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IPL9-2016 जीत से सफर खत्म करने उतरेंगे पुणे व पंजाब

प्लेआफ की दौड़ से पहले ही बाहर हो चुके और इस आइपीएल में सबसे निचले पायदान पर चल रहे किंग्स इलेवन पंजाब और राइजिंग पुणे सुपरजाइंट्स शनिवार को यहां जब आमने सामने होंगे तो उनका लक्ष्य जीत के साथ नौवें आइपीएल से विदा लेना होगा।

Author विशाखापत्तनम | May 21, 2016 03:34 am
प्लेआफ की दौड़ से पहले ही बाहर हो चुके और इस आइपीएल में सबसे निचले पायदान पर चल रहे किंग्स इलेवन पंजाब और राइजिंग पुणे सुपरजाइंट्स शनिवार को यहां जब आमने सामने होंगे

प्लेआफ की दौड़ से पहले ही बाहर हो चुके और इस आइपीएल में सबसे निचले पायदान पर चल रहे किंग्स इलेवन पंजाब और राइजिंग पुणे सुपरजाइंट्स शनिवार को यहां जब आमने सामने होंगे तो उनका लक्ष्य जीत के साथ नौवें आइपीएल से विदा लेना होगा। सुपरजाइंट्स की टीम इसी मैदान पर दिल्ली डेयरडेविल्स के खिलाफ जीत के बाद इस मैच में उतरेगी। यह उसक घरेलू मैदान भी है। जहां तक पंजाब का सवाल है तो उसने अपने पिछले दोनों मैच गंवाए हैं। उसे रायल चैलेंजर्स बेंगलूर और सनराइजर्स हैदराबाद के हाथों हार झेलनी पड़ी थी।

पंजाब को इस सत्र में चौथी और आखिरी जीत इसी मैदान पर मिली थी जब उसने मुंबई इंडियंस को हराया था। टूर्नामेंट से शुरू में ही बाहर होने के बाद सुपरजाइंट्स के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के लिए यह पूरी तरह से अलग अहसास है क्योंकि इससे पहले के सभी सत्रों में उन्होंने कप्तान के रूप में अच्छा प्रदर्शन किया। वैसे यह भी नहीं भूलना चाहिए कि इस बार उनकी टीम को खिलाड़ियों के चोटिल होने की समस्या से जूझना पड़ा।
पहली बार टूर्नामेंट में भाग ले रही टीम ने केविन पीटरसन, स्टीवन स्मिथ, फाफ डुप्लेसिस और मिशेल मार्श जैसे खिलाड़ी चुने थे और उससे अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही थी। लेकिन उसका कोई भी विदेशी खिलाड़ी आखिर तक टूर्नामेंट से नहीं जुड़ा रह पाया और चोटिल होकर स्वदेश लौट गए। ऐसे में धोनी के पास बहुत कम विकल्प रह गए थे।

हालांकि यह भी सही है कि चोटों के अलावा धोनी को अपने गेंदबाजों से काफी निराशा मिली। चेन्नई सुपरकिंग्स में धोनी का मुख्य हथियार रहे आर अश्विन का प्रदर्शन इस सत्र में काफी फीका रहा और कई मैचों में वे अपने कोटे के ओवर भी पूरे नहीं कर पाए। हालांकि चेन्नई के ही उनके साथी खिलाड़ी एम अश्विन थोड़ा प्रभावशाली रहे।

जहां तक पंजाब का सवाल है तो वह पिछले सत्रों में भी इस तरह परिस्थितियों का सामना करता रहा है। कप्तानी में बदलाव और कुछ नए विदेशी खिलाड़ियों को जोड़ने से भी टीम का भाग्य नहीं बदला। किंग्स इलेवन की टीम में आक्रामकता की कमी दिखी और उसका कोई भी खिलाड़ी असर नहीं छोड़ पाया। यही नहीं इस बीच टीम प्रबंधन और मालिकों के बीच भी मतभेद उभर गए।

पंजाब को निश्चित तौर पर अच्छे खिलाड़ियों की कमी खली जबकि बिग हिटर डेविड मिलर की असफलता से भी टीम काफी प्रभावित हुई। ग्लेन मैक्सवेल और शान मार्श के चोटिल होने से भी उसकी परेशानी बढ़ी। अब ये दोनों टीमें इस सत्र में आखिरी बार आमने सामने होंगी। इन दोनों के पास ही गंवाने के लिए कुछ भी नहीं है लेकिन वे जीत के साथ इस सत्र का अंत करने की कोशिश करेंगी।

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