ताज़ा खबर
 

चौपाल: स्वच्छ ऊर्जा

चीन में डेढ़ करोड़ परिवारों को घरेलू गैस की आपूर्ति गोबर गैस संयंत्रों से हो रही है। हम गोबर का सही उपयोग करना सीख लें तो गोबर गैस संयंत्रों से ही छह करोड़ अस्सी लाख टन लकड़ी बच सकती और तीन करोड़ चालीस लाख पौधे बचाए जा सकते हैं।

Author Published on: March 1, 2018 2:46 AM
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम की 41वीं कड़ी में देशवासियों से गोबर तथा कचरे को आय का स्रोत बनाने, अपने गांव में ‘वेस्ट’ को ‘वेल्थ’ में परिवर्तित करने और गोबर से गोबर-धन बनाने की दिशा में पहल करने के लिए कहा है। इसके लिए केंद्र सरकार ने गांवों को खुले में शौच से मुक्त करने और ग्रामीणों के जीवन में सुधार के लिए गोबर-धन (गैल्वनाइजिंग जैव-जैव-एग्रो संसाधन धन) योजना की शुरुआत की है। गौरतलब है भारत में मवेशियों की संख्या लगभग तीस करोड़ है और जिनसे प्रतिदिन लगभग तीस लाख टन गोबर प्राप्त होता है। लेकिन हमारे देश में तीस प्रतिशत गोबर जलाया जाता है जबकि ब्रिटेन में प्रतिवर्ष सोलह लाख टन बिजली का उत्पादन एक गोबर गैस संयंत्र से हो रहा है।

चीन में डेढ़ करोड़ परिवारों को घरेलू गैस की आपूर्ति गोबर गैस संयंत्रों से हो रही है। हम गोबर का सही उपयोग करना सीख लें तो गोबर गैस संयंत्रों से ही छह करोड़ अस्सी लाख टन लकड़ी बच सकती और तीन करोड़ चालीस लाख पौधे बचाए जा सकते हैं। इससे 3.5 करोड़ टन कोयले की बचत होगी। दस करोड़ टन गोबर को उद्योग-दृष्टि से इस्तेमाल करें तो आठ से सत्तर करोड़ परिवारों को घरेलू रसोई गैस की पूर्ति हो सकती है। यदि हम गोबर के आर्थिक लाभ की नीति बनाएं तो धन की इतनी वर्षा होगी कि कल्पना नहीं कर सकते हैं। इसके लिए हमें गोबर को सिर्फ कचरे के रूप में नहीं बल्कि आय के स्रोत के रूप में देखना शुरू करना होगा।

आज जनसंख्या की बढ़ती मांग को ध्यान में रख कर हमें प्रकृति से छेड़छाड़ वाले तरीकों को छोड़ना होगा और स्वच्छ ऊर्जा की शृंखला की ओर बढ़ना होगा। इससे समृद्धि और प्रकृति पोषक ऊर्जा विकास की सुंदर रचना हो सके और हम विनाश से बच सकेंगे। जितनी सब्सिडी सरकार पवन ऊर्जा, सौर ऊर्जा, जल ऊर्जा, ताप ऊर्जा पर दे रही है और कई गुना पैसा परमाणु ऊर्जा पर खर्च कर रही है, उसका पच्चीस प्रतिशत पशुधन ऊर्जा पर लगा दे तो जल्द ही तस्वीर कुछ और ही होगी और हम स्वच्छ प्राकृतिक ऊर्जा स्रोतों से निरंतर ऊर्जा प्राप्त करते रहेंगे।

’देवेंद्रराज सुथार, जोधपुर, राजस्थान

 

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories