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संगीत की दुनिया में मशहूर नाम थे बाबुल सुप्रियो, हवाई यात्रा के दौरान रामदेव ने दी राजनीति में आने की सलाह

बाबुल सुप्रियो की पहली पत्नी का नाम रिया था जिनसे उन्होंने 1995 में शादी की थी। दोनो का तलाक 2006 में हो गया था। इसके बाद 2016 में उन्होंने रचना शर्मा से दूसरी शादी कर ली।

AITMC, Babul Suprio, West Bengal elections 2021, amit shah, narendra modi, mamata banarjeeबाबुल ने अपनी स्कूली पढ़ाई डॉन बोस्को हाई एंड टेक्निकल स्कूल, लिलुआ, पश्चिम बंगाल से की।

बंगाल चुनाव के समय सभी पार्टियां अपने प्रचार में पूरा जोर लगा रही हैं। ऐसे में बीजेपी भी खूब प्रचार कर रही ही। हाल ही में गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रिय मंत्री बाबुल सुप्रियो का एक प्रचार का वीडियो काफी चर्चा में है। इस वीडियो में अमित शाह बाबुल सुप्रियो को उंगुली दिखाते हुए कैमरे के सामने से हटने को कहते हैं। आइए जानते हैं कौन हैं बाबुल सुप्रियो-
बाबुल सुप्रियो एक सिंगर, एक्टर, और नेता भी हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत 2004 में भाजपा से की थी। उनका जन्म 15 दिसंबर 1970 को पश्चिम बंगाल के उत्तरपारा में हुआ था। उनके पिता का नाम सुनील चंद्र बराल और माता का नाम सुमित्रा बराल है। बाबुल अपने दादा से बहुत प्रभावित थे जो एक प्रमुख बंगाली गायक और संगीतकार थे।

बाबुल सुप्रियो की पहली पत्नी का नाम रिया था जिनसे उन्होंने 1995 में शादी की थी। दोनो का तलाक 2006 में हो गया था। इसके बाद 2016 में उन्होंने रचना शर्मा से दूसरी शादी कर ली। उनकी एक बेटी नैना है।

बाबुल ने अपनी स्कूली पढ़ाई डॉन बोस्को हाई एंड टेक्निकल स्कूल, लिलुआ, पश्चिम बंगाल से की। उन्होंने 1991 में पश्चिम बंगाल के सेरामपुर कॉलेज से 1991 में कॉमर्स ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की। कॉलेज के बाद, उन्होंने कोलकाता में स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक में काम किया, लेकिन उनका सपना एक सिंगर बनने का था इसलिए वे 1992 में वे मुंबई चले गए।

फिल्म ‘कहो ना प्यार है’ में प्ले बैक सिंगर के रूप में उन्हें पहला बॉलीवुड ब्रेक मिला। यह फिल्म ऋतिक रोशन की पहली फिल्म भी थी। उन्होंने हम तुम, फना, हंगामा और कई और फिल्मों में भी गाने गाए। उन्होंने कई बंगाली फिल्मों के लिए भी गाने गाए थे। अंततः उन्हें बंगाली फिल्मों में अभिनेता बनने का मौका मिला और उन्होंने कई बंगाली फिल्मों में अभिनय किया।

एक बार एक हवाई यात्रा के दौरान वह बाबा रामदेव से मिले। उड़ान के दौरान, रामदेव ने उन्हें भाजपा में शामिल होने और लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए राजी किया। उन्हें पश्चिम बंगाल के आसनसोल लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से 2014 के आम चुनावों के लिए भाजपा के उम्मीदवार के रूप में नामित किया गया था। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के डोला सेन के खिलाफ चुनाव लड़ा और 70,000 से अधिक वोटों के अंतर से जीत हासिल की।

बीजेपी ने फिर से आसनसोल लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से 2019 के आम चुनावों के लिए पार्टी के उम्मीदवार के रूप में बाबुल के नाम की घोषणा की। इस बार उनकी प्रतिद्वंद्वी मुनमुन सेन थीं। सुप्रियो ने 2 लाख मतों के अंतर से चुनाव जीता। 2021 के चुनावों में वे ट्रालीगंज विधानसभा सीट से प्रत्याशी बनाया है।

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