कल्पना कीजिए, किसी व्यक्ति को बिना मांगे ही कोई सहायता, उपहार या अवसर मिल जाए। उसने इसकी अपेक्षा नहीं की थी, फिर भी वह वस्तु उसके पास आ गई। ऐसी स्थिति को व्यक्त करने के लिए हिंदी में एक सुंदर शब्द ‘अयाचित’ है। ‘अयाचित’ केवल बिना मांगे मिलने का भाव नहीं बताता, बल्कि ऐसी वस्तु या सहायता को दर्शाता है, जिसकी मांग या प्रार्थना न की गई हो।
जनसत्ता.कॉम की ‘सही हिंदी’ मुहिम का उद्देश्य हिंदी भाषा की शुद्धता, सुंदरता और व्याकरणिक समझ को आम पाठकों तक सरल रूप में पहुंचाना है। साथ ही ऐसे शब्दों का प्रयोग, जिनका हम प्रतिदिन की जिंदगी में करते हैं, लेकिन उनके सही अर्थ और संदर्भ को लेकर स्पष्टता कम होती है। यह पहल बोले और लिखे जाने वाले शब्दों के सही रूप, अर्थ, उच्चारण और व्याकरण को समझाकर भाषा के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास है। आज की कड़ी का शब्द ‘अयाचित’ है।
अयाचित: अ+याचित
अ: नहीं, अभाव
याचित: मांगा हुआ, प्रार्थना किया हुआ
‘अयाचित’ का अर्थ है- जो मांगा न गया हो, बिना मांग के प्राप्त हुआ हो।
शब्द का महत्व
‘अयाचित’ शब्द का प्रयोग साहित्य, दर्शन और सामान्य जीवन में किया जाता है। यह किसी ऐसी वस्तु, सहायता या स्थिति के लिए प्रयुक्त होता है, जो व्यक्ति की इच्छा या मांग के बिना प्राप्त हो जाए। भारतीय परंपरा में ‘अयाचित’ शब्द का संबंध कई बार संतोष और सहज प्राप्ति के भाव से भी जोड़ा जाता है।जब कोई बिना आपके कहे ही आपकी मदद कर दे तो वहां इस इस शब्द का प्रयोग बहुत प्रभावशाली लगता है।
उदाहरण
- कंपनी को कई अयाचित प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिन पर अभी कोई विचार नहीं किया जाएगा।
- संत-महात्मा कहते हैं कि ईश्वर की अयाचित कृपा हम सभी पर हमेशा बनी रहती है।
- नीतिशास्त्र कहता है कि हमें कभी किसी को अयाचित सलाह नहीं देनी चाहिए।
- संकट के समय मित्र द्वारा दी गई अयाचित सहायता ने उसे भावुक कर दिया।
- जीवन में कई बार अयाचित अवसर भी सफलता का रास्ता खोल देते हैं।
समानार्थी शब्द
अनपेक्षित, अप्रार्थित (जिसकी प्रार्थना न की गई हो), स्वतः प्राप्त।
अयाचित शब्द लिखने के दौरान होने वाली गलतियां
कुछ लोग इसे ‘अयाचीत’ लिख देते हैं, जो गलत है। सही शब्द अयाचित है।
अभिप्राय
‘अयाचित’ एक ऐसा शब्द है जो जीवन में अचानक मिलने वाली वस्तुओं और अनुभवों को व्यक्त करता है। यह बताता है कि हर प्राप्ति हमेशा प्रयास या मांग का परिणाम नहीं होती, कुछ चीजें बिना अपेक्षा के भी मिल जाती हैं। हिंदी की यही विशेषता है। एक शब्द और अर्थ की पूरी दुनिया।

सही हिंदी 42: ‘निर्बाध गति से जारी रही प्रक्रिया’, जानिए ‘निर्बाध’ का अर्थ, प्रयोग और शब्द-रचना
कल्पना कीजिए… किसी काम को करते हुए न कोई रुकावट आए, न कोई बाधा, न कोई ऐसी परिस्थिति जो गति को रोक पाए। कार्य लगातार और सहज रूप से चलता रहे। ऐसी स्थिति के लिए हिंदी में शब्द ‘निर्बाध’ है। ‘निर्बाध’ केवल बिना रुके होने का भाव नहीं बताता, बल्कि ऐसी स्थिति को व्यक्त करता है जिसमें किसी प्रकार की बाधा या अवरोध न हो। (पूरा लेख पढ़ने के लिए क्लिक करें)
