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Bihar School Education Board Results: दो साल बाद फिर बदली 2017 की Topper List, IIT पहुंचने के बाद छात्र को 10th क्लास में मिली सेकंड रैंक

इससे पहले 2017 की ही बोर्ड परीक्षा को लेकर भाव्या कुमारी ने भी कोर्ट के चक्कर काटे थे। कोर्ट के आदेश के बाद उनके अंकों में इजाफा हुआ था। भाव्या के वकील रतन कुमार ने ही मानस का भी केस लड़ा था।

Author पटना | Published on: August 24, 2019 7:15 PM
प्रतीकात्मक फोटो (फोटो सोर्स: इंडियन एक्सप्रेस)

Bihar School Education Board (BSEB) एक बार फिर सुर्खियों में है और चर्चा की वजह फिर से टॉपर लिस्ट ही है। दरअसल 2017 में बिहार बोर्ड से 10वीं कक्षा की परीक्षा देने वाले मानव गोपाल नाम के छात्र ने दो साल बाद जाकर पुरानी टॉपर लिस्ट में दूसरे पायदान पर जगह बनाई है। मानव को इस स्थान तक पहुंचने के लिए पढ़ाई से ज्यादा मेहनत अधिकारियों और कोर्ट के चक्कर लगाने में करनी पड़ी। लेकिन आखिरकार उन्हें सरकार की तरफ से मिलने वाली मदद भी मिली और टॉपर लिस्ट में जगह भी मिल गई। वो लिस्ट में सेकंड टॉपर बने हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पटना हाईकोर्ट की तरफ से पिछले हफ्ते जारी एक आदेश जारी किया गया। हाईकोर्ट के जस्टिस अनिल कुमार उपाध्याय की बेंच ने मानव को लैपटॉप दिए जाने का भी निर्देश दिया। बता दें कि मानव पहले ही आईआईटी में जगह बना चुके हैं और अब उन्हें दो साल बाद 10वीं की परीक्षा में 4 नंबर और मिले हैं।

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बता दें कि इससे पहले 2017 की ही बोर्ड परीक्षा को लेकर भाव्या कुमारी ने भी कोर्ट के चक्कर काटे थे। कोर्ट के आदेश के बाद उनके अंकों में इजाफा हुआ था। भाव्या के वकील रतन कुमार ने ही मानस का भी केस लड़ा था। उन्होंने कहा कि कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद ही एक और छात्र के अंकों में इजाफा हुआ है।
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उन्होंने कहा कि यह बेहद दुखद है और इससे सिस्टम पर भी सवाल खड़े होते हैं। 2017 में ही प्रियंका सिंह नाम की और छात्रा को पहले अनुत्तीर्ण घोषित कर दिया गया था लेकिन बाद में वे हाईकोर्ट गईं और नतीजा यह निकला कि वो भी टॉप-10 में शुमार हुईं। हाईकोर्ट ने इस मामले में बोर्ड पर 5 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया था। 2015 और 2016 में भी ऐसे मामले सामने आ चुके हैं।

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