कल्पना कीजिए… कोई व्यक्ति शांत भाव से बैठा है। शरीर स्थिर है, मन एकाग्र है और ध्यान भीतर की ओर केंद्रित है। योग में शरीर को जिस विशेष स्थिति में स्थिर रखा जाता है, उसे ‘आसन’ कहा जाता है। ‘आसन’ केवल बैठने की मुद्रा नहीं, बल्कि योग, अनुशासन और एकाग्रता से जुड़ा एक महत्वपूर्ण शब्द है।

जनसत्ता.कॉम की ‘सही हिंदी’ मुहिम का उद्देश्य हिंदी भाषा की शुद्धता, सुंदरता और व्याकरणिक समझ को आम पाठकों तक सरल रूप में पहुंचाना है। साथ ही ऐसे शब्दों का प्रयोग, जिनका हम प्रतिदिन के जीवन में करते हैं, लेकिन उनके सही अर्थ और सही संदर्भ को लेकर स्पष्टता कम होती है। यह पहल बोले और लिखे जाने वाले शब्दों के सही रूप, अर्थ, उच्चारण और व्याकरण को समझाकर भाषा के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास है। आज की कड़ी का शब्द ‘आसन’ है।

आसन का अर्थ

  • आसन संस्कृत मूल का शब्द है।
  • आसन: बैठने का स्थान, बैठने की मुद्रा, योग की स्थिति। संस्कृत धातु ‘आस्’ का अर्थ बैठना या स्थित होना है। इसी से ‘आसन’ शब्द बना है।
  • महर्षि पतंजलि ने ‘योग सूत्र’ के अष्टांग योग में ‘आसन’ को तीसरा अंग बताया है। उन्होंने इसकी बहुत ही वैज्ञानिक और सुंदर परिभाषा दी है। शारीरिक मुद्रा में बिना हिले-डुले स्थिरता बनी रहे और सुख की अनुभूति हो, वही आसन है।

शब्द का महत्व

‘आसन’ शब्द का सबसे अधिक प्रयोग योग के संदर्भ में किया जाता है। योग दर्शन में शरीर को स्थिर और सहज रखने वाली स्थिति को आसन कहा गया है। इसके अलावा सामान्य जीवन में भी बैठने के स्थान या बैठने की व्यवस्था के लिए ‘आसन’ शब्द का प्रयोग होता है। उदाहरण: राजा का आसन, पूजा का आसन आदि।

उदाहरण

  • इतिहास साक्षी है कि सत्ता का आसन कभी भी फूलों की बिछावन नहीं होता, इसके साथ कई जिम्मेदारियां आती हैं।
  • गुरु के सामने बैठने के लिए शिष्य ने अपना आसन ग्रहण किया। राजा के आसन के पास सभी मंत्री उपस्थित थे।
  • 21 जून को विश्व योग दिवस के अवसर पर लाखों लोगों ने विभिन्न आसनों का अभ्यास कर विश्व रिकॉर्ड बनाया।
  • योग शिक्षक ने सही आसन में बैठने की सलाह दी। ध्यान के लिए स्थिर आसन आवश्यक माना जाता है।
  • मंच संचालक ने मुख्य अतिथि को सम्मानपूर्वक अपना आसन ग्रहण करने के लिए आमंत्रित किया।

समानार्थी शब्द

बैठक, मुद्रा, स्थान, पीठिका (संदर्भानुसार)।

आसन शब्द लिखने के दौरान होने वाली गलतियां

कुछ लोग इसे ‘आसान’ या ‘आशन’ लिख देते हैं, जबकि आसन और आसान शब्दों के अर्थ अलग-अलग हैं।
आसन: बैठने की मुद्रा या स्थान।
आसान: सरल, सहज।
सही शब्द आसन है।

अभिप्राय

‘आसन’ एक ऐसा शब्द है जो शरीर की स्थिति से आगे बढ़कर अनुशासन, स्थिरता और एकाग्रता का भाव व्यक्त करता है। योग की परंपरा में यह केवल बैठने की मुद्रा नहीं, बल्कि मन और शरीर के संतुलन का माध्यम है। हिंदी की यही विशेषता है। एक शब्द और अर्थ की पूरी दुनिया।

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