ताज़ा खबर
 

वॉर थियेटर में बदला वायु सेना का हवाई अड्डा, कारगिल युद्ध के 20 साल पूरे होने पर सेना ने रीक्रिएट की वॉर मेमोरीज़

IAF ने युद्ध के 20 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में हवाई अड्डे पर कई एक्टिविटीज़ करने की योजना बनाई है, टाइगर हिल हमले का प्रतीकात्मक "रीक्रिएशन" उनमें से एक था।

20 Years Of Kargil War, Air Force Recreates How Tiger Hill Was Retaken, Kargil War Memories, Kargil Victory, Moments of Kargil Victoryइस वर्ष के लिए वर्षगांठ समारोह 25 से 27 जुलाई तक तीन दिनों तक चलेगा।

कारगिल युद्ध के 20 साल पूरे होने के अवसर पर, वायु सेना ने आज अपने ग्वालियर हवाई अड्डे को एक वॉर थियेटर में बदल दिय। एयर फोर्स ने 1999 के कारगिल यूद्ध के कुछ सीन फिर से रीक्रिएट किए हैं। जम्मू और कश्मीर के द्रास-कारगिल सेक्टर में टाइगर हिल को फिर से हासिल करने के लिए किए गए हमले रीक्रिएशन में, “मॉडल हिल” को विस्‍फोटकों से उड़ा दिया गया। मुख्य अतिथि एयर चीफ मार्शल बी. एस. धनोआ थे।

IAF ने युद्ध के 20 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में हवाई अड्डे पर कई एक्टिविटीज़ करने की योजना बनाई है, टाइगर हिल हमले का प्रतीकात्मक “रीक्रिएशन” उनमें से एक था। बेस पर डिस्‍प्‍ले के लिए पांच मिराज 2000, दो मिग -21 और एक सुखोई 30 एमकेआई थे। मिराज 2000 में से एक ने फरवरी में बालाकोट हवाई पट्टी में प्रयुक्त स्पाइस बम का प्रदर्शन किया।

एयर चीफ मार्शल धनोआ ने कहा, “कारगिल युद्ध में मिराज 2000 के लिए पॉड्स और लेजर-गाइडेड बम प्रणाली को इंटीग्रेट करने का टारगेट 12 दिनों के रिकॉर्ड समय में किया गया था।” उन्होंने कहा, “मिराज 2000 में उस समय मोडिफिकेशन किया जा रहा था। उसमें तेजी लाई गई और कारगिल युद्ध के लिए सिस्टम जल्‍द तैयार कर लिया गया था।”

कई सेवारत और सेवानिवृत्त वीरता पुरस्कार विजेता, जिन्होंने 1999 में ऑपरेशन विजय में भाग लिया था, उन्‍होनें इस कार्यक्रम में भाग लिया। मिराज 2000 जेट्स ने टाइगर हिल पर दुश्मन के ठिकानों को मारकर युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। IAF ने सेना के ऑपरेशन विजय के एक भाग के रूप में ‘सफेद सागर’ ऑपरेशन किया था।

अधिकारियों ने कहा कि कारगिल विजय दिवस की 20 वीं वर्षगांठ के अवसर पर अगले महीने जम्मू और कश्मीर में सेना द्वारा दिल्ली और द्रास में कई आयोजन किए गए हैं। इस वर्ष के लिए वर्षगांठ समारोह 25-27 जुलाई से तीन दिनों तक चलेगा। एक अधिकारी ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में उत्सव 14 जुलाई को राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर एक “विजय ज्योति” की रोशनी के साथ शुरू होगा, जिसे अंत में द्रास पहुंचने के लिए 11 और शहरों से ले जाया जाएगा।

 

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 RSOS Rajasthan State Open 10th Result 2019: मुस्‍कान अग्रवाल बनीं लड़कियों की टॉपर, देखें पूरा रिजल्‍ट
2 JNU MPhil, PhD Result 2019: इंटरव्‍यू के लिए क्‍वालिफाइड कैंडिडेट्स की लिस्‍ट जारी
3 TS EAMCET 2019 काउंसलिंग प्रक्रिया आज से शुरू, ऐसे करें अप्‍लाई
ये पढ़ा क्या?
X