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पश्चिम बंगाल: अमेरिका की तरह सिलिकॉन वैली बसाने का ख्वाब

राज्य सरकार का दावा है कि निवेश की सहूलियत के मामले में बंगाल देश के कई राज्यों से आगे है। सरकार का दावा है कि बंगाल का सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी की विकास दर 9.15 फीसद है। यहां उद्योग क्षेत्र भी 16.29 फीसद की दर से बढ़ रहा है जबकि इस मामले में राष्ट्रीय औसत 5.54 फीसद है।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी।(फाइल फोटो)

राज्य से प्रतिभा का पलायन रोकने के लिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अमेरिका की तरह कोलकाता में बी सिलिकॉन वैली की स्थापना करना चाहती हैं। महानगर के पूर्वी छोर पर राजारहाट इलाके में हाल में सूचना तकनीक (आइटी) हब का शिलान्यास करने के बाद ममता ने सवाल किया कि अगर अमेरिका में सिलिकॉन वैली हो सकती है तो बंगाल में क्यों नहीं? उनका मानना है कि सिलिकॉन वैली सपना भी है और चुनौती भी। आइटी क्षेत्र की अग्रणी कंपनी इन्फोसिस के अलावा रिलायंस जियो ने भी प्रस्तावित हब में डाटा सेंटर खोलने के लिए एक हजार करोड़ रुपए के निवेश का भरोसा दिया है। इन्फोसिस पहले चरण में सौ करोड़ का निवेश करेगी। सरकार ने अपनी नई आइटी नीति का भी एलान कर दिया है। ममता का ड्रीम प्रोजेक्ट कही जाने वाली सिलिकॉन वैली सौ एकड़ जमीन पर विकसित की जाएगी। भविष्य में ज्यादा कंपनियों के आने की संभावना को ध्यान में रखते हुए 100 एकड़ अतिरिक्त जमीन का भी प्रावधान रखा गया है। मुख्यमंत्री का दावा है कि राज्य व देश में ही नहीं बल्कि यह सिलिकॉन वैली हब पूरी दुनिया में आइटी के क्षेत्र में निवेश के शीर्ष ठिकाने के तौर पर उभरेगी।

राज्य सरकार का दावा है कि निवेश की सहूलियत के मामले में बंगाल देश के कई राज्यों से आगे है। सरकार का दावा है कि बंगाल का सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी की विकास दर 9.15 फीसद है। यहां उद्योग क्षेत्र भी 16.29 फीसद की दर से बढ़ रहा है जबकि इस मामले में राष्ट्रीय औसत 5.54 फीसद है। सरकार केंद्रीय श्रम मंत्रालय के आंकड़ों के हवाले से दावा करती हैं कि बंगाल में बेरोजगारी 40 फीसद घट गई है। ममता कहती हैं कि आइटी उद्योग मुख्यत: बंगलुरू और हैदराबाद में ही केंद्रित है। लेकिन वहां आधारभूत सुविधाएं बेहतर थीं और उस समय तृणमूल कांग्रेस यहां सत्ता में नहीं थी। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित आइटी हब में आइटी कंपनियों के निवेश से राज्य के प्रतिभाशाली छात्रों को नौकरी के लिए दक्षिणी राज्यों में नहीं जाना होगा। उल्टे वहां काम करने वाले लोग भी अपने राज्य में लौट आएंगे।

बंगाल के लोग दुनिया भर में तमाम बड़ी आइटी कंपनियों में काम कर रहे हैं। सरकार की दलील है कि बंगाल पूर्वोत्तर भारत के साथ-साथ भूटान, नेपाल, बांग्लादेश, झारखंड, बिहार व ओडीशा का भी प्रवेशद्वार है। यहां से तीन घंटे में सिंगापुर और दो घंटे में बैंकॉक पहुंचा जा सकता है। बंगाल की सिलिकॉन वैली के शिलान्यास समारोह में मौजूद रिलायंस जियो के पूर्वी भारत प्रमुख तरुण झुनझुनवाला कहते हैं कि कंपनी की डाटा सेंटर परियोजना बंगाल के प्रति कंपनी का भरोसा दर्शाती है। इस साल जनवरी में आयोजित बंगाल वैश्विक व्यापार सम्मेलन के दौरान रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने राज्य में एक डाटा सेंटर खोलने का एलान किया था। उन्होंने राज्य में कंपनी की विभिन्न परियोजनाओं के लिए पांच हजार करोड़ रुपए के निवेश का भरोसा दिया था। सरकारी अधिसूचना के मुताबिक इस नीति का लक्ष्य नए रोजगार पैदा करने के अलावा राज्य के युवाओं का कौशल बढ़ाना है ताकि उनको डिजिटल अर्थव्यवस्था में नौकरियां मिल सकें। यह नीति सूचना तकनीक के क्षेत्र में शोध व विकास को बढ़ावा देगी। इसका लक्ष्य आइटी के जरिए समाज कल्याण की प्रक्रिया को तेज करना है।

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