Young artists from every corner of the world want to talk about peace, humanity and fraternity through their art - नृत्य समारोह: मानवता का संदेश देता नृत्य - Jansatta
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नृत्य समारोह: मानवता का संदेश देता नृत्य

कमानी सभागार में आयोजित समारोह का आयोजन भारत स्थित कोलंबिया दूतावास और भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद ने किया।

कंपनी डी डांजा पेरिफेरिया के नृत्य और नृत्यांगनाओं की यह सामूहिक प्रस्तुति थी।

विश्व के हर कोने के युवा कलाकार अपने कला के जरिए शांति, मानवता और बंधुत्व की बात करना चाहते हैं। वे इसका संदेश अपने नृत्य और संगीत के जरिए दे रहे हैं। इसकी झलक कोलंबिया के कलाकारों की प्रस्तुति में थी। इसे कंपनी डी डांजा पेरिफेरिया के कलाकारों ने समकालीन नृत्य व अरबी नृत्य शैली में पेश किया। कमानी सभागार में आयोजित समारोह का आयोजन भारत स्थित कोलंबिया दूतावास और भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद ने किया।

कंपनी डी डांजा पेरिफेरिया के नृत्य और नृत्यांगनाओं की यह सामूहिक प्रस्तुति थी। युवा कोरियोग्राफर लोबा देस की इस नृत्य परिकल्पना की थी। इसमें एक ओर परंपरागत संस्कृति व सांस्कृतिक मूल्यों को बनाए रखने की बात कही गई। वहीं, दूसरी ओर हिंसा, वर्चस्व, संघर्ष और उपनिवेशवादी मानसिक के दुष्प्रभाव से मानवता को उबारने की परिकल्पना थी। नृत्य और संवाद के माध्यम से वर्तमान पीढ़ी को आने वाली पीढ़ी को एक स्वतंत्र, मैत्रीपूर्ण, शांतिपूर्ण संसार सौंपना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ी बेहतर तरीके से जीवन जी सके। यह आज के समाज की जिम्मेदारी है।

कलाकारों ने अपने सुंदर, सुचारु, संतुलित अंग, पद, हस्त संचालन पेश किया। उनका आपस में संयोजन और तालमेल बहुत नायाब था। उनकी एक-एक गति और भाव संवाद से भरी हुई थी। एक अन्य कार्यक्रम चिन्मय ऑडिटोरियम में मंच प्रवेश समारोह था। उत्सव के इस समारोह में गुरु रंजना गौहर की शिष्या नीहारिका प्रकाश ने एकल नृत्य प्रस्तुत किया। नीहारिका ने अपने नृत्य की शुरुआत मंगलाचरण शिव स्तुति से की। उन्होंने सावेरी पल्लवी में ओडिशी की तकनीकी बारीकियों को दर्शाया। उन्होंने दुर्गा स्तुति को भी अपने नृत्य में शामिल किया। नीहारिका ने जयदेव रचित अष्टपदी में अभिनय पक्ष को उजागर किया। इसके अलावा, उड़िया गीत ‘संगिनी रे चाहन वेणूपाणी’ में भी अभिनय पेश किया। इसमें कृष्ण और सखी के भावों का विवेचन था। निहारिका कई वर्षों से गुरु रंजना गौहर से ओडिशी नृत्य सीख रही हैं। वे उनकी कई नृत्य रचनाओं में शिरकत कर चुकी हैं।

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