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…जब जी न्‍यूज पर ड‍िबेट में अभय कुमार दूबे ने रोहित सरदाना को कहा था- भाजपा को बेहतर बताइए, पर कुछ तो लाज-शरम रख‍िए

टीवी डिबेट के इस वीडियो को आठ लाख 55 हजार से अधिक बार देखा जा चुका है।

जी न्यूज के डिबेट के क्लिप को 1300 से ज्यादा बार शेयर किया जा चुका है। (इंडियन एक्सप्रेस ग्राफिक्स)

विकासशील समाज अध्ययन पीठ (सीएसडीएस) के स्कॉलर अभय कुमार दुबे द्वारा जी न्यूज़ के एंकर रोहित सरदाना को “कड़ी आलोचना” का वीडियो फेसबुक पर छह महीने बाद भी लोगों द्वारा शेयर और लाइक किया जा रहा है। दिसंबर 2016 में शेयर किए गए टीवी डिबेट के वीडियो को  शुक्रवार (नौ जून) तक आठ लाख 55 हजार से अधिक बार देखा जा चुका है। इसे 11303 बार शेयर किया गया है। 15 हजार से ज्यादा लोगों ने इसे लाइक किया है और 1600 से ज्यादा कमेंट आए हैं। सोशल मीडिया पर इस टीवी डिबे का छोटा सा हिस्सा (करीब तीन मिनट लंबा) ही शेयर किया जा रहा है। यूट्यूब पर अप्रैल 2015 में शेयर किए इसी वीडियो को डेढ़ लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है।

टीवी डिबेट में आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल द्वारा 26-11  (मुंबई आतंकी हमला) का इस्तेमाल करने के मुद्दे को लेकर बहस हो रही थी। जी न्यूज के एंकर रोहित सरदाना वीडियो में दुबे से कह रहे हैं, “संवेदनशीलता सबसे जरूरी है ये संबित पात्रा कह रहे हैं….क्या आपको नहीं लगता कि लाशों पर पैसे उगाहने की कोशिश करना वो राजनीतिक संवेदनहीनता की मैं पराकाष्ठा नहीं, रसातल कहूंगा, इससे नीचे नहीं गिरा जा सकता?”

सरदाना के सवाल पर अभय कुमार दुबे ने जवाब देने से पहले उनसे माफी मांगते हुए कहा, “मैं आपको दुखी करने वाली बात बोलूंगा…पहले ही क्षमा मांग लेता हूं, अग्रिम एडवांस में….अभी जब मैं आपके प्रतीक्षागृह में बैठा हुआ था उस समय वक्त टीवी (जीटीवी) पर चल रहा था, आप 26-11 के तमाम शिकारों और उनके परिवारों के बयान दिखा रहे थे और उनसे पूछ रहे थे कि उन्हें किन तकलीफों से गुजरना पड़ा, कहां गोली लगी….इस बात को इस तरीके से भी पेश किया जा सकता है कि आप ये सब दिखाकर अपनी टीआरपी बढ़ा रहे हैं और किसी न्यूज चैनल का काम टीआरपी बढ़ाकर मुनाफा कमाना है… क्या इस बात को इस तरह नहीं कहा जा सकता?”

इस पर रोहित सरदाना ने जब उन्हें टोकने की कोशिश की तो दुबे ने कहा कि पहले उनकी पूरी बात सुनी जाए। दुबे ने कहा कि मैं आपकी आलोचना कर रहा हूं और अपनी आलोचना किसी को पसंद नहीं आती। दुबे ने कहा, “हर आदमी अपनी बौद्धिक प्लेट सजाता है… आपने अपनी जिस तरह से अपनी बौद्धिक प्लेट सजा रखी है …मैं चौथी पांचवी बार आपके कार्यक्रम में आ रहा हूं, आप जिस तरह अपना इंट्रो देते हैं वो प्लेट एकतरफा है, इसीलिए आपके कार्यक्रम में आम आदमी पार्टी का व्यक्ति नहीं आता… आप जिस तरीके से इस कार्यक्रम को बनाते हैं उसमें आपकी कोशिश रहती है कि भारतीय जनता पार्टी को देश की सबसे अच्छी पार्टी घोषित कर दें और दिल्ली की राजनीति में जीता हुआ घोषित कर दें। नंबर दो, आम आदमी पार्टी हिंदुस्तान की सबसे घटिया पार्टी है और उसे जमीन के अंदर खोदकर गाड़ देना चाहिए।”

इस पर सरदाना ने कहा कि आप आम आदमी पार्टी को हिंदुस्तान के लेवल पर ले जाकर ये साबित करना चाहते हैं कि उसकी तुलना एक राष्ट्रीय पार्टी से की जा सकती है। सरदाना का जवाब देते हुए दुबे और तल्ख हो गए। दुबे ने कहा, “आपको पूरा अधिकार है कि आप मानें कि भारतीय जनता पार्टी बेहतर पार्टी है, आम आदमी पार्टी एक खराब पार्टी है। लेकिन इन दोनों तथ्यों को, इन दोनों मान्यताओं को प्रोसेस करने के कुछ तो जनर्लिस्टिक एथिक्स हैं, मैंने भी सारी जिंदगी पत्रकारिता की है… लेकिन कुछ तो लाज शरम रखिए, कुछ तो हया शरम रखिए, कुछ तो ऐसा कीजिए जिससे आप लगे कि निष्पक्ष हैं। आम आदमी पार्टी की साख बाद में गिरेगी आपकी साख पहले गिर जाएगी।”

फेसबुक पर शेयर किया गया वीडियो-

देखें इस डिबेट का वीडियो-

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