अग्निपथ योजना के तहत सेवा देने वाले अग्निवीरों के लिए एक बड़ी पहल पर काम चल रहा है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के अंतर्गत कार्यरत डिजिटल इंडिया कॉरपोरेशन ने अग्निवीरों को मिलने वाले स्किल, ट्रेनिंग और अनुभव आधारित प्रमाणपत्रों को डिजिटल रूप से जारी करने की संभावनाओं पर चर्चा की है।

यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो अग्निवीरों के प्रशिक्षण और कौशल से जुड़े प्रमाणपत्र डिजिलॉकर के माध्यम से उपलब्ध होंगे और उन्हें अपार (Automated Permanent Academic Account Registry) ID से भी जोड़ा जा सकेगा।

DigiLocker पर मिल सकते हैं अग्निवीरों के सर्टिफिकेट

डिजिटल इंडिया कॉरपोरेशन की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, हाल ही में एक बैठक आयोजित की गई जिसमें अग्निपथ योजना के तहत दिए जाने वाले ट्रेनिंग सर्टिफिकेट, स्किल सर्टिफिकेट और एक्सपीरिएंशियल लर्निंग सर्टिफिकेट जारी करने की प्रक्रिया पर चर्चा हुई। बैठक में भारतीय वायुसेना के वर्तमान और सेवानिवृत्त कर्मियों से जुड़े डिजिटल प्रमाणन ढांचे पर भी विचार-विमर्श किया गया।

क्या होगा इसका फायदा?

प्रस्तावित व्यवस्था के तहत अग्निवीर अपने सेवा काल के दौरान अर्जित कौशल, प्रशिक्षण और अनुभव से जुड़े रिकॉर्ड को DigiLocker के जरिए सुरक्षित रूप से प्राप्त और साझा कर सकेंगे। इससे नौकरी देने वाली कंपनियों, शैक्षणिक संस्थानों और सरकारी एजेंसियों के लिए इन प्रमाणपत्रों का सत्यापन करना आसान हो जाएगा।

APAAR ID से जुड़ेंगे क्रेडिट

चर्चा के दौरान इन प्रमाणपत्रों को नेशनल क्रेडिट फ्रेमवर्क (NCrF) से जोड़ने पर भी विचार किया गया। इसके अलावा प्रशिक्षण और अनुभव के आधार पर अर्जित क्रेडिट को APAAR ID से लिंक करने का प्रस्ताव भी सामने आया। APAAR एक स्थायी अकादमिक पहचान प्रणाली है, जिसके जरिए छात्रों और शिक्षार्थियों के शैक्षणिक रिकॉर्ड डिजिटल रूप से सुरक्षित रखे जाते हैं।

ABC से भी हो सकता है इंटीग्रेशन

सरकार एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स (ABC) के साथ भी इन क्रेडिट्स को जोड़ने की संभावनाओं पर विचार कर रही है। ABC एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है जहां मान्यता प्राप्त संस्थानों से अर्जित शैक्षणिक क्रेडिट सुरक्षित रखे जाते हैं। इससे शिक्षार्थी भविष्य में अपने क्रेडिट को ट्रांसफर या रिडीम कर सकते हैं।

यदि सैन्य प्रशिक्षण के दौरान अर्जित क्रेडिट ABC में शामिल किए जाते हैं, तो अग्निवीरों को उच्च शिक्षा और अन्य शैक्षणिक कार्यक्रमों में अतिरिक्त अवसर मिल सकते हैं।

अग्निपथ योजना क्या है?

केंद्र सरकार ने वर्ष 2022 में अग्निपथ योजना शुरू की थी। इसके तहत युवाओं की चार वर्ष के लिए सेना में भर्ती की जाती है। चयनित उम्मीदवारों को अग्निवीर कहा जाता है। चार वर्ष की सेवा पूरी होने के बाद संगठनात्मक जरूरतों और मेरिट के आधार पर अधिकतम 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित सेवा में रखा जाता है, जबकि शेष जवानों को सेवा निधि पैकेज और कौशल प्रमाणपत्रों के साथ नागरिक जीवन में आगे बढ़ने का अवसर दिया जाता है।

रोजगार में मिलेगा फायदा

अग्निवीर सेवा के दौरान सैन्य प्रशिक्षण के साथ-साथ तकनीकी, व्यावसायिक और परिचालन कौशल भी प्राप्त करते हैं। ये कौशल लॉजिस्टिक्स, मैन्युफैक्चरिंग, सुरक्षा सेवाओं, एविएशन, सूचना प्रौद्योगिकी और सार्वजनिक सेवाओं जैसे क्षेत्रों में रोजगार प्राप्त करने में मददगार हो सकते हैं। डिजिटल प्रमाणन प्रणाली लागू होने पर इन योग्यताओं को प्रमाणित करना और भी आसान हो जाएगा।

अभी नहीं हुई है आधिकारिक घोषणा

फिलहाल सरकार की ओर से इस प्रस्ताव को लागू करने की कोई समयसीमा घोषित नहीं की गई है। हालांकि, हालिया चर्चाओं से संकेत मिलता है कि भविष्य में अग्निवीरों और पूर्व सैनिकों के प्रशिक्षण एवं कौशल प्रमाणपत्र भारत के डिजिटल शैक्षणिक और कौशल ढांचे का हिस्सा बन सकते हैं।