कल्पना कीजिए, किसी वस्तु, व्यक्ति या विचार की कीमत या महत्व समय के साथ कम आंका जाना लगे। जो पहले मूल्यवान माना जाता था, वही अब उतना महत्वपूर्ण नहीं समझा जा रहा। यही स्थिति ‘अवमूल्यन’ कहलाती है। आमतौर पर इस शब्द को हम समाचार पत्रों के आर्थिक पन्नों पर पढ़ते हैं, लेकिन ‘अवमूल्यन’ केवल आर्थिक स्थिति दर्शाने वाला शब्द नहीं, बल्कि यह सामाजिक, सांस्कृतिक और वैचारिक संदर्भों में भी प्रयुक्त होता है।

जनसत्ता.कॉम की ‘सही हिंदी’ मुहिम का उद्देश्य हिंदी भाषा की शुद्धता, सुंदरता और व्याकरणिक समझ को आम पाठकों तक सरल रूप में पहुंचाना है। साथ ही ऐसे शब्दों का प्रयोग, जिनका हम दैनिक जीवन में करते हैं, लेकिन उनके सही अर्थ और संदर्भ को लेकर स्पष्टता कम होती है। यह पहल बोले और लिखे जाने वाले शब्दों के सही रूप, अर्थ, उच्चारण और व्याकरण को समझाकर भाषा के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास है। आज की कड़ी का शब्द ‘अवमूल्यन’ है। आइए इसके सटीक अर्थ, व्युत्पत्ति और प्रयोग को विस्तार से समझते हैं।

अवमूल्यन: अव+मूल्य+अन
अव (उपसर्ग): नीचे, कम होना, गिरना
मूल्य: कीमत, महत्व
अन (प्रत्यय): भाव या क्रिया का बोध कराने वाला

‘अवमूल्यन’ का अर्थ मूल्य में कमी आना, किसी चीज को पूर्व की अपेक्षा कम आंका जाना या महत्व घट जाना। अंग्रेजी में इसके लिए Devaluation या Depreciation शब्द का प्रयोग किया जाता है।

शब्द का महत्व

अवमूल्यन का प्रयोग अर्थशास्त्र में मुद्रा के मूल्य में गिरावट के लिए किया जाता है। सामाजिक संदर्भ में यह किसी व्यक्ति, विचार या परंपरा के महत्व के घटने को दर्शाता है। यह शब्द हमें यह समझने में मदद करता है कि किसी भी वस्तु का मूल्य केवल आर्थिक नहीं, बल्कि सामाजिक और भावनात्मक भी होता है।

उदाहरण

  • भारतीय रुपये के लगातार अवमूल्यन का असर आम लोगों पर पड़ा। इससे आयात (Import) महंगा हो गया है।
  • साहित्य में फूहड़पन का आना भाषा के अवमूल्यन का संकेत है। इससे कलाकारों का मनोबल प्रभावित होता है।
  • आर्थिक संकट से निपटने के लिए कई देशों को अपनी मुद्रा (Currency) का अवमूल्यन करना पड़ता है।
  • आधुनिक दौर में संयुक्त परिवारों के टूटने से सामाजिक और नैतिक मूल्यों का तेजी से अवमूल्यन हुआ है।

अवमूल्यन शब्द लिखने के दौरान होने वाली गलतियां

कुछ लोग इसे ‘अवमुल्यन’ (ऊ की मात्रा हटाकर) लिख देते हैं, जो गलत है। सही शब्द अवमूल्यन है।

अवमूल्यन का विलोम

‘अवमूल्यन’ का ठीक उल्टा या विलोम शब्द ‘अधिमूल्यन’ होता है। ‘अधि’ उपसर्ग का अर्थ ‘ऊपर’ या ‘अधिक’ होता है। अतः जब किसी मुद्रा या वस्तु का मूल्य बढ़ जाता है तो उसे अधिमूल्यन (Overvaluation/Appreciation) कहा जाता है।

अभिप्राय

‘अवमूल्यन’ एक ऐसा शब्द है जो केवल आर्थिक गिरावट नहीं, बल्कि किसी भी मूल्य या महत्व के कम होने को व्यक्त करता है। यह हमें यह सोचने पर मजबूर करता है कि हम किन चीजों का सही मूल्यांकन कर रहे हैं और किनका नहीं। हिंदी की यही विशेषता है- एक शब्द और अर्थ की पूरी दुनिया।

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