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वाल्मीकि रामायण में नहीं है लक्ष्मण रेखा का जिक्र, राम ने नहीं खाए थे जूठे बेर

दक्षिण की सबसे चर्चित कंब रामायण में भी रावण झोपड़ी...

सीता का हरण कैसे हुआ। उसके पीछे क्या वजह थी ? रामायण का यह सवाल पूछेंगे, तो अधिकतर लोग लक्ष्मण रेखा पार करने को वजह बताएंगे। मगर असलियत कुछ और है। वाल्मीकि रामायण में लक्ष्मण रेखा का जिक्र नहीं है। जी, सही पढ़ा। वाल्मीकि रामायण में लक्ष्मण रेखा का उल्लेख नहीं है। तुलसी की मानस में भी इस बारे में कुछ नहीं है। हां, मंदोदरी एक स्थान पर इसका इशारा करती हैं, लेकिन उस पर ध्यान नहीं दिया गया।

दक्षिण की सबसे चर्चित कंब रामायण में भी रावण झोपड़ी उठा ले जाता है। बंगाल के काले जादू वाले काल में कृतिवास रामायण में तंत्रमंत्र के प्रभाव में लक्ष्मण रेखा की बात की गई। रामानंद सागर के सीरियल ने इसका जिक्र है। आदर्श नारी की परिभाषा बताने वाले कथा वाचकों ने इसे खूब फैलाया और तब जाकर सीता हरण की वजह मिली थी।

वहीं, यह भी कहा जाता है कि राम ने शबरी के झूठे बेर खाए थे। वाल्मीकि रामायण और रामचरित मानस में राम शबरी के जूठे बेर नहीं खाते हैं, बल्कि वह उनके यहां जाकर बेर खाते हैं। जूठे बेर की बात 18 वीं सदी के कवि प्रियदास के काव्य में है। गीता प्रेस से निकलने वाली कल्याण के 1952 में आए अंक से बात लोकप्रिय हुई। फिर रामलीला का हिस्सा बनी।

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