ताज़ा खबर
 

मैरीकॉम-सरिता विश्व चैम्पियनशिप में हारे, रियो के लिए क्वॉलीफाई करने में विफल

लंदन ओलंपिक 2012 में कांस्य पदक जीतने वाली मैरीकॉम (51 किग्रा) दूसरे राउंड में जर्मनी की अजीजे निमानी से 0-2 से पराजित हो गई।

Author अस्ताना (कजाखस्तान) | May 21, 2016 21:15 pm
ओलंपिक कांस्य पदक विजेता मैरीकोम। (पीटीआई फाइल फोटो)

पांच बार की विश्व चैम्पियन एमसी मैरीकोम और एशियाई खेलों की कांस्य पदक विजेता एल सरिता देवी को शनिवार (21 मई) को यहां एआईबीए महिला विश्व मुक्केबाजी चैम्पियनशिप में अपने अपने दूसरे दौर के मुकाबलों में शिकस्त का सामना करना पड़ा जिससे वे ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने में नाकाम रही। लंदन ओलंपिक 2012 में कांस्य पदक जीतने वाली मैरीकोम (51 किग्रा) को दूसरे दौर में जर्मनी की एजिज निमानी के खिलाफ 0-2 से शिकस्त झेलनी पड़ी जबकि सरिता (60 किग्रा) को विक्टोरिया टोरेस के खिलाफ 0-3 से हार का सामना करना पड़ा। इस प्रतियोगिता से ओलंपिक वर्गों के सेमीफाइनल में प्रवेश करने वाले मुक्केबाज ही रियो के लिए क्वालीफाई करेंगे। ओलंपिक के लिए अब भारत की एकमात्र उम्मीद पूजा रानी (75 किग्रा) बची हैं जो प्री क्वार्टर फाइनल में जगह बना चुकी हैं।

लंदन ओलंपिक 2012 में कांस्य पदक जीतने वाली मैरीकॉम (51 किग्रा) दूसरे राउंड में जर्मनी की अजीजे निमानी से 0-2 से पराजित हो गई। वह इस प्रतियोगिता में सेमीफाइनल में पहुंचकर रियो खेलों के लिए कोटा हासिल कर सकती थीं। निमानी अब इटली की शीर्ष वरीय डेविडे मार्जिया से भिड़ेंगी जिन्होंने हंगरी की कैटलिन एनसिन को शिकस्त दी।

रोमांचक मुकाबले में मैरीकॉम ने आक्रामक शुरुआत की लेकिन निमानी ने दूर से लड़ते हुए उन्हें दूर रखने में सफलता हासिल की। बल्कि निमानी ने शुरुआती दो मिनट में भारतीय मुक्केबाज के खिलाफ किसी तरह के आक्रमण का प्रयास नहीं किया लेकिन वह कुछ बेहतरीन काउंटर पंच मारकर बढ़त हासिल करने में सफल रही। दूसरे राउंड में भी मैरीकॉम ने आक्रामकता जारी रखी, उन्होंने बेहतर तरीके से पंच लगाए लेकिन जजों से अंक हासिल करने में असफल रही, जिन्होंने स्पिल्ट फैसले में निमानी के हक में निर्णय किया।

निमानी ने अपनी रणनीति पर काम करते हुए मैरीकॉम को गार्ड नीचे करने के लिए बाध्य कर दिया। निमानी की रक्षात्मक रणनीति से मैरीकाम निराश हो गई। अंत में स्पिल्ट वोट पर निमानी को विजेता घोषित किया गया। यह टूर्नामेंट महिला मुक्केबाजों के लिए 51 किग्रा, 60 किग्रा और 75 किग्रा वर्ग में रियो ओलंपिक का टिकट हासिल करने का अंतिम क्वालीफाइंग टूर्नामेंट है।

मैरीकोम ने कहा, ‘मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया। जीतना और हारना खेल का हिस्सा है। इस फैसले से मुझे चोट पहुंची है लेकिन यह मेरे हाथ में नहीं है। मुझे सच्ची खेल भावना के साथ जजों के फैसले का सम्मान करना होगा।’ मैरीकोम के पास हालांकि रियो में जगह बनाने का मामूली सा मौका है और यह उनके वर्ग के पदक विजेताओं पर निर्भर करेगा। लेकिन फिलहाल यह काफी जटिल नजर आता है। निमानी को अगले दौर में इटली की शीर्ष वरीय डेविड मर्जिया का सामना करना है जिन्होंने हंगरी की कैटलिन एंकसिन को हराया।

शाम के सत्र में सरिता ने टोरेस के खिलाफ ठोस शुरुआत की लेकिन मैक्सिको की खिलाड़ी ने धीरे धीरे दबदबा बनाते हुए मैच जीत लिया। दोनों मुक्केबाजों ने एक दूसरे पर ताबड़तोड़ प्रहार किए और तीसरे दौर तक दोनों बुरी तरह थक चुकी थी। सरिता पहले दो दौर में खंडित फैसले से आगे चल रही थी लेकिन टोरेस ने अंतिम दौर में वापसी करते हुए जीत दर्ज की। यह टूर्नामेंट तीन ओलंपिक वर्गों 51 किग्रा, 60 किग्रा और 75 किग्रा के लिए अंतिम क्वालीफाइंग प्रतियोगिता है और इसके जरिए 12 मुक्केबाजों को ओलंपिक टिकट मिलेगा।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App