AIIMS BSc Nursing Applications: मेडिकल क्षेत्र में करियर बनाने वाले छात्रों के बीच अब एमबीबीएस के अलावा नर्सिंग और एलाइड हेल्थकेयर कोर्स की लोकप्रियता भी तेजी से बढ़ रही है। इसका बड़ा उदाहरणएम्स बीएससी (ऑनर्स) नर्सिंग के आवेदन आंकड़े हैं। आरटीआई से मिली जानकारी के अनुसार, 2021 में 16,485 आवेदन आए थे, जो 2025 में बढ़कर 1,80,117 हो गए। वहीं अगस्त 2026 सत्र के लिए AIIMS BSc (Hons) Nursing प्रवेश परीक्षा में 1,90,740 आवेदन प्राप्त हुए।
इसी तरह एम्स के बीएससी एलाइड और हेल्थकेयर कोर्स के आवेदनों में भी बड़ा उछाल दर्ज किया गया है। 2021 में जहां 6,878 आवेदन आए थे, वहीं 2025 में यह संख्या 1,26,968 हो गई।
AIIMS BSc Nursing में 5 साल में कितना बढ़ा आवेदन?
AIIMS से RTI के तहत प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक BSc (Hons) Nursing की प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन लगातार बढ़े हैं।
| वर्ष | कुल आवेदन |
|---|---|
| 2021 | 16,485 |
| 2022 | 20,467 |
| 2023 | 69,514 |
| 2024 | 1,40,853 |
| 2025 | 1,80,117 |
| 2026 | 1,90,740 |
2021 से 2025 के बीच आवेदनों की संख्या करीब 11 गुना हो गई। 2026 के अगस्त सत्र में यह आंकड़ा और बढ़कर 1.90 लाख से ज्यादा पहुंच गया।
किस कैटेगरी से कितने आवेदन आए?
2025 के आंकड़ों में OBC-NCL उम्मीदवारों के आवेदन सबसे ज्यादा रहे। इसके बाद Unreserved, SC, EWS और ST कैटेगरी का स्थान रहा।
| कैटेगरी | 2021 | 2025 |
|---|---|---|
| ओबीसी-एनसीएल | 6,754 | 78,319 |
| यूआर | 5,542 | 48,988 |
| एससी | 2,292 | 28,543 |
| ईडब्ल्यूएस | 1,334 | 15,218 |
| एसटी | 563 | 9,049 |
| कुल | 16,485 | 1,80,117 |
Allied Healthcare Courses में भी बढ़ी छात्रों की रुचि
सिर्फ बीएससी नर्सिंग ही नहीं, बल्कि बीएससी एलाइड और हेल्थकेयर कोर्स के लिए भी आवेदन तेजी से बढ़े हैं। एम्स के आंकड़ों के मुताबिक, 2021 में इन पाठ्यक्रमों के लिए 6,878 आवेदन मिले थे और 2025 में यह संख्या बढ़कर 1,26,968 हो गई।
| वर्ष | BSc Allied & Healthcare आवेदन |
|---|---|
| 2021 | 6,878 |
| 2022 | 7,479 |
| 2023 | 24,689 |
| 2024 | 64,667 |
| 2025 | 1,26,968 |
2025 में इस श्रेणी में भी OBC-NCL उम्मीदवारों के आवेदन सबसे अधिक रहे।
कौन-कौन से Allied Healthcare Courses होते हैं?
