प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को असम को कई बड़ी सौगातें दीं। इनमें सबसे बड़ा ऐलान आईआईएम गुवाहाटी के स्थायी परिसर का उद्घाटन रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से आईआईएम गुवाहाटी के स्थायी कैंपस का उद्घाटन किया।

जानकार मानते हैं कि यह पूर्वोत्तर भारत में उच्च प्रबंधन शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जानकारी के लिए बता दें कि केंद्र सरकार ने पिछले साल गुवाहाटी में आईआईएम की स्थापना को मंजूरी दी थी। यह पूर्वोत्तर का दूसरा और देश का 22वां भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) है। इससे पहले शिलांग में एक आईआईएम संचालित हो रहा है।

बताया जा रहा है कि आईआईएम गुवाहाटी का निर्माण लगभग 555 करोड़ रुपये के निवेश से किया जाएगा। फिलहाल यह संस्थान अस्थायी परिसर में संचालित हो रहा है। इसका स्थायी कैंपस कामरूप जिले में 76.83 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित किया जाएगा, जो प्लसपरा क्षेत्र के पास स्थित है।

बड़ी बात यह है कि केंद्र सरकार ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (अमेंडमेंट) बिल, 2025 को लागू कर दिया है। इसके बाद नए संस्थानों में दाखिले की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है।

इससे पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी आईआईएम गुवाहाटी को लेकर बड़ा बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने में इस तरह के संस्थान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में यह नया आईआईएम देश को समर्पित किया जा रहा है। उनके मुताबिक, 1961 से 2014 तक देश में केवल 13 आईआईएम स्थापित हुए थे, जबकि पिछले 10–11 वर्षों में इनकी संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।