फ्रेंच ओपन में सेरेना विलियम्स की निगाहें स्टेफी ग्राफ के रिकॉर्ड पर - Jansatta
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फ्रेंच ओपन में सेरेना विलियम्स की निगाहें स्टेफी ग्राफ के रिकॉर्ड पर

सेरेना ने 21 ग्रैंडस्लैम खिताब अपने नाम किए हैं जिसमें से केवल तीन ही फ्रांस में आए हैं, पहला 2002 में, फिर लंबे अंतराल बाद 2013 में और 2015 में मिला है।

Author पेरिस | May 21, 2016 11:18 PM
अमेरिकी स्टार टेनिस सेरेना विलियम्स। (रॉयटर्स फाइल फोटो)

अमेरिकी स्टार सेरेना विलियम्स फ्रेंच ओपन टेनिस टूर्नामेंट के जरिए 22वां एकल खिताब जीतकर महान खिलाड़ी स्टेफी ग्राफ की बराबरी करने के साथ ओपन युग में सबसे सफल महिला खिलाड़ी बनना चाहेंगी। लेकिन ऐसा करने के लिये 34 वर्षीय खिलाड़ी को पेरिस में अपने खिताब का बचाव करना होगा, जिसमें उन्हें कड़ी मशक्कत करनी होगी क्योंकि वह पिछले कुछ समय से ट्रॉफियां हासिल करने में असफल हो रही हैं।सेरेना ने 21 ग्रैंडस्लैम खिताब अपने नाम किए हैं जिसमें से केवल तीन ही फ्रांस में आए हैं, पहला 2002 में, फिर लंबे अंतराल बाद 2013 में और 2015 में मिला है। शुरुआती फ्रेंच ओपन खिताब जीतने के अगले साल वह विजेता बनी जस्टिन हेनिन से तीन कड़े सेट गंवा बैठी थी। लेकिन 2014 में वह दूसरे राउंड के मुकाबले में स्पेन की युवा गार्बिन मुगुरुजा से पराजित हो गईं थी। इससे दो साल पहले वह पहले राउंड में वर्जिनी राजानो से हार गई थीं।

निचली रैंकिंग की फ्रांसिसी खिलाड़ी से हारने के पश्चात विलियम्सन ने फ्रांस के कोच पैट्रिक मौराटोग्लू के मार्गदर्शन में ट्रेनिंग शुरू की। इसके बाद सेरेना के परिणाम काफी अच्छे रहे, उन्होंने दो विम्बलडन खिताब, 2012 से 2014 तक तीन लगातार अमेरिकी ओपन खिताब, पेरिस में फ्रेंच ओपन और 2015 में ऑस्ट्रेलियन ओपन अपने नाम किया। सेरेना ने नौ महीने में अपना पहला खिताब पिछले हफ्ते रोम में जीता, वह फ्रेंच ओपन में अपने अभियान की शुरुआत स्लोवाकिया की दुनिया की 76वें नंबर की खिलाड़ी मागडालेना रेबारिकोवा के खिलाफ करेंगी।

अमेरिकी स्टार खिलाड़ी ने कहा कि वह किसी दबाव में नहीं है। सेरेना ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि अब यह अलग है क्योंकि मैं और ज्यादा खिताब जीतना चाहती हूं लेकिन मुझे यह भी लगता है कि क्योंकि मुझे अब किसी को कुछ साबित नहीं करना, यह एक बिलकुल अलग अहसास है।’ उन्होंने कहा, ‘जबकि पांच, 10 साल पहले मुझे लगता था कि ओह, मैं अपने खिताब का बचाव कर रही हूं और मेरे ऊपर दबाव रहता था। अब इस तरह है कि अरे मैं बचाव कर रही हूं, मैं पेरिस में हूं, मैं खेल रही हूं। मैं सिर्फ यहां आकर खुश हूं।’

दो बार की विजेता मारिया शारापोवा डोपिंग के बादलों के कारण बाहर ही है, इसलिए सेरेना को यूरोप में से जर्मनी की एंजेलिक कर्बर, दो बार की विम्बलडन चैम्पियन चेक गणराज्य की पेत्रा क्वितोवा, 2014 में फाइनल में पहुंची रोमानिया की सिमोना हालेप, पोलैंड की एग्निस्का रादवांस्का और अजारेंका से चुनौती मिलने की उम्मीद है। लेकिन उनकी साथी अमेरिकी मैडिसन कीज से भी उन्हें कड़ी चुनौती मिल सकती है।

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