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एनिमल प्रोटेक्शन है अपनी तरह का पहला डिप्‍लोमा कोर्स, जानें कहां और कैसे ले सकते हैं एडमिशन

बता दें कि यह भारत का पहला ऐसा शैक्षणिक पाठ्यक्रम है। यह पाठ्यक्रम एक साल के लिए डिस्टेन्स पीजी डिप्लोमा कोर्स है।

इस कार्यक्रम के माध्यम से, नलसार यूनिवर्सिटी का उद्देश्य भारत में पशु कानूनों के कानूनी पहलुओं की जानकारी देने के साथ-साथ छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त कानूनों में विशेषज्ञ बनाना है।

नलसार यूनिवर्सिटी एक लॉ यूनिवर्सिटी है जो छात्रों को लॉ फैकल्टी में पढ़ाई के अलावा रिसर्च के पाठ्यक्रम भी उपलब्ध कराती है। बता दें कि नेशनल एकेडमी ऑफ लीगल स्टडीज एंड रिसर्च हैदराबाद में स्थित है। यहां छात्र रेगूलर पाठ्यक्रमों के अलावा डिस्‍टेंट लर्निंग के द्वारा भी पढ़ाई कर सकते हैं। यहां मास्टर और पीजी डिप्लोमा जैसी कोर्स भी उपलब्ध हैं तथा लॉ फैकल्टी में भी नए पाठ्यक्रम जोड़े गए हैं जिसके अंतर्गत हैदराबाद में पशु कानून केंद्र ने पशु संरक्षण कानून पर एक नया शैक्षणिक पाठ्यक्रम शुरू किया है। बता दें कि यह भारत का पहला ऐसा शैक्षणिक पाठ्यक्रम है। यह पाठ्यक्रम एक साल के लिए पीजी डिप्लोमा कोर्स है जो डिस्टेन्स कोर्स है। आगे जानते हैं इस कोर्स से संबंधित जानकारी।

एनिमल प्रोटेक्शन पर एक वर्षीय पीजी (स्नातकोत्तर) डिप्लोमा
इसके अंतर्गत उन मुद्दों को शामिल किया गया है, जो मनुष्यों और जानवरों पर समान रूप से लागू होते हैं। साथ ही साथ इसमें पशु कल्याण और पशु अधिकारों को भी शामिल किया गया है। पशु कानून के क्षेत्र में प्रशासनिक कानून, पर्यावरण कानून, उपभोक्ता संरक्षण कानून आदि मुद्दे हैं। इस कार्यक्रम के माध्यम से, नलसार यूनिवर्सिटी का उद्देश्य भारत में पशु कानूनों के कानूनी पहलुओं की जानकारी देने के साथ-साथ छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त कानूनों में विशेषज्ञ बनाना है।

प्रवेश प्रक्रिया: पाठ्यक्रम की फीस 30,000/- है तथा प्रवेश के लिए आवेदन ऑनलाइन भरना होगा। ऑनलाइन आवेदन पत्र जमा करने के लिए ऑनलाइन पोर्टल 10 अगस्त 2019 तक खुला रहेगा। ऑनलाइन आवेदन पत्र की एक कॉपी डिस्‍टेंट लर्निंग निदेशालय नलसार लॉ विश्वविद्यालय न्याय शहर, शमीर्पेत, मेडचल जिला, हैदराबाद, तेलंगाना, भारत – 500101 पर भेजनी होगी। इसे ऑनलाइन आवेदन फार्म जमा करने की तारीख से 10 दिनों के भीतर भेजना अनिवार्य है।

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