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MBBS के बाद प्रैक्टिस के लिए करना पड़ेगा NEXT, केंद्र सरकार ने NMC विधेयक को दी मंजूरी

केंद्र सरकार ने एमसीआई को हटाकर एनएमसी विधेयक 2019 को लागू कर दिया है। सरकार अब निजी कॉलेज की 50 फीसदी सीटों पर खुद ही फीस तय करेगी।

प्रतीकात्मक फोटो (फोटो सोर्स: इंडियन एक्सप्रेस)

केंद्र सरकार ने डाक्टरों को एमबीबीएस की पढ़ाई के बाद प्रैकि्टस करने के लिए कॉमन नेशनल एग्जिट टेस्ट (नेक्स्ट) को पास करना अनिवार्य कर दिया है। सरकार ने इस पर बुधवार (17 जुलाई) को फैसला सुनाया है। बता दें कि डाक्टरों के गुणवत्ता को सुधारने के लिए सरकार ने ऐसा कदम उठाया है। यही नहीं विधेयक में सरकार को निजी एवं डीम्ड मेडिकल कॉलेजों की 50 फीसदी सीटों पर शुल्क निर्धारण का अधिकार दिया गया है।

एनएमसी विधेयक 2019 के लागू की मंजूरीः केंद्र सरकार ने बुधवार (17 जुलाई) को एनएमसी विधेयक 2019 को लागू करने की मंजूरी दे दी है। बता दें कि सरकार ने एमसीआई को हटाकर एनएमसी विधेयक को लाई है ताकि डाक्टरों के गुणवत्ता में सुधार हो। वहीं इस मामले में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा, ‘एमसीआई की जगह एनएमसी को मंजूरी दे दी गई है। मेडिकल शिक्षा में अहम सुधार की शुरुआत करने के लिए प्रधानमंत्री का आभार।’

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नेक्स्ट के अंक पर ही पीजी में प्रवेशः इस मामले में केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बयान देते हुए कहा कि पीजी में प्रवेश पाने के लिए नेक्स्ट के अंक को देखे जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि विदेश से पढ़ाई करने वाले को भी एमसीआई की जगह एनएमसी की परीक्षा देनी होगी। बता दे कि सरकार ने एनएमसी विधेयक 2019 के तहत यह साफ कर दिया है कि यह परीक्षा सभी मेडिकल के छात्रों के लिए अनिवार्य है।

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बेलगाम फीस पर सरकार की नकेलः सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए मेडिकल कॉलेजों के फीसों पर लगाम लगाया है। निजी व डीम्ड मेडिकल कॉलेज की मनमानी को रोकते हुए सरकार ने यह ऐलान किया है कि निजी कॉलेज की 50 फीसदी सीटों पर सरकार फीस तय करेगी। वहीं बाकी 50 फीसदी पर कॉलेजों को शुल्क तय करने का अधिकार होगा। केंद्रीयमंत्री जावेड़कर ने यह भी कहा कि एम्स समेत सभी संस्थानों को नीट और कॉमन काउंसलिंग के इस विधेयक के अंतरगत लाने का विचार है। बता दें कि इस प्रस्तावित आयोग में अंडर-ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन बोर्ड, पोस्ट-ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन बोर्ड, मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड और एथिक्स एंड मेडिकल रजिस्ट्रेशन बोर्ड होंगे।

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