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संपादकीयः आतंक की सूची

अमेरिका ने मुंबई हमले के असली सूत्रधार हाफिज सईद और उसके नेटवर्क को बड़ा झटका देते हुए उसकी पार्टी मिल्ली मुसलिम लीग (एमएमएल) को विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया है।
Author April 5, 2018 02:58 am
हाफिज सईद

अमेरिका ने मुंबई हमले के असली सूत्रधार हाफिज सईद और उसके नेटवर्क को बड़ा झटका देते हुए उसकी पार्टी मिल्ली मुसलिम लीग (एमएमएल) को विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया है। गौरतलब है कि एमएमएल हाफिज के संगठन जमात-उद-दावा (जेयूडी) की राजनीतिक इकाई है। अमेरिका ने यह कदम ऐसे वक्त उठाया है जब पाकिस्तान में जुलाई में होने वाले आम चुनाव के लिए कई पार्टियां अपना पंजीकरण कराने में लगी हैं। जाहिर है इसके बाद अब एमएमएल को पाकिस्तानी चुनाव आयोग में अपने को राजनीतिक दल के तौर पर पंजीकृत करा पाने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। अमेरिका की यह कार्रवाई इस लिहाज से भी महत्त्वपूर्ण है कि पाकिस्तान शुरू से ही हाफिज सईद और उसकी गतिविधियों को ‘आतंकवाद’ से जुड़ा मानने से इनकार करता रहा है और उसे संरक्षण प्रदान करता रहा है। यह कार्रवाई भारत के उन आरोपों को भी पुष्ट करती है कि आतंकवाद फैलाने वाले पाकिस्तान में ही मौजूद हैं जिन्हें वहां की सेना, आइएसआइ और सरकार का संरक्षण मिला हुआ है।

अमेरिका इस बात को भलीभांति जानता-समझता है कि पाकिस्तान आतंकवादियों को प्रशिक्षण और हथियार मुहैया कराता है और उन्हें पनाह देता है। पाकिस्तान में मौजूद आतंकी संगठनों के बड़े ठिकाने खुद अमेरिका के लिए सिरदर्द बने हुए हैं। दूसरी ओर, उसे पूरी दुनिया में इस बात के लिए भी आलोचना का शिकार होना पड़ रहा है कि सब कुछ जानते-बूझते भी वह पाकिस्तान को भारी सैन्य और आर्थिक मदद देता है, जबकि पाकिस्तान इसका इस्तेमाल आतंकवाद फैलाने में करता है, खासतौर से भारत के खिलाफ। लंबे समय से कश्मीर सहित भारत के अलग-अलग इलाकों में आतंकवादी हमलों को अंजाम ऐसे आतंकी संगठन ही दे रहे हैं। भारत ने भी समय-समय पर इसे लेकर अमेरिका के सामने आपत्ति दर्ज कराई है और पाकिस्तान के विरुद्ध कठोर कदम उठाने को कहा है। अब जाकर एमएमएल के अलावा अमेरिका ने तहरीक-ए-आजादी-ए-कश्मीर (टीएजेके) को भी आतंकवादी समूहों की सूची में शामिल किया है। यह संगठन भी लश्कर-ए-तैयबा का ही है।

यों यह जगजाहिर है कि पाकिस्तान सरकार और वहां की सेना की मर्जी के बिना कोई आतंकी संगठन अपनी गतिविधियां नहीं चला सकता। पाकिस्तान ने तो हाफिज सईद को आतंकी मानने से ही इनकार कर दिया था। अमेरिका की इस कार्रवाई के बाद वह हाफिज जैसे आतंकी सरगनाओं को अब कैसे बचाएगा, यह देखने वाली बात है। अस्सी के दशक में लश्कर-ए-तैयबा नाम का आतंकी संगठन हाफिज ने ही बनाया था, जिसका काम अफगानिस्तान में सोवियत फौज से निपटना था। बाद में पाकिस्तान ने इसका इस्तेमाल भारत के खिलाफ कश्मीर में करना शुरू कर दिया। भारत में संसद पर हमले और मुंबई हमला भी लश्कर-ए-तैयबा ने कराया था। न्यूयार्क पर 2001 के आतंकी हमले के बाद अमेरिका सहित भारत, ब्रिटेन, यूरोपीय संघ और रूस ने भी लश्कर को आतंकी संगठन घोषित कर दिया था। हालांकि पाकिस्तान ने भी इस पर प्रतिबंध लगाया, लेकिन साथ ही मुखौटा संगठन के रूप में जमात-उद-दावा जैसा संगठन खड़ा करवा दिया। बाद में अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र ने जेयूडी को भी आतंकी संगठन घोषित किया। यह किसी से छिपा नहीं है कि हाफिज सईद नए-नए नाम से संगठन बना कर अपनी गतिविधियों को संचालित करता रहता है। ऐसे में देखना है कि अमेरिका की ताजा कवायद के बाद पाकिस्तान क्या रुख अपनाता है!

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