB) ने 12वीं की परीक्षा के पैटर्न में तीन बड़े बदलाव करने की घोषणा की है। BSEB के चेयरमैन आनंद किशोर ने प्रेस कॉफ्रेंस कर यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि फैसला छात्रों की सहूलियत के लिए किया गया है। बताया जा रहा है कि बोर्ड ने इस पैटर्न को लागू करने के लिए देश के अन्य बोर्ड और CBSE के पैटर्न का अध्ययन किया था। BSEB का मानना है कि इन बदलाव से पासिंग पर्सेंटेज बढ़ने की उम्मीद है। बता दें कि बोर्ड का यह नया पैटर्न 2019 से 2021 के सेशन से लागू किया जा सकता है।

पहले यह था विकल्प: बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि पहला पेपर एनआरबी और एमबी का होता है। ये दोनों पेपर 50-50 अंक के होते हैं। इनमें एनआरबी में हिंदी कंपलसरी है, जबकि एमबी में अंग्रेजी, मैथिली और उर्दू में से एक विषय चुनने का विकल्प होता है। उधर, दूसरे पेपर में छात्रों के पास अंग्रेजी, हिंदी, उर्दू, मैथिली, संस्कृत, प्रक्रित, मगही, भोजपुरी, बंगाली, अरबी और पर्सिया भाषा में से एक विकल्प चुनने का ऑप्शन होता है। इस पैटर्न में छात्र दोनों ही पेपर में हिंदी और अंग्रेजी चुन सकते थे, जिससे काफी कंफ्यूजन होता था।

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नए पैटर्न में यह होगा बदलाव: बोर्ड के नए पैटर्न के मुताबिक, अब छात्र पेपर-1 में केवल हिंदी या अंग्रेजी ही ले सकते हैं। यह पेपर कुल 100 अंक का होगा। वहीं, पेपर-2 में छात्रों को 12 विषयों में से किसी एक को चुनने की अनुमति दी गई है। हालांकि, बोर्ड ने दोनों पेपरों में एक ही विषय लेने पर रोक लगा दी है।

छठे पेपर का मिलेगा ऑप्शन: BSEB ने इस साल से छात्रों की सुविधा के लिए छठे पेपर का ऑप्शन भी शुरू किया है। बता दें कि बोर्ड में पहले केवल 5 ही पेपर होते थे। बताया जा रहा है कि इस पेपर को अडिशनल सब्जेक्ट के तौर पर माना जाएगा। छात्र अगर किसी पेपर में फेल हो जाते हैं तो इस पेपर को मेन पेपर मानकर उन्हें पास कर दिया जाएगा। बोर्ड ने यह भी खुलासा किया कि पेपर 1 और 2 में चुने गए विषय पेपर 6 में नहीं चुनने की इजाजत नहीं है। वहीं, साइंस स्ट्रीम के छात्रों के लिए इस साल बोर्ड ने बायोलॉजी को भी छठे पेपर में शामिल किया है। बोर्ड ने इस साल से पासिंग पर्सेंटेज पर भी विशेष ध्यान देने की बात कही है। इन पैटर्न के लागू होने से बोर्ड को उम्मीद है कि छात्रों के फेल होने की संख्या में कमी आएगी।

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