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10वीं कक्षा के बाद ही ये कोर्स करके बन सकते हैं इंजीनियर

इंजीनियर बनने के इच्छुक उम्मीदवार 12वीं कक्षा पास करने के बाद इंजीनियरिंग की पढ़ाई करते हैं, इसके लिए अच्छे कॉलेजों में दाखिला लेने के लिए एंट्रेंस एग्जाम में भाग लेते हैं और कुछ निजी कॉलेजों के माध्यम से इंजीनियरिंग की पढ़ाई करते हैं।
बता दें कि देश में राज्य स्तर पर सरकारी, निजी और महिला पॉलिटेक्निक इंस्टीट्यूट हैं। पॉलिटेक्निक से जुड़ें सभी टेक्निकल कोर्स ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) द्वारा कराए जाते हैं।

इंजीनियर बनने के इच्छुक उम्मीदवार 12वीं कक्षा पास करने के बाद इंजीनियरिंग की पढ़ाई करते हैं, इसके लिए अच्छे कॉलेजों में दाखिला लेने के लिए एंट्रेंस एग्जाम में भाग लेते हैं और कुछ निजी कॉलेजों के माध्यम से इंजीनियरिंग की पढ़ाई करते हैं। लेकिन आप 10वीं पास करने के बाद भी पॉलीटेक्निक करके इंजीनियर बन सकते हैं। इस कोर्स के माध्यम आप बीटेक किए हुए उम्मीदवारों की तरह पैसे कमा सकते हैं और पॉलीटेक्निक के माध्यम से इंजीनियर बनने से आपके कुछ साल भी बच जाते हैं। 12वीं के बाद बीटेक करने के लिए आपको चार साल का कोर्स करना पड़ता है, लेकिन अगर आप 10वीं के बाद पॉलीटेक्निक करते हैं तो आपको तीन साल का डिप्लोमा करना होगा। जिससे आपके तीन साल बच जाएंगे।

बता दें कि देश में राज्य स्तर पर सरकारी, निजी और महिला पॉलिटेक्निक इंस्टीट्यूट हैं। पॉलिटेक्निक से जुड़ें सभी टेक्निकल कोर्स ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) द्वारा कराए जाते हैं। अगर आपने 10वीं कक्षा में 50 फीसदी से अधिक अंक हासिल किए हैं तो आप पॉलीटेक्निक इंस्टीट्यूट में एडमिशन ले सकते हैं। साथ ही यह कोर्स 12वीं कक्षा के बाद भी कर सकते हैं, जो कि दो साल का होता है। अगर आप 10वीं के बाद यह कोर्स करते हैं तो आपको 3 साल का कोर्स करना होगा जबकि 12वीं के बाद 2 साल का कोर्स होगा। यह कोर्स इंजीनियरिंग में डिप्लोमा के रुप में जाना जाता है।

पॉलीटेक्निक कोर्स में आप सिविल इंजीनियरिंग, ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग, पैकेजिंग टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रिकल ऐंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स ऐंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग आदि कोर्स कर सकते हैं और इसमें कई अन्य कोर्स भी शामिल है। इसके लिए कई अच्छे सरकारी संस्थान भी है, जिसमें दिल्ली पॉलीटेक्निक शामिल है। इसमें एडमिशन लेने के लिए उम्मीदवारों को सेंट्रल एडमिशन टेस्ट में भाग लेना होगा और उसके प्रदर्शन के आधार पर एडमिशन किया जाएगा। एंट्रेंस टेस्ट में एग्जाम में 150 सवाल पूछे जाते हैं और सभी सवाल ऑब्जेक्टिव टाइप के होते हैं. कैंडिडेट्स 10वीं क्लास के साइंस, मैथ्स, इंग्लिश विषय की अच्छे से तैयारी कर इस एग्जाम में अच्छी रैंक हासिल कर सकते हैं। इसे करने के बाद कई सरकारी विभाग और निजी संस्थानों में नौकरी प्राप्त कर सकते हैं।

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