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हींग और जीरे की सुगंध का फर्क जो जानते हैं

गुरुग्राम में एक इवेंट मैनेजमेंट कंपनी में क्रिएटिव प्रमुख के रूप में काम करने वाले और इंस्टाग्राम पर एक लाख से अधिक फॉलोअर रखने वाले करण सिंघल (दफूडअटैकर) ने बताया कि फूड ब्लॉगर बनने के लिए खाने की जानकारी होना सबसे जरूरी है।

Author June 20, 2019 1:31 AM
फूड ब्लॉगर बनने के लिए खाने की जानकारी होना सबसे जरूरी है।

सुशील राघव

इंटरनेट और मोबाइल के आने के बाद से कई तरह के नए करिअर विकल्प युवाओं के सामने आए हैं। इनमें फूड ब्लॉगिंग भी एक क्षेत्र है। खाना खाने का शौक और उसकी जानकारी रखने वाले लोगों के लिए यह एक बेहतर करिअर विकल्प साबित हो रहा है। हालांकि जानकारों का कहना है कि अधिकतर लोग इसे पूर्णकालिक करिअर के रूप में अभी नहीं चुन रहे हैं लेकिन आने वाले समय में यह पूर्णकालिक विकल्प के तौर पर उभर सकता है। वर्तमान में कई फूड ब्लॉगर, जिनके इंस्टाग्राम से लेकर यूट्यूब तक अपने अकाउंट हैं, अच्छी कमाई कर रहे हैं।

योग्यता
गुरुग्राम में एक इवेंट मैनेजमेंट कंपनी में क्रिएटिव प्रमुख के रूप में काम करने वाले और इंस्टाग्राम पर एक लाख से अधिक फॉलोअर रखने वाले करण सिंघल (दफूडअटैकर) ने बताया कि फूड ब्लॉगर बनने के लिए खाने की जानकारी होना सबसे जरूरी है। उन्होंने बताया कि आज इस क्षेत्र में स्कूल के विद्यार्थियों से लेकर पेशेवर युवा, गृहिणी और यहां तक की सेवानिवृत्त लोग भी आ रहे हैं। करण ने बताया कि जो लोग हींग और जीरे के फर्क को जानते हैं, वे अच्छे फूड ब्लॉगर बन सकते हैं। इसके अलावा अनुभव सबसे बड़ी चीज है। खाने के बारे में आपको जितना अधिक अनुभव होगा, आप उतने ही बेहतर ब्लॉगर या समीक्षक बन सकते हैं। खाने के कुछ समीक्षकों को कई वेबसाइट और समाचारपत्र अपने यहां लेख लिखने का मौका भी देते हैं। इसलिए बेहतर लेखकों को इस क्षेत्र में ऊंचाई छूने का ज्यादा मौका मिलता है। करण बताते हैं कि हालांकि फूल ब्लॉगिंग को लेकर उनकी जानकारी में अभी किसी संस्थान या विश्वविद्यालय में कोई पाठ्यक्रम उपलब्ध नहीं है।

इन उपकरणों की होगी आवश्यकता
करण कहते हैं कि वैसे तो फूड ब्लॉगिंग की शुरुआत किसी भी आम स्मार्ट फोन से शुरू की जा सकती है। हर मोबाइल फोन फोटो व वीडियो लेने और लिखने के काबिल होता है। इसके अलावा मोबाइल के माध्यम से आप फोटो और वीडियो का संपादन भी कर सकते हैं। हालांकि बेहतर गुणवत्ता के फोटो और वीडियो बनाने के लिए डीएसएलआर कैमरे का भी उपयोग किया जा सकता है। इसके अलावा अगर आपके पास लैपटॉप या कंप्यूटर हो तो उसका भी इस्तेमाल करके यूट्यूब चैनल पर वीडियो अपलोड किया जा सकता है।

तीन तरीके से होती है कमाई
करण ने बताया कि कोई भी फूड ब्लॉगर दो-तीन तरह से कमाई करता है। पहला तो उसे विभिन्न वस्तुओं के विज्ञापन करने के लिए धनराशि मिलती है। इसके लिए ब्लॉगर के पास अच्छी-खासी संख्या में फॉलोअर होने चाहिए। वैसे अगर इंस्टाग्राम पर आपके दस हजार फॉलोअर हैं तो ब्रांड आप तक पहुंचने लगते हैं। दूसरा, यूट्यूब पर अपना अकाउंट बनाकर और उसपर खाने की वीडियो डालकर भी धन कमाया जाता है। करण बताते हैं कि आपका यूट्यूब चैनल लोगों को पसंद आने लगता है तो यूट्यूब की ओर से भी आपको धन मिलने लगता है। तीसरा और अहम तरीका है, लेख या समीक्षा करना। कई रेस्टोरेंट अपने खाने की समीक्षा के लिए फूड ब्लॉगर को बुलाते हैं और वो भी भुगतान करते हैं। इसके अलावा कुछ वेबसाइट और समाचारपत्र फूड ब्लॉगरों से लेख लिखवाते हैं जिनके लिए वे भुगतान भी करते हैं। इसके अलावा खाने से संबंधित प्रतियोगिताओं में आपको जज के रूप में भी आमंत्रित किया जा सकता है। ये लोग भी कुछ भुगतान करते हैं।

कितनी होगी कमाई
इस क्षेत्र में हर महीने तय कमाई नहीं होती है। किसी महीने ज्यादा तो किसी महीने कम हो जाती है। फूड ब्लॉगिंग में कमाई ब्लॉगर के अनुभव और उसके अकाउंट को कितने लोग फॉलो करते हैं, इस पर निर्भर होती है। करण का कहना है कि अगर इंस्टाग्राम पर आपके 50 हजार फॉलोअर हैं तो आपको 20 से 25 हजार महीने की कमाई हो जाती है। हालांकि उनका कहना है कि क्योंकि इस क्षेत्र में कमाई ऊपर-नीचे होती रहती है तो शुरुआत में इसे पूर्णकालिक करिअर बनाने से बचना चाहिए।

इंस्टाग्राम पर खाने का कोई भी फोटो या वीडियो डालते समय उसका सूचनाप्रद और संक्षिप्त विवरण अवश्य दें। इस दौरान ध्यान रखें कि विवरण ऐसा हो कि जिसमें आप लोगों को उसके बारे में कुछ बता रहे हैं और साथ ही साथ उनसे कुछ पूछ भी रहे हैं। इससे आपके फॉलोअर तेजी से बढ़ेंगे।
– करण सिंघल, फूड ब्लॉगर

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