देश में नीट पेपर लीक मामले को लेकर मच रहे बवाल के बीच दिल्ली से सटे नोएडा में डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी का एक पेपर लीक होने का मामला सामने आया है जिसके बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने परीक्षा को ही रद्द कर दिया है। दरअसल, यूनिवर्सिटी के बीटेक कोर्स में छठे सेमेस्टर के कंप्यूटर साइंस नेटवर्क का पेपर 21 मई को आयोजित हुआ था। नोएडा और गाजियाबाद के एग्जाम सेंटर्स पर छात्रों के पास से ऐसी पर्चियां बरामद हुईं, जिनमें वही सवाल और जवाब लिखे थे जो परीक्षा में पूछे गए थे। इसके बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन में हड़कंप मच गया। इसके बाद मामले की जांच शुरू हुई फिर 27 मई, बुधवार को परीक्षा रद्द कर दी गई।

दोबारा आयोजित होगी परीक्षा

यूनिवर्सिटी की ओर से कहा गया है कि यह फैसला परीक्षा प्रोसेस की ईमानदारी बनाए रखने के लिए लिया गया है। प्रभावित सेंटर के स्टूडेंट्स को अब 5 जून को नए क्वेश्चन पेपर के साथ दोबारा परीक्षा देनी होगी। अभी, सिर्फ उन्हीं कैंडिडेट्स के प्रभावित होने की पुष्टि हुई है जो नोएडा इंस्टीट्यूट में कंप्यूटर नेटवर्क्स सब्जेक्ट के लिए बताए गए BTech कंप्यूटर साइंस के छठे सेमेस्टर की परीक्षा में शामिल हुए थे। दूसरे सेंटर्स या दूसरी परीक्षाओं के स्टूडेंट्स पर किसी भी तरह के असर के बारे में कोई ऑफिशियल जानकारी नहीं है। हालांकि, यूनिवर्सिटी ने स्टूडेंट्स को रेगुलर ऑफिशियल अपडेट्स चेक करते रहने की सलाह दी है।

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बदला जाएगा एग्जाम सेंटर

यूनिवर्सिटी की ओर से बताया गया है कि दोबारा परीक्षा में शामिल होने वाले स्टूडेंट्स के लिए एग्जाम सेंटर बदला जाएगा और बदले हुए सेंटर की जानकारी नए एडमिट कार्ड के जरिए दी जाएगी। एडमिट कार्ड जारी होने की जानकारी ऑफिशियल वेबसाइट पर मिलेगी। एडमिट कार्ड जारी होने का ऑफिशियल नोटिफिकेशन उसी वेबसाइट पर मिलेगा।

रिजल्ट में हो सकती है देरी

यूनिवर्सिटी की ओर से कहा गया है कि संबंधित कोर्स और सेमेस्टर के रिजल्ट में तब तक देरी हो सकती है जब तक री-एग्जाम प्रोसेस और इवैल्यूएशन पूरा नहीं हो जाता। स्टूडेंट्स को एग्जाम से जुड़े सभी डॉक्यूमेंट्स, जैसे एडमिट कार्ड, एंट्री स्लिप और स्टाम्प लगी रसीदें, अपने पास सुरक्षित रखनी चाहिए।

बता दें कि 21 मई को AKTU की ओर से प्रदेश के 131 परीक्षा केंद्रों पर बीटेक कंप्यूटर साइंस छठे सेमेस्टर के पेपर का आयोजन हुआ था। परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे की शिफ्ट में होने वाली थी, लेकिन उसके पहले ही नोएडा के एक सेंटर पर पेपर लीक हो गया।