सत्य निकेतन पीजी हादसे के बाद से ही दिल्ली में छात्रों के लिए पीजी और किराये के मकानों की सुरक्षा को लेकर बहस तेज हो गई है। इसी बीच अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने छात्र आवासों में सुरक्षा संबंधी समस्याओं को सामने लाने के लिए ‘Aakhir Kab Tak?’ अभियान शुरू किया है। इसके तहत संगठन ने एक वेबसाइट भी लॉन्च की है, जहां छात्र अपने पीजी की सुरक्षा से जुड़ी जानकारी हासिल करने के साथ संभावित खतरों की शिकायत कर सकते हैं।

यह पहल दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन में पीजी भवन गिरने की घटना के बाद सामने आई है। इस हादसे ने दिल्ली में छात्रों के रहने के लिए इस्तेमाल होने वाले निजी भवनों की संरचनात्मक और अग्नि सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

ABVP की वेबसाइट पर क्या मिलेगा?

एबीवीपी की ओर से लॉन्च किए गए प्लेटफॉर्म nomoresatyaniketan.in पर छात्रों के लिए ‘Check Your PG’ फीचर दिया गया है। इसके जरिए छात्र अपने रहने की जगह को 10 अलग-अलग सुरक्षा संकेतकों के आधार पर प्रारंभिक तौर पर जांच सकते हैं।

इसका उद्देश्य छात्रों को उन खतरों की पहचान करने में मदद करना है, जिन्हें सामान्य तौर पर पीजी में रहने के दौरान नजरअंदाज कर दिया जाता है। इनमें निर्माण संबंधी जोखिम, फायर सेफ्टी और भवन की स्थिति जैसे पहलू शामिल हैं।

फोटो अपलोड कर दर्ज करा सकेंगे शिकायत

वेबसाइट पर ‘Spot the Signal’ नाम का विकल्प भी दिया गया है। इसके जरिए छात्र अपने पीजी में दिखाई देने वाली दरार, असुरक्षित निर्माण या किसी अन्य संभावित खतरे की तस्वीर अपलोड कर सकते हैं।

एबीवीपी के अनुसार, इस सुविधा को इस तरह तैयार किया गया है कि छात्र अपनी पहचान सार्वजनिक किए बिना सुरक्षा संबंधी समस्या सामने ला सकें। वेबसाइट पर हेल्पलाइन और आपातकालीन सहायता से जुड़ी जानकारी भी उपलब्ध कराई गई है।

ABVP ने सरकार के सामने रखीं ये मांगें

सिर्फ ऑनलाइन शिकायत व्यवस्था शुरू करने तक सीमित नहीं रहते हुए एबीवीपी ने छात्र आवासों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन के सामने कई मांगें रखी हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

सत्यम निकेतन हादसे की जिम्मेदारी तय की जाए।

छात्र बहुल इलाकों के PG की संरचनात्मक और फायर सेफ्टी ऑडिट कराई जाए।

सुरक्षा ऑडिट को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।

प्रभावित छात्रों और उनके परिवारों को सुरक्षित आवास और आवश्यक सहायता दी जाए।

छात्रों के लिए पर्याप्त हॉस्टल इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाए।

घटना की जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए।

स्वतंत्र जांच की व्यवस्था की जाए।

दिल्ली में PG Regulation Act लागू किया जाए।

दिल्ली सरकार बना रही नई पीजी नीति

पीजी की सुरक्षा को लेकर दिल्ली सरकार ने भी व्यापक नियमन की तैयारी शुरू कर दी है। शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने कहा है कि सरकार करीब दो महीने के भीतर पीजी को लेकर व्यापक कानून और नियम लाने की दिशा में काम कर रही है।

प्रस्तावित व्यवस्था में पीजी के लिए अनिवार्य लाइसेंस, संरचनात्मक और फायर सेफ्टी ऑडिट, क्षेत्र के हिसाब से किराये की सीमा और एक केंद्रीय पोर्टल पर पीजी की जानकारी उपलब्ध कराने जैसे प्रावधानों पर विचार किया जा रहा है।

सरकार की प्रस्तावित व्यवस्था में पीजी के किराये, सुविधाओं और सुरक्षा अनुपालन से जुड़ी जानकारी को सार्वजनिक करने का विचार भी शामिल है। छात्रों की ओर से भी ऐसे पोर्टल की मांग की गई है, जहां PG में मिलने वाली सुविधाओं और सुरक्षा की स्थिति की जानकारी पहले से देखी जा सके।

छात्रों के लिए क्यों अहम है यह पहल?

दिल्ली में बड़ी संख्या में दूसरे शहरों से आने वाले छात्र कॉलेज और कोचिंग संस्थानों के आसपास पीजी या किराये के मकानों में रहते हैं। ऐसे में केवल कॉलेज में दाखिला मिलना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि सुरक्षित और उचित आवास भी उनकी पढ़ाई का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

सत्यम निकेतन की घटना के बाद छात्र संगठनों और प्रशासन दोनों की ओर से PG की सुरक्षा व्यवस्था पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है। दिल्ली पुलिस ने भी PG और किराये के मकानों में रहने वाले छात्रों से नियमित संपर्क बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।

ABVP PG Safety Website Direct Link

छात्रों को PG लेते समय किन बातों की जांच करनी चाहिए?

पीजी में शिफ्ट होने से पहले छात्र भवन की स्थिति, फायर सेफ्टी इंतजाम, आपातकालीन निकास, बिजली की वायरिंग, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं की जांच कर सकते हैं। किराये और सुविधाओं से जुड़ी शर्तों को लिखित एग्रीमेंट में रखना भी महत्वपूर्ण है।

दिल्ली में अब PG सुरक्षा को लेकर छात्र संगठन और सरकार दोनों स्तर पर कार्रवाई की चर्चा शुरू हो चुकी है। आने वाले समय में प्रस्तावित नियम लागू होने के बाद PG संचालकों की जवाबदेही और बढ़ सकती है।