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विशेष: सहजीवन सूत्र भी शास्त्र भी

दोनों में घनघोर मतभेद थे तो जबरदस्त सहमतियां भी थीं। वे एक-दूसरे से निर्विकार हो सकते थे तो सपनों का साझा बांटने की रोमानियत से भरे भी थे। बीसवीं सदी में इस जोड़ी ने सिद्ध कर दिया था कि सहजीवन के रिश्ते में वर्चस्व को न्यूनतम की ओर लाया जा सकता है।

महिला और पुरुष में अंतर

रोटी, कपड़ा और मकान, इन तीन बुनियादी चीजों को जुटाने का फर्क भी स्त्री और पुरुष का फर्क है। सीमोन द बोउआर की स्वतंत्रता का सूत्र था- आत्मनिर्भरता। अलग-अलग जगहों के होटलों में रहने के कारण किसी चारदीवारी के बंधन का मोह उन्हें नहीं बांध पाया। अपने निर्वहन का खर्च खुद उठा कर ही स्त्री अपने विचारों को लेकर खुद मुख्तार हो सकती है, सीमोन यह बात पहले बहुत समझ गई थी। यही कारण है कि ज्यां पाल सार्त्र की कम कमाई से दोनों के संबंध पर कोई असर नहीं पड़ा।

सीमोन भोजन से लेकर फैशन तक में कम उपभोग के सिद्धांत पर अमल करती थी। सहजीवन भी मानव जीवन का एक बुनियादी अधिकार हो सकता है, यह दृष्टांत दुनिया के सर्वाधिक बुद्धि संपन्न दो लोगों ने तकरीबन एक सदी पहले दे दिया था। आज हम जिस बुद्धिसंपन्न और तार्किक तौर पर जागरूक समाज की कल्पना करते हैं, उसमें संबंधों का स्वरूप कैसा होगा, इसका सफल प्रयोग उस दौर में सीमोन और सार्त्र ने सिखाया था।

दिलचस्प है कि इन दोनों में घनघोर मतभेद थे तो जबरदस्त सहमतियां भी थीं। वे एक-दूसरे से निर्विकार हो सकते थे तो सपनों का साझा बांटने की रोमानियत से भरे भी थे। बीसवीं सदी में इस जोड़ी ने सिद्ध कर दिया था कि सहजीवन के रिश्ते में वर्चस्व को न्यूनतम की ओर लाया जा सकता है।

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