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हर हिंदुस्तानी बोलना पसंद करता है सत्यमेव जयते : जॉन अब्राहम

खास बात यह है कि जॉन अब्राहम इस फिल्म के निर्माता हैं। जॉन को सत्यमेव जयते की कहानी में क्या ऐसी खास बात नजर आई कि उन्होंने ये फिल्म साइन कर ली? ऐसे ही कई सवालों के जवाब दिए जॉन अब्राहम ने ...

Author July 20, 2018 2:22 AM
जॉन अब्राहम सत्यमेव जयते फिल्म के निर्माता भी हैं।

आरती सक्सेना

बॉलीवुड के माचो मैन जॉन अब्राहम जल्द ही अपनी नई फिल्म सत्यमेव जयते के साथ रुपहले परदे पर नजर आने वाले हैं। इसका निर्देशन मिलाप जवेरी ने किया है। सत्यमेव जयते की कहानी सामाजिक बुराइयों को दूर करने पर आधारित है। यह एक्शन ड्रामा से भरपूर है। खास बात यह है कि जॉन अब्राहम इस फिल्म के निर्माता हैं। जॉन को सत्यमेव जयते की कहानी में क्या ऐसी खास बात नजर आई कि उन्होंने ये फिल्म साइन कर ली? ऐसे ही कई सवालों के जवाब दिए जॉन अब्राहम ने …

सवाल : सत्यमेव जयते से एक नई अभिनेत्री आयशा शर्मा पदार्पण करने जा रही हैं। उनके साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा?
’आयशा अच्छी अभिनेत्री हैं। बहुत मेहनती हैं। इस फिल्म में आयशा ने पशु चिकित्सक की भूमिका निभाई है। असल में वे और मैं खुद जानवरों से बेहद प्यार करते हैं, लिहाजा सेट पर हमारे बीच अच्छी जमती थी।

सवाल : जॉन आप जल्द ही बतौर निर्माता और अभिनेता अपनी नई फिल्म सत्यमेव जयते लेकर आ रहे हैं। इस फिल्म में आपको सबसे खास बात क्या लगी?
’फिल्म के निर्देशक मिलाप ने जब मुझे सत्यमेव जयते की स्क्रिप्ट सुनाई तो मैंने एक आम दर्शक की तरह इसको सुना। मुझे इस फिल्म की स्क्रिप्ट बहुत पसंद आई। लिहाजा मैंने हामी भर दी। इसमें सामाजिक बुराइयों को सीधे-सादे ढंग से प्रस्तुत किया गया है। जैसे रिश्वत, भ्रष्टाचार, छेड़छाड़ आदि। साथ ही, सत्यमेव जयते फिल्म का टाइटिल है। सत्यमेव जयते एक ऐसा शब्द है जो हर हिंदुस्तानी बोलना पसंद करता है।

सवाल : फोर्स और शूट आउट वडाला में आपका एक्शन काबिले तारीफ था। क्या इस फिल्म में भी आपका एक्शन देखने को मिलेगा?
’हां, सत्यमेव जयते में भरपूर एक्शन दृश्य हैं। एक सीन में तो मैं आठ मंजिल की इमारत में गैलेरी की दीवार पर चलता नजर आऊंगा जो काफी खतरनाक है। पहले ये एक्शन शॉट मेरा डुप्लीकेट करने वाला था। लेकिन बाद में उसे नीचे देखकर चक्कर आ गया तो मैंने खुद ही वह शॉट दिया। सत्यमेव जयते में फिल्म में दो एक्शन डायरेक्टर हैं। मेरी यह फिल्म सिंघम, बागी, शूट आउट वडाला आदि फिल्मों का मिश्रण है।

सवाल : आपने जब अपने करिअर की शुरुआत की थी तब आपकी एक अलग छवि थी। फिर कॉमेडी और एक्शन की तरफ आप मुड़े। लेकिन जब से आप निर्माता बने हैं, तब से आप गंभीर फिल्मों तक सिमट कर रह गए हैं?
’नहीं, ऐसा नहीं है। अब लोगों का मेरी तरफ देखने का नजरिया बदल गया है। पहले लोग जॉन की बॉडी देखना चाहते थे, लेकिन बाद में जब मैंने बतौर निर्माता फिल्म बनानी शुरू की तो कुछ लोग तो ये सोचने लगे कि अरे ये सोचता भी है। उसके बाद जब मैंने मद्रास कैफे बनाई तो लोगों ने और मेरी तारीफ की। उसके बाद जब परमाणु बनाई तो मुझे एक काबिल निर्माता मानने लगे। कहने का मतलब यह है कि बतौर निर्माता मैं सीमित नहीं हुआ हूं, बल्कि मेरे लिए और भी ज्यादा दरवाजे खुल गए हैं। जैसे कि अब मैं निखिल के साथ मिल कर एक और फिल्म बाटला हाउस बनाने जा रहा हूं। यह हटकर फिल्म होगी।

सवाल : आपने बताया कि आप हर तरह के किरदार निभाना चाहते हैं, जैसे एक्शन, कॉमेडी, रोमांटिक। क्या आपको इस बात का डर है कि आप कहीं एक्शन हीरो की इमेज मे कैद न हो जाएं?
’यह सच है कि एक अभिनेता होने के नाते मैं किसी एक इमेज में बंधना नहीं चाहता। जैसे कि मुझे निजी तौर पर कॉमेडी करना अच्छा लगता है। मार-धाड़ भी करता हूं। कहने का मतलब यह है कि एक अभिनेता तभी पूरी तरह संतुष्ट होता है जब उसे हर तरह के किरदार निभाने का मौका मिलता है।

सवाल : आपकी फिल्म के साथ अक्षय कुमार की फिल्म गोल्ड भी रिलीज हो रही है। ऐसे में क्या दोनों फिल्मों का टकराव नहीं होगा?
’ नहीं…दोनों ही फिल्मों को दर्शक देखेंगे। मैं और अक्षय अभिनेता हैं। जबकि फिल्म की रिलीज का निर्णय निर्माताओं का है। अक्षय की गोल्ड बहुत अच्छी बनी है। मैं तो दर्शकों से कहंूगा कि वे गोल्ड जरूर देखें। लेकिन साथ में मेरी फिल्म सत्यमेव जयते भी जरूर देखें। दोनों ही फिल्में अच्छी हैं, इसलिए दोनों ही फिल्म एक समय पर रिलीज हो सकती हैं।

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