2016 के बाद क्रिकेट को अलविदा कहेंगे मुर्तजा! - Jansatta
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2016 के बाद क्रिकेट को अलविदा कहेंगे मुर्तजा!

बांग्लादेश के कप्तान मशरेफी मुर्तजा ने आज संकेत दिये कि वह 2016 के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह सकते हैं और आईसीसी विश्व टी20 उनका संभवत: आखिरी वैश्विक टूर्नामेंट होगा।

Author मीरपुर | March 4, 2016 11:51 PM
बांग्लादेश के कप्तान मशरेफी मुर्तजा (फाइल फोटो)

बांग्लादेश के कप्तान मशरेफी मुर्तजा ने आज संकेत दिये कि वह 2016 के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह सकते हैं और आईसीसी विश्व टी20 उनका संभवत: आखिरी वैश्विक टूर्नामेंट होगा।

मुर्तजा से पूछा गया कि क्या उन्होंने 2017 में आईसीसी चैंपियन्स ट्रॉफी या 2018 में विश्व टी20 में खेलने को अपना लक्ष्य बनाया हैं तो उन्होंने कहा कि वह अब लंबे समय तक टीम में नहीं बने रहना चाहते हैं. इस 32 वर्षीय खिलाड़ी ने शेर ए बांग्ला स्टेडियम में प्रैक्टिस सेशन के बाद कहा, ‘‘मैं ऐसा नहीं मानता। एक बात पक्की है कि मैं लंबे समय तक नहीं खेलूंगा. खुदा का शुक्र रहा और यदि मैं फिट रहा तो 2016 के पूरे साल खेलना चाहूंगा। इसके बाद मुझे नहीं लगता कि लंबे समय तक कोई बड़ी वैश्विक प्रतियोगिता है। ’’

उनका मानना है कि करियर को लेकर फैसले चाहे बड़े हों या छोटे वे स्वाभाविक होते हैं। मुर्तजा ने कहा, ‘‘बहुत छोटी उम्र से मैं एक सहज प्रवृति का इंसान रहा हूं. मैं वर्तमान में जीता हूं। हां जब भी मैं कोई बड़ा फैसला करूंगा तो मेरे परिवार से पहले मेरी टीम के साथियों को उसका पता चलेगा क्योंकि वह क्रिकेट से जुड़ा फैसला होगा। जब भी मैं कोई बड़ा फैसला करूं तो यह सुनिश्चित करना चाहूंगा कि वह सभी के अनुकूल हो। ’’

बांग्लादेश की टीम में मुर्तजा एकमात्र ऐसे खिलाड़ी हैं जो 15 साल से भी अधिक समय से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल रहे हैं और इसलिए वह सभी के लिये बड़े भाई जैसे हैं। उनके सीनियर की अगली पीढ़ी के खिलाड़ियों शाकिब अल हसन, तमीम इकबाल और मुशफिकर रहीम से अच्छे संबंध हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘अब वे अपनी जिम्मेदारी समझते हैं। यहां तक कि यदि वे लगातार दस मैच में हार भी जाते हैं तब भी उनका इरादा बांग्लादेश को जीत दिलाना होता है. हम ऐसे खिलाड़ी को टीम में बनाये रखते हैं। ’’ टीम का सीनियर खिलाड़ी होने के नाते मुर्तजा नहीं चाहते कि बांग्लादेश के क्रिकेट प्रशंसक भारत के खिलाफ होने वाले एशिया कप फाइनल को ‘जंग’ की तरह नहीं समझें भले ही भावनात्मक ज्वार उमड़ रहा होगा।

उन्होंने कहा, ‘‘असल में भावनाओं का अनुमान लगाना मुश्किल होता है लेकिन एक क्रिकेट मैच निश्चित तौर पर जंग नहीं है. किसी को भी यह पता होना चाहिए कि मैच के बाद सभी खिलाड़ी एक ही होटल में ठहरते हैं, एक दूसरे से बात और हंसी मजाक करते हैं। इसलिए मुझे निजी तौर पर क्रिकेट की तुलना जंग से करना पसंद नहीं है। भारतीय टीम में युवराज मेरा करीबी मित्र है. मेरे हरभजन के साथ भी अच्छे रिश्ते हैं। ’’

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