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जानकारीः हीरा क्यों है हीरा

दुनिया का सबसे कठोर पदार्थ है हीरा। इसकी कठोरता का अनुमान इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसे दूसरी किसी धातु से काटा जाना असंभव है।

Author March 13, 2016 2:27 AM
हीरा।

शैलेंद्र सरस्वती

दुनिया का सबसे कठोर पदार्थ है हीरा। इसकी कठोरता का अनुमान इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसे दूसरी किसी धातु से काटा जाना असंभव है। हीरे को सिर्फ हीरे से ही काटा जा सकता है। खूबसूरत और आकर्षक हीरे की चमक से हमारी आंखें चौंधिया जाती हैं। धन और संपन्नता के प्रतीक हीरे के बारे में आइए कुछ जानकारियां हासिल करते हैं।

हीरा कार्बन का विशुद्ध और मणिभीय रूप है। प्राकृतिक हीरों की प्राप्ति केवल प्राकृतिक खदानों से ही होती हैं। हीरों के मामले में अफ्रीका सौभाग्यशाली देश है क्योंकि इसकी सर्वाधिक खदानें इसी देश में हैं। दुनिया के 95 प्रतिशत हीरे केवल अफ्रीका से ही मिलते हैं। भारत में हीरे केवल मध्य प्रदेश के पन्ना की खदानों से ही मिलते हैं। विश्व प्रसिद्ध कोहनूर हीरा पन्ना की खदानों से ही मिला था।

हम हीरों को जिस खूबसूरती के साथ देखते हैं, प्राकृतिक दशा में खदानों से प्राप्त हीरे उतने खूबसूरत नहीं होते हैं। खदानों से मिलने के बाद उन्हें निपुण जौहरियों की देखरेख में कुशल कामगारों द्वारा कलात्मक ढंग से तराश कर आकर्षक बनाया जाता है। हीरे को आकर्षक बनाने के साथ-साथ उसे कीमती बनाने के लिए इसमें अनेक फलक बनाए जाते हैं। यह काम बहुत ही सावधानी और नाजुकता से किया जाता है, क्योंकि जरा सी असावधानी से करोड़ों का हीरा पल भर में बर्बाद हो सकता है। फलक बनाए जाने के बाद इस पर पॉलिश की जाती है। पॉलिश इस कुशलता से की जाती है कि इसकी चमक सैकड़ों वर्षों तक बनी रहती है। आश्चर्य की बात तो यह है कि हीरा न तो घिसता है और न ही इसका स्वरूप बिगड़ पाता है।

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हीरा बिजली का कुचालक है लेकिन अगर इसके एक सिरे को गर्म किया जाए तो इसका दूसरा सिरा भी गर्म हो जाता है। इस तरह हीरा बिजली का तो कुचालक है लेकिन ऊष्मा का सुचालक है। इस संदर्भ में ध्यान देने योग्य बात यह है कि इसकी सुचालकता तांबे से पांच गुना अधिक होती है।
हीरा चमकता क्यों है? हीरे का अपवर्तनांक 2.47 होता है जिससे इसका क्रांतिक कोण 24 डिग्री के लगभग होता है। इस कारण हीरे के अंदर ऐसी अधिक किरणें पहुंचती हैं, जिनके लिए आपतन कोण, क्रांतिक कोण से बड़ा होता है। जब ये किरणें अनेक बार हीरे के भीतर परावर्तित हो कर हम तक पहुंचती हैं तो हीरा अधिक चमकदार दिखाई देता है। …और इसी चमक के कारण ही तो हीरा कहलाता है हीरा। ०

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