एलाइड हेल्थकेयर कोर्स के तहत मेडिकल क्षेत्र से जुड़े कई स्पेशलाइज्ड कोर्स आते हैं। इनमें मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी, ऑप्थैल्मिक साइंसेज, रेडियोथेरेपी, परफ्यूजन टेक्नोलॉजी समेत कई क्षेत्र शामिल हैं। इन प्रोफेशनल्स की भूमिका अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवाओं में डायग्नोस्टिक, थेरेप्यूटिक और अन्य विशेष सेवाओं में होती है।
इस वजह से जिन छात्रों को मेडिकल क्षेत्र में काम करना है लेकिन एमबीबीएस में सीट नहीं मिलती, उनके लिए ये पाठ्यक्रम अलग करियर विकल्प उपलब्ध कराते हैं। हालांकि इन कोर्स को केवल MBBS का विकल्प मानने के बजाय अलग-अलग विशेषज्ञ स्वास्थ्य पेशों के रूप में देखना अधिक उपयुक्त है।
NEET के मुकाबले सीटों की संख्या भी बड़ा फैक्टर
हर साल करीब 22 लाख उम्मीदवार नीट-यूजी में शामिल होते हैं, जबकि एमबीबीएस सीटों की संख्या एक लाख से कुछ अधिक है। ऐसे में मेडिकल क्षेत्र में करियर की इच्छा रखने वाले कई छात्र नर्सिंग और एलाइड हेल्थकेयर जैसे दूसरे क्षेत्रों की ओर भी जाते हैं।
नर्सिंग के मामले में सरकारी अस्पतालों में भर्ती के स्पष्ट रास्ते और नर्सिंग ऑफिसर भर्ती सामान्य पात्रता परीक्षा (NORCET) (Nursing Officer Recruitment Common Eligibility Test (NORCET) जैसी परीक्षाओं ने भी इस क्षेत्र को छात्रों के बीच अधिक परिचित बनाया है।जेआईपीएमईआर जैसे संस्थानों में नर्सिंग ऑफिसर की भर्ती भी एम्स द्वारा आयोजित NORCET के माध्यम से होती है।
सरकारी संस्थानों में फीस अपेक्षाकृत कम
इन पाठ्यक्रमों की लागत भी छात्रों के लिए महत्वपूर्ण फैक्टर हो सकती है। एम्स, पीजीआईएमईआर और जेआईपीएमईआर जैसे केंद्रीय संस्थानों में कुछ संबद्ध स्वास्थ्य देखभाल कार्यक्रमों का किराया लगभग 1,500 से 15,000 तक हो सकता है। राज्य सरकार के मेडिकल कोचिंग में कुछ कोर्स की फीस करीब 20,000 से 60,000 तक हो सकती है।
वहीं निजी विश्वविद्यालयों और डीम्ड संस्थानों में फीस काफी अधिक हो सकती है। फिजियोथेरेपी, मेडिकल इमेजिंग टेक्नोलॉजी और कार्डियक टेक्नोलॉजी जैसे बैचलर प्रोग्राम की फीस संस्थान के अनुसार लगभग 80,000 से 3 लाख सालाना तक बताई गई है।
Nursing और Allied Health Courses
एम्स के अलावा दूसरे प्रमुख मेडिकल संस्थानों में भी नर्सिंग और एलाइड हेल्थ साइंसेज की पढ़ाई के अवसर हैं। JIPMER की आधिकारिक वेबसाइट पर 2026-27 के लिए बीएससी नर्सिंग नर्सिंग और संबद्ध स्वास्थ्य विज्ञान पाठ्यक्रम के एडमिशन की जानकारी जारी की गई है। इससे छात्रों के लिए मेडिकल क्षेत्र में MBBS के अलावा कई स्पेशलाइज्ड अंडरग्रेजुएट करियर विकल्प उपलब्ध होने का पता चलता है।
बीएससी नर्सिंग और एलाइड हेल्थकेयर की मांग क्यों बढ़ रही है?
आवेदन आंकड़ों में वृद्धि के पीछे रिपोर्ट में कई संभावित कारण सामने आते हैं, जो इस प्रकार हैं।
हेल्थकेयर सेक्टर में करियर विकल्पों की बढ़ती जानकारी
सरकारी अस्पतालों में रोजगार के अवसर
नर्सिंग ऑफिसर भर्ती का क्लियर रास्ता
एमबीबीएस की तुलना में कुछ पाठ्यक्रमों की कम फीस
मेडिकल और डायग्नोस्टिक सेवाओं में विशेषज्ञ प्रोफेशनल्स की जरूरत
नीट यूजी में बड़ी संख्या में उम्मीदवारों की तुलना में सीमित एमबीबीएस सीटें
AIIMS, JIPMER और PGIMER जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में पढ़ाई का अवसर
इन कारणों को आवेदन बढ़ने की संभावित वजहों के रूप में देखा जा सकता है; उपलब्ध RTI आंकड़े स्वयं इन सभी कारणों के प्रभाव को अलग-अलग मापते नहीं हैं।
