ताज़ा खबर
 

संपादकीयः कामयाबी का परीक्षण

अब इसमें कोई दो राय नहीं कि भारत दुनिया के उन चुनिंदा ताकतवर मुल्कों की जमात में शामिल है, जिनके पास परमाणु हथियार ले जाने वाली मिसाइलें हैं।

Author February 8, 2018 5:48 AM
ओड़ीशा तट के पास एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप पर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज से अग्नि-एक और पृथ्वी-दो मिसाइल का सफल परीक्षण कर भारतीय सेना ने अपनी ताकत का संदेश दिया है।

अब इसमें कोई दो राय नहीं कि भारत दुनिया के उन चुनिंदा ताकतवर मुल्कों की जमात में शामिल है, जिनके पास परमाणु हथियार ले जाने वाली मिसाइलें हैं। पिछले दो दिन के भीतर ओड़ीशा तट के पास एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप पर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज से अग्नि-एक और पृथ्वी-दो मिसाइल का सफल परीक्षण कर भारतीय सेना ने अपनी ताकत का संदेश दिया है। हालांकि ये कोई नई मिसाइलें नहीं हैं और पहली बार इनका परीक्षण नहीं हुआ है। सेना समय-समय पर अपनी तैयारियों को मजबूत करने के इरादे से इस तरह के मिसाइल परीक्षण करती रहती है। अग्नि-एक और पृथ्वी-दो सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलें हैं और एक हजार किलो तक के परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम हैं। अग्नि-एक सात सौ किलोमीटर से ज्यादा तक मार कर सकती है, जबकि पृथ्वी-दो साढ़े तीन सौ किलोमीटर तक लक्ष्य को भेद सकती है। अग्नि शृंखला की मिसाइलों के अब तक पांच संस्करण आ चुके हैं और छठे पर काम चल रहा है।

भारत के दो पड़ोसी देश- पाकिस्तान और चीन मिसाइल ताकत संपन्न देश हैं। भारत को सबसे ज्यादा चुनौती भी इन्हीं दोनों देशों से है। दोनों देशों के साथ समय-समय पर हुए युद्ध और चलते रहने वाले विवाद इस बात की जरूरत को रेखांकित करते रहे हैं कि हम अपनी सैन्य ताकत को न केवल बढ़ाते रहें, बल्कि उसे अत्याधुनिक भी बनाएं। भारत में मिसाइल विकास का जिम्मा रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) का है, जो मिसाइलें विकसित करता है और उन्हें तैयार कर सेना को सौंपता है। पिछले महीने अग्नि-पांच का जो सफल परीक्षण किया गया था, उसने भारत की रक्षा ताकत को नया आयाम दिया। अग्नि-पांच भारत की पहली अंतर महाद्वीपीय मिसाइल है, जो एक टन परमाणु हथियार ले जाने वाली सबसे ताकतवर मिसाइल है। बेजिंग जैसे शहर तक इसकी जद में हैं। अग्नि-पांच की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसे रेल, सड़क या हवाई मार्ग से कहीं भी लाया-ले जाया जा सकता है। इसे देश के किसी भी कोने में तैनात किया जा सकता है। इस मिसाइल से पूरा एशिया, अफ्रीका और यूरोप तक भारत के निशाने पर आ जाएंगे। अग्नि शृंखला की मिसाइलों, खासतौर से अग्नि-पांच ने भारतीय सेना की ताकत को कई गुना बढ़ाया है। यह हमारे वैज्ञानिकों के समर्पण का परिणाम है। इससे भारत सामरिक तौर पर मजबूत हुआ है।

आज दुनिया भारत की जो सैन्य शक्ति देख रही है उसके पीछे सबसे बड़ी बात भारत के पास अत्याधुनिक मिसाइलों का होना है। सैन्य ताकत में भारत अपने पड़ोसी देशों से कहीं कम नहीं है। सेना और राजनीतिक नेतृत्व की ओर से भी देश को हमेशा इस बात का अहसास कराया जाता रहा है। सेना प्रमुख भी जब-तब कहते रहे हैं कि भारत किसी भी चुनौती का मुकाबला करने को हमेशा तैयार है। दरअसल, चीन और पाकिस्तान जिस तेजी से अपने मिसाइल विकास कार्यक्रम को बढ़ा रहे हैं, उसके मद्देनजर भारत के लिए यह अपरिहार्य हो जाता है कि वह भी अपने मिसाइल विकास कार्यक्रम को नई ऊंचाइयां दे। हमारे रक्षा विशेषज्ञों और वैज्ञानिकों के लिए यही बड़ी चुनौती है। हालांकि भारत दुनिया का शांतिप्रिय देश है, पर मिसाइलों के विकास की जरूरत वक्त का तकाजा भी है। सैन्य हथियारों का अत्याधुनिक जखीरा युद्ध की स्थितियों से सुरक्षा का भरोसा जगाता है। इस लिहाज से यह परीक्षण निस्संदेह सैन्य आत्मविश्वास को बढ़ाने वाला है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App