Bihar teacher transfer online process: बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने राज्य में शिक्षकों के स्थानांतरण यानी ट्रांसफर को लेकर नई व्यवस्था लागू किए जाने की जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से शिक्षकों की मांग थी कि ट्रांसफर प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया जाए, जिसे अब सरकार ने मंजूरी दे दी है। मंत्री के अनुसार अब शिक्षकों का स्थानांतरण पूरी तरह ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा, जिससे उन्हें दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

मिथिलेश तिवारी ने कहा, “हमारी शिक्षा का आधार हमारे शिक्षक हैं। शिक्षकों की लंबे समय से जो मांग रही है उसे हमने बिहार कैबिनेट से पास करवाया है और स्थानांतरण नियुक्ति को सरल कर दिया है। स्थानांतरण पोर्टल के माध्यम से होंगे, उन्हें कहीं जाने की जरूरत नहीं है… अब स्थानांतरण सरल होगा, पारदर्शी होगा और भ्रष्टाचार मुक्त होगा…”

पहले कैसे होती थी ट्रांसफर प्रक्रिया?

बिहार में पहले शिक्षकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया अपेक्षाकृत जटिल और समय लेने वाली मानी जाती थी। सामान्य तौर पर आवेदन ऑफलाइन या विभागीय पत्राचार के माध्यम से किया जाता था, जिसमें कई स्तरों पर फाइलें आगे बढ़ती थीं। इस प्रक्रिया में जिला शिक्षा कार्यालय और विभागीय मंजूरी की जरूरत होती थी।

इस प्रक्रिया को लेकर अक्सर शिक्षकों की तरफ से देरी और पारदर्शिता की कमी जैसी शिकायतें आती थीं। शिक्षकों के अनुसार, कथित तौर पर व्यक्तिगत संपर्क और प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर निर्भरता अधिक रहती थी। इसी वजह से शिक्षकों की लंबे समय से मांग थी कि ट्रांसफर सिस्टम को डिजिटल और सरल बनाया जाए।

अब क्या नया बदल रहा है?

नई व्यवस्था के तहत, ऑनलाइन ट्रांसफर पोर्टल एक्टिव होगा, जिसमें सभी आवेदन अब डिजिटल पोर्टल के माध्यम से होंगे और शिक्षक घर बैठे आवेदन कर सकेंगे।

पारदर्शी प्रक्रिया के लिए पूरी प्रक्रिया सिस्टम आधारित होगी, जिसमें मैनुअल हस्तक्षेप कम होगा।

भ्रष्टाचार में कमी लाने के लिए ये नई व्यवस्था काफी अहम भूमिका निभाएगी, जिसमें सीधे ऑनलाइन ट्रैकिंग से बिचौलियों की भूमिका घटेगी।

समय की बचत इस प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण पहलू है, जिसमें फाइलों की लंबी प्रक्रिया समाप्त होगी और निर्णय तेजी से लिए जा सकेंगे

NCERT किताब में बदलाव पर बयान

ट्रांसफर प्रक्रिया में बदलाव की जानकारी देते हुए मंत्री मिथिलेश तिवारी ने मीडिया से बातचीत के दौरान एनसीईआरटी की कक्षा 9 की सोशल साइंस किताब में चुनावी प्रक्रिया और विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़ी सामग्री जोड़ने पर भी प्रतिक्रिया दी।

उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति (NEP) के तहत NCERT की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है और जो भी विषय बच्चों को पढ़ाया जा रहा है, वह उनके भविष्य के लिए उपयोगी है। उन्होंने इसे “स्वागत योग्य कदम” बताया और कहा कि नई शिक्षा नीति का आधार NCERT ही है।