अश्विन बने नंबर एक टैस्ट गेंदबाज और आलराउंडर - Jansatta
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अश्विन बने नंबर एक टैस्ट गेंदबाज और आलराउंडर

भारतीय आफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन हाल में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ समाप्त हुई घरेलू सीरीज में शानदार प्रदर्शन के दम पर 2015 के आखिर में आज जारी आइसीसी रैंकिंग में नंबर एक टैस्ट गेंदबाज रहे...

Author दुबई | January 1, 2016 12:05 AM
भारत के ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन (फाइल फोटो)

भारतीय आफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन हाल में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ समाप्त हुई घरेलू सीरीज में शानदार प्रदर्शन के दम पर 2015 के आखिर में आज जारी आइसीसी रैंकिंग में नंबर एक टैस्ट गेंदबाज रहे। अश्विन ने नौ टैस्ट मैचों में 62 विकेट लिए। इनमें से 31 विकेट उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ चार टैस्ट मैचों में हासिल किए। वह बिशन सिंह बेदी के 1973 में नंबर एक रहने के बाद पहले भारतीय गेंदबाज हैं जो साल के आखिर में शीर्ष पर रहे। असल में आइसीसी हाल आफ फेम बेदी इससे पहले भारत के पहले गेंदबाज थे जो टैस्ट गेंदबाजी तालिका में शीर्ष पर रहे थे। भगवत चंद्रशेखर, कपिल देव और अनिल कुंबले अपने करियर के दौरान दूसरे स्थान पर रहे थे।

इतना ही नहीं, अश्विन टैस्ट आलराउंडरों की सूची मेंं भी नंबर एक पर रहे। यह पिछले तीन साल में दूसरा मौका है जबकि अश्विन आलराउंडरों में शीर्ष पर रहे। अश्विन ने अपने करिअर में पहली बार नंबर एक स्थान हासिल किया है। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के डेल स्टेन को पीछे छोड़ा है जो चोटिल होने के कारण इंग्लैंड के खिलाफ दूसरी पारी में केवल 3.5 ओवर गेंदबाजी ही कर पाए थे। स्टेन डरबन टैस्ट से पहले अश्विन से चार अंक आगे थे और अब वे भारतीय आफ स्पिनर से इतने ही अंक पीछे है। इस तेज गेंदबाज ने हालांकि पहली पारी में चार विकेट लिए थे लेकिन उनके लिए 2009 के बाद लगातार छठे वर्ष साल के आखिर में नंबर एक पर काबिज रहने के लिए पर्याप्त नहीं थे। अश्विन ने साल की शुरुआत 15वें नंबर से की थी लेकिन इसके बाद वह धीरे धीरे ऊपर चढ़ते गए।

अश्विन ने इस खबर पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पिछले 12 महीने के प्रदर्शन के बाद वर्ष का अंत नंबर एक टैस्ट गेंदबाज के रूप में करना सोने पे सुहागा जैसा है। मैं एक दिन नंबर एक बनना चाहता था। 2015 की समाप्ति इससे बेहतर तरीके से नहीं की जा सकती थी। उन्होंने कहा कि बेदी ने जो कुछ किया था वह हासिल करने पर मुझे गर्व है। पूर्व भारतीय कप्तान अपनी गेंदबाजी कला में माहिर थे और मुझे खुशी है कि मैं उनके नक्शेकदम पर चल रहा हूं। मैं अपने टैस्ट कप्तान विराट कोहली, टीम प्रबंधन, टीम के मेरे साथियों और बीसीसीआइ का सहयोग बनाए रखने के लिए आभार व्यक्त करता हूं। एक अन्य भारतीय रविंद्र जडेजा ने भी दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन किया था। वे साल के आखिर में छठे स्थान पर रहे। अश्विन और जडेजा ही दो भारतीय गेंदबाज हैं जो टैस्ट गेंदबाजों में शीर्ष दस में शामिल हैं।

इस बीच, बल्लेबाजों की सूची में अंजिक्य रहाणे 11वें स्थान पर हैं। वे शीर्ष 20 में शामिल अकेले भारतीय हैं। पिछले तीन साल में दूसरी बार अश्विन साल के अंत में नंबर एक टैस्ट आलराउंडर रहे। बांग्लादेश के शाकिब अल हसन 2015 के शुरू में नंबर एक टैस्ट आलराउंडर थे। बल्लेबाजों में आस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव स्मिथ 2015 के आखिर में शीर्ष पर रहे। पिछले सप्ताह आइसीसी क्रिकेटर आफ द ईयर के लिए सर गारफील्ड सोबर्स ट्राफी जीतने वाले और आइसीसी के साल के टैस्ट क्रिकेटर भी चुने गए स्मिथ मेलबर्न टैस्ट के शुरू में चौथे स्थान पर थे। स्मिथ हालांकि नाटआउट 134 और नाबाद 70 रन बनाने के कारण न्यूजीलैंड के केन विलियमसन, इंग्लैंड के जो रू ट और दक्षिण अफ्रीका के एबी डिविलियर्स को पीछे छोड़कर शीर्ष पर काबिज हो गए।

विलियमसन, रूट, डिविलियर्स, स्मिथ और डेविड वार्नर के पास वर्ष के आखिर में नंबर एक बल्लेबाज बनने का मौका था क्योंकि वर्ष के आखिरी टैस्ट मैचों से पहले इन सभी के बीच केवल 26 अंक का अंतर था। विलियमसन जहां श्रीलंका के खिलाफ वनडे खेलने में व्यस्त थे वहीं रू ट ने 24 और 73, डिविलियर्स ने 49 और 37 तथा वार्नर ने 23 और 17 रन बनाए। स्मिथ पिछले एक दशि में तीसरे आस्ट्रेलियाई बल्लेबाज हैं जो वर्ष के आखिर में नंबर एक पर रहे। उनसे पहले रिकी पोंटिंग (2005 और 2006) और माइकल क्लर्का (2012) ने यह उपलब्धि हासिल की थी। 2005 के बाद साल के आखिर में नंबर एक पर रहने वाले अन्य बल्लेबाजों में कुमार संगकारा (2007, 2010, 2011), शिवनारायण चंद्रपाल (2008), गौतम गंभीर (2009) और डिविलियर्स (2013 और 2014) शामिल हैं।

एडम वोजेस, डीन एल्गर, उस्मान ख्वाजा, जोनी बेयरस्टा और जेम्स टेलर के लिए भी अच्छी खबर है। ये सभी वर्ष के आखिर में अपने करिअर की सर्वश्रेष्ठ रैकिंग पर पहुंचे। वोजेश ने मेलबर्न में एकमात्र पारी में 106 रन बनाए जिससे वे चार पायदान ऊपर 11वें स्थान पर पहुंचे। एल्गर ने डरबन में नाटआउट 118 और 40 रन बनाए। वे 12 पायदान ऊपर 28वें स्थान पर पहुंच गए हैं। ख्वाजा ने 144 और 56 रन के स्कोर बनाने के कारण 11 पायदान की छलांग लगाई और वह 39वें स्थान पर काबिज हो गए हैं। बेयरस्टा को 41 और 79 रन बनाने का फायदा मिला और वह 13 पायदान ऊपर 43वें स्थान पर पहुंच गए हैं। टेलर 70 और 42 रन बनाने की बदौलत 46 पायदान की छलांग लगाकर 61वें स्थान पर पहुंच गए हैं।

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