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संपादकीयः ध्वज व्यापार

राष्ट्रीय प्रतीकों, खासकर राष्ट्रीय ध्वज के अपमान पर कड़ी सजा का प्रावधान है।

Author January 14, 2017 2:47 AM
(express Photo)

राष्ट्रीय प्रतीकों, खासकर राष्ट्रीय ध्वज के अपमान पर कड़ी सजा का प्रावधान है। यह सिर्फ संबंधित देश तक सीमित नहीं होता, दुनिया के हर देश और नागरिक से अपेक्षा की जाती है कि वह अपने साथ-साथ दूसरे देशों के राष्ट्रीय प्रतीकों और झंडे का सम्मान करें। मगर हैरानी की बात है कि दुनिया भर में अपने कारोबार फैला चुकी इ-कॉमर्स कंपनी अमेजन ने इस बात का ध्यान रखना क्यों जरूरी नहीं समझा। उसने कनाडा में कारोबार के लिए चलाई जा रही अपनी वेबसाइट पर भारत के राष्ट्रीय ध्वज की तरह दिखने वाला पायदान बिक्री के लिए डाल दिया। विदेशमंत्री सुषमा स्वराज ने उचित ही इसे गंभीरता से लेते हुए ट्वीट करके कंपनी से इस पायदान की बिक्री तुरंत रोकने को कहा। उन्होंने कनाडा स्थित भारतीय दूतावास को भी आदेश दिया कि वह तुरंत कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क कर इसे रोके। अगर कंपनी ने ऐसा नहीं किया तो उसके किसी भी कर्मचारी को भारत आने का वीजा जारी नहीं किया जाएगा। अगर पहले वीजा जारी किया जा चुका है तो उसे रद््द कर दिया जाएगा। इस चेतावनी का असर हुआ। अमेजन ने तिरंगे जैसा दिखने वाला पायदान हटा कर माफी मांग ली है।
पिछले कुछ सालों से राष्ट्रीय प्रतीकों को फैशन का हिस्सा बनाने की कारोबारी होड़-सी चल पड़ी है। टी-शर्टों, टोपियों, जूतों, अंत:वस्त्रों, रोजमर्रा इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं आदि पर विभिन्न देशों के ध्वजों, प्रतीक चिह्नों, सम्माननीय नेताओं आदि की तस्वीरें धारण करना नए फैशन का रूप ले चुका है। अमेजन कंपनी इस प्रवृत्ति में दो कदम और आगे बढ़ गई। मगर किसी कंपनी को सिर्फ इसलिए किसी देश के राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करने का हक नहीं मिल जाता कि फैशन के चलते उसकी मांग अधिक है। पायदान के रूप में किसी देश के ध्वज के इस्तेमाल को प्रोत्साहन देना कौन-सी कारोबारी नैतिकता हो सकती है? क्या अमेजन को यह पता नहीं होगा कि किसी देश के ध्वज को पैरों के नीचे रखना उसका अपमान है। क्या ऐसा ही वह कनाडा, अमेरिका आदि देशों के झंडों के मामले में कर सकती है?
अमेजन का यह अकेला उत्पाद नहीं है, जिसमें भारतीय ध्वज का इस्तेमाल हुआ है। भारतीय तिरंगे वाले कच्छे, बनियान, तैराकी में इस्तेमाल होने वाले वस्त्र आदि अब भी उसकी कनाडा वाली वेबसाइट पर मौजूद हैं। हमारे यहां योग दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री के तिरंगा गमछे से पसीना पोंछने तक पर लोगों ने आपत्ति जताई थी। पायदान बेचने से पहले अमेजन ने भारतीय ध्वज के इस्तेमाल से जुड़े नियम-कायदों के बारे में जानकारी जुटाना जरूरी क्यों नहीं समझा? राष्ट्रीय ध्वज के इस्तेमाल को लेकर सख्त नियम-कायदे हैं। उसेसपैरों के नीचे आने देने या ऐसे काम में इस्तेमाल करने की सख्त मनाही है, जिससे उसका अपमान होता हो। फिर अमेजन ने जान-बूझ कर ऐसा क्यों किया? भले उसने सुषमा स्वराज के सख्त एतराज पर तिरंगे वाले पायदान की बिक्री रोक दी है, मगर भारत सरकार की तरफ से उसे स्पष्ट संदेश मिलना चाहिए कि वह दूसरी वस्तुओं पर भी तिरंगे का इस्तेमाल न करे, जिनके उपयोग से राष्ट्रीय ध्वज का अपमान होता हो।

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